EU ने पाकिस्तानी चावल की खेपें कीटनाशक अधिकता पर लौटाईं, बांग्लादेश 50,000 टन आयात की तैयारी में
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय संघ (EU) ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर पाकिस्तान से आई चावल की कई खेपों को अस्वीकार कर दिया है, जिनमें कीटनाशक अवशेष निर्धारित अधिकतम सीमा (MRL) से अधिक पाए गए। इसी बीच, बांग्लादेश सरकार सार्वजनिक खाद्यान्न भंडार को सुदृढ़ करने और घरेलू बाज़ार में चावल की कीमतें स्थिर रखने के लिए पाकिस्तान से 50,000 मीट्रिक टन चावल आयात करने की तैयारी में है। यह खरीद सरकार-से-सरकार (G2G) समझौते के तहत होगी, जिस पर जुलाई 2025 के पहले सप्ताह में हस्ताक्षर होने की संभावना है।
EU ने क्यों लौटाई पाकिस्तानी चावल की खेपें
'लिस्बन पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, EU द्वारा अस्वीकृत अधिकांश खेपों में कीटनाशकों के अवशेष EU की मैक्सिमम रेजिड्यू लिमिट्स (MRL) से अधिक पाए गए। EU दुनिया के सबसे कठोर खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करता है, जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को कृषि रसायनों के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों से बचाना है।
रिपोर्ट के अनुसार, EU में आयात होने वाले प्रत्येक खाद्य उत्पाद की प्रयोगशाला में जाँच अनिवार्य है। यदि किसी खेप में MRL का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसे प्रवेश से वंचित कर निर्यातक देश को वापस भेज दिया जाता है या नष्ट कर दिया जाता है।
अफ्लाटॉक्सिन और अन्य गंभीर खामियाँ
कीटनाशकों के अलावा, कुछ पाकिस्तानी चावल की खेपों में अफ्लाटॉक्सिन संदूषण भी पाया गया। अफ्लाटॉक्सिन एक विषैला तत्व है, जो खराब भंडारण, परिवहन या प्रसंस्करण के दौरान फफूंद से अनाज में विकसित हो सकता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से लीवर को नुकसान और लीवर कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
इसके अतिरिक्त, कुछ मामलों में दस्तावेज़ों की कमी, उत्पाद की ट्रेसबिलिटी में खामियाँ, गलत लेबलिंग और सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी (SPS) नियमों का पालन न करने के कारण भी खेपें अस्वीकृत की गईं।
बांग्लादेश का आयात सौदा और खाद्य सुरक्षा चिंताएँ
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश अपने सार्वजनिक खाद्यान्न भंडार में वृद्धि और घरेलू चावल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए पाकिस्तान के साथ G2G समझौते पर आगे बढ़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि करोड़ों लोगों द्वारा प्रतिदिन उपभोग किए जाने वाले प्रमुख खाद्यान्न के आयात में केवल कीमत को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि बांग्लादेश में आने वाली प्रत्येक खेप की कीटनाशक अवशेष, अफ्लाटॉक्सिन, भारी धातुओं और अन्य संभावित प्रदूषकों के लिए व्यापक प्रयोगशाला जाँच की जानी चाहिए। गौरतलब है कि जिन आपूर्ति श्रृंखलाओं या निर्यातकों पर पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ चुके हों, उनसे आने वाले उत्पादों की स्वतंत्र गुणवत्ता जाँच और भी ज़रूरी हो जाती है।
आगे क्या होगा
बांग्लादेश-पाकिस्तान G2G चावल समझौते पर जुलाई 2025 के पहले सप्ताह में हस्ताक्षर होने की संभावना है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो बांग्लादेश की खाद्य सुरक्षा एजेंसियों पर यह दबाव होगा कि वे EU के मानकों के समकक्ष परीक्षण प्रोटोकॉल लागू करें — अन्यथा वही जोखिम जो यूरोप ने नकारे, वे बांग्लादेश के उपभोक्ताओं तक पहुँच सकते हैं।