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फ्लाइंग व्हेल्स भारत में बनाएगी एयरशिप मैन्युफैक्चरिंग हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने पेरिस में की अहम बैठक

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फ्लाइंग व्हेल्स भारत में बनाएगी एयरशिप मैन्युफैक्चरिंग हब, वित्त मंत्री सीतारमण ने पेरिस में की अहम बैठक

सारांश

फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स भारत को अपने 60 टन क्षमता वाले हीलियम-संचालित एयरशिप का वैश्विक निर्माण केंद्र बनाना चाहती है। वित्त मंत्री सीतारमण की पेरिस बैठक इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में फ्लाइंग व्हेल्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन से भारत में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने पर चर्चा की।
फ्लाइंग व्हेल्स का LCA60T एयरशिप करीब 200 मीटर लंबा है और एक बार में 60 टन माल ले जाने में सक्षम है।
2 अप्रैल 2025 को फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के BLP ग्रुप ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी, जो मोदी-मैक्रों शिखर वार्ता के दौरान हुई।
वित्त मंत्री ने GIFT सिटी IFSCA और MRO नियामकीय ढाँचे का लाभ उठाने का सुझाव दिया।
इसी दौरे में BNP पारिबा के यान जेरार्डिन से मुलाकात में 'विकसित भारत 2047' और बैंकिंग सुधार समिति पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 जुलाई 2025 को पेरिस में फ्रांसीसी एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन से मुलाकात की और भारत में कंपनी का संपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

बैठक में क्या हुई चर्चा

सेबेस्टियन बोगॉन ने वित्त मंत्री को फ्लाइंग व्हेल्स की वैश्विक सतत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की तकनीक दूर-दराज और भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) क्षेत्रों के आर्थिक विकास में सहायक है और माल ढुलाई के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव को भी उल्लेखनीय रूप से कम करती है। बोगॉन ने स्पष्ट किया कि फ्लाइंग व्हेल्स अपने विनिर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को भारत में स्थापित करना चाहती है और भारत को इस नई परिवहन तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रही है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कंपनी की भारत में निवेश की मंशा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत में फ्लाइंग व्हेल्स जैसी अग्रणी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं और कंपनी को देश के तेज़ी से विस्तार हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

GIFT सिटी और नियामकीय ढाँचे का ज़िक्र

वित्त मंत्री ने गुजरात के GIFT सिटी में स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (IFSCA) और जहाज तथा विमान लीजिंग एवं मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस (MRO) से जुड़े नियामकीय ढाँचे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फ्लाइंग व्हेल्स इस ढाँचे का लाभ उठाकर भारत में अपनी उपस्थिति को मज़बूत कर सकती है।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के BLP ग्रुप ने 2 अप्रैल 2025 को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी। इस घोषणा का उद्देश्य भारत में भारी माल ढुलाई करने वाले एयरशिप के निर्माण के लिए एक सुदृढ़ विनिर्माण इकोसिस्टम तैयार करना है। यह ऐतिहासिक घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिखर वार्ता के दौरान की गई थी। दोनों कंपनियों ने LCA60T एयरशिप को एशिया और मध्य-पूर्व के बाज़ारों के लिए भारत में असेंबल करने की योजना भी प्रस्तुत की थी।

LCA60T एयरशिप: क्या है यह तकनीक

करीब 200 मीटर लंबा और हीलियम गैस से संचालित LCA60T एक अत्याधुनिक कार्गो एयरशिप है, जो एक बार में 60 टन तक का माल ले जाने में सक्षम है। कंपनी का व्यावसायिक मॉडल केवल एयरशिप निर्माण तक सीमित नहीं है — इन्हें एयरलाइन सेवा के रूप में संचालित कर उन दुर्गम इलाकों तक भारी सामान पहुँचाना भी इसमें शामिल है, जहाँ रनवे, सड़क या अन्य बुनियादी ढाँचा उपलब्ध नहीं है।

