25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईयू के ईरान पर नए प्रतिबंध: तेहरान ने कहा — मानवाधिकार पर दोहरा मापदंड अपना रहा यूरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईयू के ईरान पर नए प्रतिबंध: तेहरान ने कहा — मानवाधिकार पर दोहरा मापदंड अपना रहा यूरोप

सारांश

ईयू ने ईरानी न्यायाधीशों और एक साइबर समूह पर नए मानवाधिकार प्रतिबंध लगाए — और तेहरान ने पलटवार करते हुए यूरोप पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप जड़ दिया। मानवाधिकार बनाम सैन्य समर्थन की यह बहस पश्चिम-ईरान तनाव की गहरी खाई को उजागर करती है।

मुख्य बातें

यूरोपीय संघ ने 25 जुलाई 2025 को ईरान के न्यायाधीशों और एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर नए मानवाधिकार प्रतिबंध लगाए।
प्रतिबंधित न्यायाधीशों पर राजनीतिक असंतुष्टों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई में संलिप्तता का आरोप है।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने एक्स पर पोस्ट कर ईयू पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप लगाया।
बाघेई ने कहा कि ईयू कथित तौर पर ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देता है।
ईयू विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने एक्स पर पोस्ट कर इन प्रतिबंधों की घोषणा की थी।

यूरोपीय संघ (ईयू) ने 25 जुलाई 2025 को ईरान के उन न्यायाधीशों और एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर नए प्रतिबंध लगाए, जिन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों में संलिप्तता का आरोप है। इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ईयू पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यूरोप एक तरफ मानवाधिकारों की दुहाई देता है, दूसरी तरफ ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को कथित तौर पर तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देता है।

ईयू के नए प्रतिबंध: क्या है दायरा

ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने शुक्रवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इन प्रतिबंधों की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान में अपने ही नागरिकों के खिलाफ हो रही कार्रवाई और मानवाधिकार स्थिति को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

नए प्रतिबंधों के दायरे में वे ईरानी न्यायाधीश आते हैं जिन पर राजनीतिक असंतुष्टों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिस पर ईरानी शासन को सूचना नियंत्रण और दमनात्मक गतिविधियों में सहायता पहुँचाने का आरोप है।

तेहरान की तीखी प्रतिक्रिया

इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "यूरोपीय संघ मानवाधिकारों को लेकर कोई विश्वसनीय दावा नहीं कर सकता, जबकि वह ईरान के खिलाफ होने वाले ऐसे सैन्य हमलों को, जिनमें आम नागरिकों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाता है, कथित रूप से तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देता है।"

बाघेई ने यह भी आरोप लगाया कि ईयू कथित युद्ध अपराधों की निंदा करने से बचता है और अमेरिकी तथा इजरायली बमबारी व मिसाइल हमलों में मारे गए ईरानी बच्चों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाता। उन्होंने ईयू के इस रुख को 'दोहरे मापदंड' का स्पष्ट उदाहरण बताया।

विवाद की पृष्ठभूमि

बाघेई की यह टिप्पणी काजा कालास के उस बयान के सीधे जवाब में आई, जिसमें उन्होंने ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता जताई थी। गौरतलब है कि ईयू और ईरान के बीच मानवाधिकार, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय भू-राजनीति को लेकर तनाव लंबे समय से बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में सशस्त्र संघर्ष जारी है और ईरान पर पश्चिमी देशों का कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

ईयू का रुख और आगे की राह

यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे तेहरान देश के भीतर कार्रवाई तेज कर रहा है, वह मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। ब्लॉक ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों के बीच भी ईरान में नागरिकों की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की स्थिति पर उसकी नज़र बनी रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच यह कूटनीतिक तनाव निकट भविष्य में कम होने की संभावना नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या न्यायाधीशों और एक साइबर ऑपरेटर को निशाना बनाने से ईरान के भीतर व्यवहार बदलेगा — जबकि व्यापक आर्थिक प्रतिबंध पहले से मौजूद हैं। बाघेई का 'दोहरे मापदंड' वाला तर्क कूटनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन यह एक असली विरोधाभास को उजागर भी करता है: पश्चिमी देश एक साथ मानवाधिकार की वकालत और क्षेत्रीय सैन्य गठबंधनों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि ये लक्षित प्रतिबंध ईयू की ईरान नीति के व्यापक ढाँचे में कितने सीमित औज़ार हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईयू ने ईरान पर नए प्रतिबंध क्यों लगाए?
यूरोपीय संघ ने ईरान के उन न्यायाधीशों पर प्रतिबंध लगाए हैं जिन पर राजनीतिक असंतुष्टों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों में शामिल होने का आरोप है। एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर भी प्रतिबंध लगाया गया है जिसने कथित तौर पर ईरानी शासन को दमनात्मक गतिविधियों में सहायता दी।
इस्माइल बाघेई ने ईयू पर क्या आरोप लगाए?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईयू एक तरफ मानवाधिकारों की दुहाई देता है और दूसरी तरफ कथित तौर पर ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देता है। उन्होंने इसे 'दोहरे मापदंड' का उदाहरण बताया।
काजा कालास ने ईरान पर क्या कहा?
ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान में नागरिकों के खिलाफ हो रही कार्रवाई और मानवाधिकार स्थिति को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने ईयू के प्रतिबंध के फैसले की जानकारी दी।
ईयू के प्रतिबंधों में साइबर समूह क्यों शामिल है?
ईयू ने एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर इसलिए प्रतिबंध लगाया क्योंकि उस पर ईरानी शासन को सूचना नियंत्रण और दमनात्मक गतिविधियों में तकनीकी सहायता पहुँचाने का आरोप है। यह कदम ईयू की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत वह ईरान में मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना चाहता है।
ईयू और ईरान के बीच यह विवाद आगे कहाँ जाएगा?
ईयू ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान में मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक तनाव निकट भविष्य में कम होने की संभावना नहीं है, खासकर जब मध्य पूर्व में सशस्त्र संघर्ष जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले