कैमरून-सीएआर सीमा पर सोने की खदान ढही: 107 शव बरामद, मृतकों की संख्या 100 पार
सारांश
मुख्य बातें
कैमरून और मध्य अफ्रीकी गणराज्य (सीएआर) की सीमा पर स्थित जाम्बोये गांव के निकट 20 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 2 बजे स्थानीय समय पर एक सोने की खदान ढह गई, जिसमें 100 से अधिक खनिकों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मलबे से अब तक 107 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
हादसे का विवरण
कैमरून के पूर्वी क्षेत्र के गवर्नर ग्रेगोयर म्वोंगो ने बताया कि खदान तकनीकी रूप से मध्य अफ्रीकी गणराज्य की सीमा में स्थित थी, भले ही घटनास्थल सीमावर्ती गांव जाम्बोये के पास है। प्रारंभिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार तीन से पांच कैमरूनी नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में आए आंकड़े कहीं अधिक गंभीर तस्वीर पेश करते हैं।
कैमरून के सरकारी प्रसारक सीआरटीवी ने मृतकों की संख्या 100 से अधिक बताई है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब अफ्रीका में अनौपचारिक खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
मृतकों की राष्ट्रीयता और आधिकारिक पुष्टि
मध्य अफ्रीकी गणराज्य के खान एवं भूविज्ञान मंत्री रूफिन बेनाम-बेलटूंगू ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद 49 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। उनके अनुसार मृतकों में 34 मध्य अफ्रीकी गणराज्य के नागरिक, 13 कैमरून के नागरिक और 2 चाड के नागरिक शामिल हैं।
गौरतलब है कि सरकारी आंकड़ों और मीडिया रिपोर्टों के बीच मृतकों की संख्या में उल्लेखनीय अंतर है — मंत्री ने 49 की पुष्टि की, जबकि स्थानीय मीडिया के अनुसार 107 शव निकाले जा चुके हैं। बचाव अभियान जारी रहने के साथ यह संख्या और बढ़ने की आशंका है।
हादसे की वजह और प्रशासनिक कार्रवाई
मंत्री बेनाम-बेलटूंगू ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान कुछ खदान प्रबंधकों ने खनिकों की अनुशासनहीनता को भी हादसे की एक संभावित वजह माना। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में अनौपचारिक खनन में सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षण की भारी कमी एक बड़ा कारण है। मंत्री ने खदान को अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश दिए हैं।
स्थानीय समुदाय पर असर
घटनास्थल के पास रहने वाले स्थानीय निवासी ओरिएजीन डॉकना ने बताया कि इस हादसे से पूरा इलाका गहरे सदमे में है और मंगलवार से ही कई परिवार अपने प्रियजनों के शोक में डूबे हुए हैं। बचाव दल अब भी उन खनिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।
अफ्रीका में खदान सुरक्षा का संकट
यह हादसा अफ्रीकी महाद्वीप पर खनन सुरक्षा की बड़ी चिंता को एक बार फिर उजागर करता है। पिछले महीने केन्या के नारोक काउंटी में भी सोने की खदान ढहने से 5 खनिकों की मौत हुई थी। आलोचकों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अनौपचारिक खनन पर नियामक निगरानी की कमी ऐसी दुर्घटनाओं को बार-बार आमंत्रित करती है। अधिकारियों के अनुसार बचाव और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।