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ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता: गालिबाफ बोले — जनता के अधिकार सुरक्षित हुए बिना कोई समझौता नहीं

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ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता: गालिबाफ बोले — जनता के अधिकार सुरक्षित हुए बिना कोई समझौता नहीं

सारांश

ईरान के संसदीय स्पीकर गालिबाफ ने साफ कर दिया — अमेरिका से समझौता तभी होगा जब ईरानी जनता के अधिकार सुरक्षित हों। ट्रंप के 'वार्ता अंतिम चरण में है' के दावे को तेहरान ने खारिज किया। दोनों पक्षों के बयानों में गहरा विरोधाभास बरकरार है।

मुख्य बातें

मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 31 मई 2025 को वर्चुअल संसदीय सत्र में कहा कि ईरानी जनता के अधिकार सुरक्षित हुए बिना अमेरिका से कोई समझौता नहीं होगा।
गालिबाफ ने कहा — 'दुश्मन की बातों पर कोई भरोसा नहीं, पहले ठोस नतीजे, फिर प्रतिबद्धता।' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'वार्ता अंतिम चरण में' और 'यूरेनियम निकालने' के दावों को ईरान ने खारिज किया।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा — यूरेनियम संवर्धन पर इस चरण में कोई बात नहीं हो रही।
होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन पर बाघेई ने स्पष्ट किया कि यह केवल ईरान और ओमान का मामला है।

ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने 31 मई 2025 को स्पष्ट किया कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक स्वीकार नहीं करेगा, जब तक ईरानी जनता के अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। यह बयान एक वर्चुअल संसदीय सत्र के दौरान आया, जिसमें गालिबाफ ने ईरानी संसद के प्रेसिडियम के साथ दोबारा स्पीकर के रूप में शपथ ली।

गालिबाफ का कड़ा रुख

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद गालिबाफ ने कहा, 'दुश्मन की बातों और वादों पर कोई भरोसा नहीं है। हमारा एकमात्र मानदंड यह है कि बदले में अपनी प्रतिबद्धताएँ पूरी करने से पहले ठोस नतीजे हासिल करें।' यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज़ हो रही है।

ट्रंप के दावे और ईरान का खंडन

इससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान-अमेरिका वार्ता अपने 'आखिरी चरण' में है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान में मलबे में दबे संवर्धित यूरेनियम को निकालकर ले जाएगा। हालाँकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा, 'ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि उनके पास कभी कोई परमाणु हथियार या बम नहीं होगा।'

ईरानी विदेश मंत्रालय की स्थिति

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक टेलीफोन साक्षात्कार में कहा कि दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'इस चरण पर हम ईरान के यूरेनियम संवर्धन या समृद्ध यूरेनियम से जुड़े मुद्दों के विवरण पर कोई बात नहीं कर रहे हैं।' बाघेई ने यह भी रेखांकित किया कि बातचीत में ईरान का मौजूदा ध्यान 'युद्ध को खत्म करने' पर केंद्रित है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा

होर्मुज स्ट्रेट के संभावित पुनः संचालन के बारे में बाघेई ने कहा कि इस जलमार्ग का भविष्य का प्रबंधन केवल ईरान और ओमान से संबंधित है — किसी तीसरे पक्ष से नहीं। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से विश्व का लगभग 20% तेल व्यापार गुज़रता है, जिससे इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।

आगे क्या

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता का अगला दौर अभी अनिश्चित है। दोनों पक्षों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास बना हुआ है — एक ओर ट्रंप 'समझौते के करीब' होने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर तेहरान किसी भी रियायत से पहले 'ठोस नतीजों' की माँग पर अड़ा है। आने वाले हफ्तों में कूटनीतिक संपर्क की दिशा यह तय करेगी कि वार्ता आगे बढ़ती है या ठहर जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ किसी भी समझौते को 'जनता के अधिकारों' की कसौटी पर परखना ज़रूरी है। ट्रंप और तेहरान के बीच का यह बयानी युद्ध दिखाता है कि दोनों पक्ष घरेलू दर्शकों के लिए भी खेल रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का दृढ़ रुख बताता है कि वह किसी भी संभावित समझौते में अपनी भू-राजनीतिक पकड़ नहीं छोड़ेगा। असली सवाल यह है कि 'ठोस नतीजों' की ईरानी परिभाषा और अमेरिकी अपेक्षाएँ कहाँ मिलती हैं — अभी तक यह अंतर पाटा नहीं गया है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गालिबाफ ने ईरान-अमेरिका समझौते पर क्या कहा?
ईरानी संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ कोई भी समझौता तब तक स्वीकार नहीं करेगा, जब तक ईरानी जनता के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित न हों। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी प्रतिबद्धताएँ पूरी करने से पहले ठोस नतीजे हासिल करना ज़रूरी है।
ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या दावे किए?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान-अमेरिका वार्ता अपने अंतिम चरण में है और अमेरिका ईरान से संवर्धित यूरेनियम निकालकर ले जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है — हालाँकि ईरान ने इन सभी दावों को खारिज किया।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का क्या रुख है?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य का प्रबंधन केवल ईरान और ओमान से संबंधित है। यह बयान किसी तीसरे पक्ष — विशेषकर अमेरिका — की इस जलमार्ग में भूमिका की संभावना को सीधे नकारता है।
ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में अभी किस मुद्दे पर बात हो रही है?
बाघेई के अनुसार, इस चरण में वार्ता का ध्यान युद्ध को खत्म करने पर है, न कि यूरेनियम संवर्धन के तकनीकी विवरण पर। दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन किसी ठोस समझौते की घोषणा अभी नहीं हुई है।
ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला कदम क्या होगा?
अगले दौर की वार्ता की कोई निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास बना हुआ है और कूटनीतिक संपर्क की दिशा आने वाले हफ्तों में तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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