ईयू के ईरान पर नए प्रतिबंध: तेहरान ने कहा — मानवाधिकार पर दोहरा मापदंड अपना रहा यूरोप
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय संघ (ईयू) ने 25 जुलाई 2025 को ईरान के उन न्यायाधीशों और एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर नए प्रतिबंध लगाए, जिन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों में संलिप्तता का आरोप है। इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ईयू पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यूरोप एक तरफ मानवाधिकारों की दुहाई देता है, दूसरी तरफ ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को कथित तौर पर तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देता है।
ईयू के नए प्रतिबंध: क्या है दायरा
ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने शुक्रवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इन प्रतिबंधों की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान में अपने ही नागरिकों के खिलाफ हो रही कार्रवाई और मानवाधिकार स्थिति को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
नए प्रतिबंधों के दायरे में वे ईरानी न्यायाधीश आते हैं जिन पर राजनीतिक असंतुष्टों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा एक साइबर समूह के प्रमुख सदस्य पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिस पर ईरानी शासन को सूचना नियंत्रण और दमनात्मक गतिविधियों में सहायता पहुँचाने का आरोप है।
तेहरान की तीखी प्रतिक्रिया
इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "यूरोपीय संघ मानवाधिकारों को लेकर कोई विश्वसनीय दावा नहीं कर सकता, जबकि वह ईरान के खिलाफ होने वाले ऐसे सैन्य हमलों को, जिनमें आम नागरिकों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाता है, कथित रूप से तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देता है।"
बाघेई ने यह भी आरोप लगाया कि ईयू कथित युद्ध अपराधों की निंदा करने से बचता है और अमेरिकी तथा इजरायली बमबारी व मिसाइल हमलों में मारे गए ईरानी बच्चों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाता। उन्होंने ईयू के इस रुख को 'दोहरे मापदंड' का स्पष्ट उदाहरण बताया।
विवाद की पृष्ठभूमि
बाघेई की यह टिप्पणी काजा कालास के उस बयान के सीधे जवाब में आई, जिसमें उन्होंने ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता जताई थी। गौरतलब है कि ईयू और ईरान के बीच मानवाधिकार, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय भू-राजनीति को लेकर तनाव लंबे समय से बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में सशस्त्र संघर्ष जारी है और ईरान पर पश्चिमी देशों का कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
ईयू का रुख और आगे की राह
यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे तेहरान देश के भीतर कार्रवाई तेज कर रहा है, वह मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में कदम उठाता रहेगा। ब्लॉक ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों के बीच भी ईरान में नागरिकों की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की स्थिति पर उसकी नज़र बनी रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच यह कूटनीतिक तनाव निकट भविष्य में कम होने की संभावना नहीं है।