इस तकनीक का उपयोग पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विंड टर्बाइन ब्लेड, बिजली ट्रांसमिशन टावर और एयरोस्पेस उपकरण जैसे भारी सामान को दूरस्थ स्थानों तक पहुँचाने में किया जा सकता है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सैन्य सामग्री की आपूर्ति में भी यह तकनीक अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है।

BNP पारिबा से भी हुई अहम मुलाकात

इसी दौरे में वित्त मंत्री सीतारमण ने पेरिस में BNP पारिबा ग्रुप के डिप्टी मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कॉरपोरेट एवं इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग (CIB) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यान जेरार्डिन से भी मुलाकात की। जेरार्डिन ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के बीच भारत एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में तेज़ी से उभर रहा है और उन्होंने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सराहना की।

वित्त मंत्री ने जेरार्डिन को बताया कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र सुधारों के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। उन्होंने जेरार्डिन से इस समिति के लिए सुझाव भी माँगे और कहा कि भारत अपने बैंकिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें DPI और अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

यह बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब भारत वैश्विक एयरोस्पेस और वित्तीय साझेदारियों को नई ऊँचाई देने की कोशिश कर रहा है — और आने वाले महीनों में इन चर्चाओं के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह तकनीक अभी भी व्यावसायिक परिपक्वता के शुरुआती चरण में है — LCA60T की पहली उड़ान परीक्षण और बड़े पैमाने पर उत्पादन के बीच अभी लंबा रास्ता है। भारत-फ्रांस साझेदारी का यह कदम 'मेक इन इंडिया' के लिए एक नई श्रेणी खोलता है, परंतु असली परीक्षण तब होगा जब BLP ग्रुप के साथ घोषित साझेदारी ज़मीन पर उतरेगी। GIFT सिटी और MRO ढाँचे का उल्लेख सकारात्मक है, लेकिन एयरशिप लीजिंग के लिए भारत में कोई स्थापित नियामकीय मिसाल नहीं है — यह नीतिगत रिक्तता इस निवेश की गति तय करेगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लाइंग व्हेल्स कंपनी भारत में क्या करना चाहती है?
फ्लाइंग व्हेल्स भारत में अपना संपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करना चाहती है, जिसमें 60 टन क्षमता वाले LCA60T हीलियम एयरशिप की असेंबली शामिल है। कंपनी भारत को एशिया और मध्य-पूर्व के बाज़ारों के लिए इस नई परिवहन तकनीक का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना बना रही है।
LCA60T एयरशिप क्या है और यह कैसे काम करता है?
LCA60T एक अत्याधुनिक कार्गो एयरशिप है जो करीब 200 मीटर लंबा है और हीलियम गैस से संचालित होता है। यह एक बार में 60 टन तक माल ले जा सकता है और उन दुर्गम इलाकों तक पहुँच सकता है जहाँ रनवे, सड़क या अन्य बुनियादी ढाँचा उपलब्ध नहीं है।
फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के BLP ग्रुप की साझेदारी कब हुई?
दोनों कंपनियों ने 2 अप्रैल 2025 को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी। यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिखर वार्ता के दौरान की गई थी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने GIFT सिटी का उल्लेख क्यों किया?
वित्त मंत्री ने फ्लाइंग व्हेल्स को गुजरात के GIFT सिटी स्थित IFSCA और MRO नियामकीय ढाँचे की जानकारी दी, जिसका लाभ कंपनी विमान और जहाज लीजिंग के लिए उठा सकती है। यह ढाँचा विदेशी एयरोस्पेस कंपनियों को भारत में वित्तीय और परिचालन सुविधाएँ प्रदान करता है।
पेरिस दौरे में वित्त मंत्री की और किससे बैठक हुई?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने BNP पारिबा ग्रुप के डिप्टी CEO और CIB के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यान जेरार्डिन से भी मुलाकात की। इस बैठक में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य, बैंकिंग सुधार समिति, DPI और अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम पर चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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