होर्मुज स्ट्रेट में 'एवर लवली' जहाज पर अज्ञात हमला, 21 क्रू सुरक्षित; एमपीए ने बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
सारांश
मुख्य बातें
सिंगापुर में पंजीकृत कंटेनर जहाज 'एवर लवली' पर 26 जून 2025 को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय किसी अज्ञात वस्तु से हमला हुआ, जिससे जहाज के ब्रिज हिस्से को मामूली क्षति पहुँची। सिंगापुर के मैरीटाइम एंड पोर्ट अथॉरिटी (एमपीए) ने शुक्रवार को पुष्टि की कि जहाज पर सवार सभी 21 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज स्ट्रेट पार कर अपनी आगे की यात्रा जारी रखे हुए है।
घटना का विवरण
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने गुरुवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि जहाज को ओमान के दाहित इलाके से लगभग 7.5 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में उसके दाहिने हिस्से पर किसी अज्ञात चीज की टक्कर लगी। जहाज के कप्तान ने पुष्टि की कि क्रू के किसी सदस्य को चोट नहीं आई और पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं हुआ।
एमपीए की प्रतिक्रिया और कानूनी चिंता
एमपीए ने इस घटना को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। अधिकारियों ने कहा, "हम इस घटना को लेकर बहुत चिंतित हैं। यह हमला बिना किसी उकसावे के किया गया, इसका कोई जायज कारण नहीं था और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।" एमपीए ने स्पष्ट किया कि समुद्र में सभी कार्रवाइयाँ यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन लॉ ऑफ द सी (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप होनी चाहिए और नाविकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
ईरानी आईआरजीसी की चेतावनी
इस घटना के दिन ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए केवल वही मार्ग अधिकृत हैं जो ईरानी अधिकारियों ने निर्धारित किए हैं। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि इन तय मार्गों के अलावा किसी अन्य रास्ते से जहाजों की आवाजाही 'खतरनाक और प्रतिबंधित' है। यह बयान ऐसे समय में आया जब 'एवर लवली' पर हमले की खबरें सामने आ रही थीं।
जाँच और सतर्कता की अपील
यूकेएमटीओ ने बताया कि अधिकारी इस घटना की जाँच कर रहे हैं। संस्था ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दी है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग है — में तनाव पहले से ऊँचा बना हुआ है।
आगे क्या
एमपीए ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगा। आलोचकों का कहना है कि आईआरजीसी की चेतावनी और इस हमले का एक ही दिन सामने आना महज संयोग नहीं हो सकता, हालाँकि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।