मिस्र की जल सुरक्षा पर राष्ट्रपति अल-सीसी की कड़ी चेतावनी, GERD विवाद पर अटल रुख
सारांश
मुख्य बातें
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने 25 अक्टूबर 2026 को काहिरा में आयोजित नौवें काहिरा वॉटर वीक के उद्घाटन पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि मिस्र की जल सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने रेखांकित किया कि मिस्र की भौगोलिक विशिष्टता और नील नदी पर अत्यधिक निर्भरता इसे एक अनूठी और अत्यंत संवेदनशील जल चुनौती से जोड़ती है।
नील नदी और मिस्र की जल निर्भरता
अल-सीसी ने अपने रिकॉर्डेड संबोधन में बताया कि नील नदी मिस्र के नवीकरणीय जल संसाधनों का 98 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्रदान करती है। यह आँकड़ा इस बात को रेखांकित करता है कि किसी भी ऊपरी प्रवाह परियोजना का प्रभाव मिस्र के लिए अस्तित्वगत महत्व रखता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, परामर्श, समन्वय, अच्छी पड़ोसी भावना और किसी को नुकसान न पहुँचाने के सिद्धांत के आधार पर नील बेसिन के अन्य देशों के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई।
सहयोग की अपील, लेकिन समझौते से इनकार
राष्ट्रपति ने कहा, 'मिस्र नील बेसिन के सभी देशों के विकास के अधिकार का सम्मान करता है और उसका समर्थन करता है।' उन्होंने दक्षिणी और पूर्वी नील बेसिन देशों के साथ ऊर्जा, कृषि और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग को मज़बूत करने की इच्छा भी ज़ाहिर की — विशेष रूप से ऐसे तरीके से जो मिस्र, सूडान और इथियोपिया तीनों के हितों की पूर्ति करे।
हालाँकि, उन्होंने तीखे शब्दों में कहा: 'जो कोई यह दांव लगाए कि मिस्र यथास्थिति को स्वीकार कर लेगा या अपनी जल सुरक्षा से समझौता करेगा, वह दांव हार जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य मिस्र के लोगों के हितों की रक्षा की अपनी ज़िम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटेगा।
GERD विवाद की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम (GERD) को लेकर तनाव बना हुआ है। इथियोपिया ने सितंबर 2025 में इस बांध का आधिकारिक उद्घाटन किया था। काहिरा और खार्तूम ने बांध भरने और संचालन को नियंत्रित करने वाले नियमों पर बाध्यकारी कानूनी समझौते की माँग को लेकर वर्षों से त्रिपक्षीय वार्ता जारी रखी है, लेकिन यह वार्ता अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकी है। इथियोपिया का पक्ष है कि यह जलविद्युत परियोजना उसकी बिजली ज़रूरतें पूरी करेगी और निचले प्रवाह वाले देशों को कोई नुकसान नहीं होगा।
काहिरा वॉटर वीक और वैश्विक संदर्भ
नौवाँ काहिरा वॉटर वीक 'शांति, साझा समृद्धि और एक सतत ग्रह के लिए उत्प्रेरक के रूप में जल' विषय पर आयोजित किया गया है। यह पाँच दिवसीय आयोजन गुरुवार तक चलेगा, जिसमें 130 से अधिक सत्र होंगे। इनमें जल सुरक्षा, क्षमता निर्माण और दिसंबर 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित होने वाले 2026 संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि यह मंच मिस्र के लिए वैश्विक स्तर पर अपनी जल चिंताओं को उठाने का प्रमुख अवसर बन गया है।
आगे की राह
अल-सीसी ने नील बेसिन की क्षमता को ऐसी साझेदारियों में बदलने का आह्वान किया जो साझा लाभों को अधिकतम करें, सभी देशों के अधिकारों की रक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि नील बेसिन अपने सभी लोगों के लिए विकास, समृद्धि और स्थिरता का स्रोत बना रहे। GERD पर बाध्यकारी समझौते के बिना, क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेत फिलहाल कम दिखते हैं।