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गिनी: कोनाक्री में कचरे का पहाड़ ढहा, 30 की मौत; भारी बारिश में दबीं दर्जनों झोपड़ियाँ

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गिनी: कोनाक्री में कचरे का पहाड़ ढहा, 30 की मौत; भारी बारिश में दबीं दर्जनों झोपड़ियाँ

सारांश

गिनी की राजधानी कोनाक्री में रात 2 बजे भारी बारिश के बीच शहर का सबसे बड़ा लैंडफिल 'दार एस सलाम' ढह गया — 30 जानें गईं, दर्जनों झोपड़ियाँ मलबे में दबीं। खनिज-समृद्ध लेकिन गरीबी-ग्रस्त इस देश में यह त्रासदी शहरी कचरा प्रबंधन की विफलता का दर्दनाक नतीजा है।

मुख्य बातें

गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के रात 2 बजे लैंडफिल दार एस सलाम का कचरा ढहने से 30 लोगों की मौत हुई।
6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए।
भारी बारिश के कारण कचरे का ढेर खिसका, जिससे आसपास की झोपड़ियाँ मलबे में दब गईं।
अधिकारियों ने पहले ही निवासियों को क्षेत्र खाली करने के नोटिस दिए थे; लैंडफिल बंद करने की योजना भी थी।
मंत्री डिएनाबू टुरे ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने का आश्वासन दिया।
विश्व बैंक के अनुसार गिनी की 43.7% आबादी राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे है।

गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के करीब रात 2 बजे भारी बारिश के दौरान शहर के सबसे बड़े लैंडफिल दार एस सलाम में जमा कचरे का विशाल ढेर खिसक गया, जिससे भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हुई। इस हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई, 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और कई परिवारों की झोपड़ियाँ मलबे में दब गईं।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, रात भर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लैंडफिल की संरचना कमज़ोर पड़ गई और कचरे का विशाल पहाड़ अचानक ढह गया। इससे लैंडफिल की परिधि में बसी कई झोपड़ियाँ पूरी तरह दब गईं। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव दल घटनास्थल पर पहुँचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया, जो जारी है।

सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के स्वच्छता अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्डे मामादौ बाइलो ने बताया कि इस लैंडफिल को रविवार से ही बंद किए जाने की योजना पहले से बनाई गई थी। इसके अलावा, अधिकारियों ने लैंडफिल के आसपास रहने वाले निवासियों को पहले ही क्षेत्र खाली करने के नोटिस जारी किए थे, जिसके बाद कई परिवार वहाँ से जा चुके थे। बावजूद इसके, हादसे के वक्त उस इलाके में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

सरकार की प्रतिक्रिया

घटनास्थल पर पहुँचीं क्षेत्रीय प्रशासन और विकेंद्रीकरण मंत्री डिएनाबू टुरे ने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यहाँ बची हुई सभी परिवारों को किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर बसाया जाए।' सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का आश्वासन दिया है।

आम जनता पर असर

इस हादसे में कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। लैंडफिल के पास बसे गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। विश्व बैंक के आँकड़ों के अनुसार, गिनी की 43.7 प्रतिशत आबादी राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिताती है — यह त्रासदी उस व्यापक सामाजिक-आर्थिक संकट की एक कड़वी झलक है।

गौरतलब है कि गिनी खनिज संसाधनों से समृद्ध देश है — यहाँ बॉक्साइट के दुनिया के सबसे बड़े भंडार हैं, साथ ही लौह अयस्क, सोना और हीरे भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके बावजूद देश की बड़ी आबादी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जो इस हादसे की पृष्ठभूमि को और गंभीर बनाता है।

क्या होगा आगे

राहत एवं बचाव अभियान अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। दार एस सलाम लैंडफिल को अब बंद किया जाएगा और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह हादसा शहरी कचरा प्रबंधन की खामियों और अनियोजित बस्तियों के खतरों को एक बार फिर उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवासियों को नोटिस भी दिए गए थे, फिर भी लोग वहाँ रहने को मजबूर थे — यह गरीबी और विकल्पहीनता की कहानी है। दुनिया के सबसे बड़े बॉक्साइट भंडार वाले देश में 43.7% आबादी का गरीबी रेखा से नीचे होना यह सवाल उठाता है कि खनिज संपदा का लाभ आम नागरिक तक क्यों नहीं पहुँच पा रहा। यह हादसा उन तमाम विकासशील शहरों के लिए एक चेतावनी है जहाँ अनियोजित बस्तियाँ खतरनाक ढाँचों के साये में पनपती हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिनी के कोनाक्री में कचरा पहाड़ ढहने की घटना क्या है?
रविवार तड़के रात करीब 2 बजे गिनी की राजधानी कोनाक्री के सबसे बड़े लैंडफिल 'दार एस सलाम' में भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर खिसक गया। इससे भूस्खलन जैसी स्थिति बनी और आसपास की दर्जनों झोपड़ियाँ मलबे में दब गईं, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई।
इस हादसे में कितने लोग मारे गए और कितने घायल हुए?
अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और राहत-बचाव अभियान अभी जारी है।
क्या अधिकारियों को इस खतरे की पहले से जानकारी थी?
हाँ, अधिकारियों ने लैंडफिल के आसपास रहने वाले निवासियों को पहले ही क्षेत्र खाली करने के नोटिस दिए थे और रविवार से लैंडफिल बंद करने की योजना भी बनाई गई थी। इसके बावजूद हादसे के वक्त कई लोग उस इलाके में मौजूद थे।
प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
क्षेत्रीय प्रशासन और विकेंद्रीकरण मंत्री डिएनाबू टुरे ने घटनास्थल पर पहुँचकर आश्वासन दिया कि बचे हुए सभी परिवारों को किसी सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाएगा। राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
गिनी इतनी गरीबी में क्यों है जबकि वह खनिज-समृद्ध देश है?
गिनी में बॉक्साइट के दुनिया के सबसे बड़े भंडार हैं और लौह अयस्क, सोना व हीरे भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। फिर भी विश्व बैंक के अनुसार देश की 43.7% आबादी राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिताती है, जो खनिज संपदा के असमान वितरण और कमज़ोर शासन व्यवस्था को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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