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दुनिया का सबसे बड़ा अपतटीय कनवर्टर स्टेशन 'हाईफंग चीशिन' चीन के यांगच्यांग पहुंचा, समुद्र में होगी स्थापना

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दुनिया का सबसे बड़ा अपतटीय कनवर्टर स्टेशन 'हाईफंग चीशिन' चीन के यांगच्यांग पहुंचा, समुद्र में होगी स्थापना

सारांश

दुनिया का पहला ±500 केवी/2000 मेगावाट अपतटीय कनवर्टर स्टेशन 'हाईफंग चीशिन' — जिसका वजन 25,000 टन और ऊंचाई 15 मंजिल है — चीन के यांगच्यांग पहुंचा। यह समुद्र में स्थापित होकर 163 विंड टर्बाइनों से सालाना 6 अरब किलोवाट-घंटे बिजली स्थलीय ग्रिड तक पहुंचाएगा।

मुख्य बातें

दुनिया का सबसे बड़ा अपतटीय कनवर्टर स्टेशन 'हाईफंग चीशिन' 4 जून 2026 को चीन के यांगच्यांग, क्वांगतोंग पहुंचा।
यह दुनिया का पहला ±500 केवी/2000 मेगावाट लचीला डीसी अपतटीय कनवर्टर स्टेशन है।
स्टेशन का वजन 25,000 टन , ऊंचाई लगभग 15 मंजिल , क्षेत्रफल एक मानक फुटबॉल मैदान के बराबर।
163 विंड टर्बाइनों से उत्पन्न बिजली का संग्रह कर सालाना 6 अरब किलोवाट-घंटे ग्रिड को भेजा जाएगा।
स्थापना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उन्नत एकीकृत फ्लोटिंग स्थापना तकनीक का उपयोग होगा।

दुनिया का सबसे बड़ा अपतटीय कनवर्टर स्टेशन 'हाईफंग चीशिन' (अर्थात् अपतटीय पवन का हृदय) 4 जून 2026 को 1,000 से अधिक समुद्री मील की लंबी यात्रा पूरी कर चीन के क्वांगतोंग प्रांत के यांगच्यांग शहर स्थित छिंगचो अपतटीय पवन फार्म पहुंचा। अब इसकी अपतटीय बोया स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी, जो वैश्विक अपतटीय ऊर्जा अवसंरचना के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

छिंगचो समुद्री क्षेत्र में एक बड़े अर्ध-पनडुब्बी पोत पर लदा 'हाईफंग चीशिन' लगभग एक सप्ताह की समुद्री यात्रा के बाद पूर्व निर्धारित स्थापना स्थल के निकट पहुंचा। इस स्टेशन को पाइप रैक पर स्थापित किया जाएगा और यह स्थायी रूप से समुद्र में ही तैनात रहेगा।

बताया जाता है कि 'हाईफंग चीशिन' दुनिया का पहला ±500 केवी/2000 मेगावाट लचीला डीसी अपतटीय कनवर्टर स्टेशन है। इसका समतलीय क्षेत्रफल एक मानक फुटबॉल मैदान के बराबर है, ऊंचाई लगभग 15 मंजिल के समतुल्य है और कुल वजन 25,000 टन है।

तकनीकी विशेषताएं

इतने भारी ढांचे की समुद्री स्थापना के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्नत एकीकृत फ्लोटिंग स्थापना तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह तकनीक पारंपरिक तटीय कनवर्टर स्टेशनों से भिन्न है, क्योंकि इसे समुद्र में तैरते हुए संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

गौरतलब है कि यह परियोजना अपतटीय पवन ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई तकनीकी दिशा स्थापित करती है — जहाँ बिजली का रूपांतरण और संग्रह समुद्र में ही किया जाता है, जिससे भूमि पर अवसंरचना का बोझ कम होता है।

ऊर्जा उत्पादन और संचरण

स्थापना पूरी होने के बाद त्रि-घाटी परियोजना के यांगच्यांग छिंगचो के पाँचवें और सातवें चरण के अपतटीय पवन फार्म में लगे 163 विंड टर्बाइन से उत्पन्न बिजली का यहाँ संग्रह, बूस्ट और एसी से डीसी रूपांतरण होगा। इसके बाद पनडुब्बी केबल के माध्यम से इसे स्थलीय विद्युत ग्रिड तक पहुंचाया जाएगा।

अनुमान है कि इस प्रणाली के ज़रिए हर साल लगभग 6 अरब किलोवाट-घंटे बिजली का संचरण किया जा सकेगा — जो लाखों घरों की वार्षिक ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

वैश्विक ऊर्जा संदर्भ में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के देश जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं। चीन पहले से ही वैश्विक पवन ऊर्जा स्थापना में अग्रणी स्थान रखता है, और 'हाईफंग चीशिन' की तैनाती उसकी अपतटीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाई देती है। आने वाले महीनों में इस स्टेशन की पूर्ण स्थापना और परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

25,000 टन के ढांचे का दीर्घकालिक समुद्री रखरखाव और चरम मौसम में संचालन अभी भी अपरीक्षित चुनौतियाँ हैं जिन पर दुनिया की नज़र रहेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हाईफंग चीशिन' अपतटीय कनवर्टर स्टेशन क्या है?
'हाईफंग चीशिन' दुनिया का पहला ±500 केवी/2000 मेगावाट लचीला डीसी अपतटीय कनवर्टर स्टेशन है, जिसे चीन के यांगच्यांग के छिंगचो पवन फार्म क्षेत्र में समुद्र में स्थापित किया जाएगा। यह पवन टर्बाइनों से उत्पन्न बिजली को एकत्र कर उसे स्थलीय ग्रिड तक पहुंचाने का काम करेगा।
यह स्टेशन कितनी बिजली उत्पन्न कर सकता है?
स्थापना पूर्ण होने के बाद 'हाईफंग चीशिन' हर साल लगभग 6 अरब किलोवाट-घंटे बिजली स्थलीय विद्युत ग्रिड को भेज सकेगा। यह बिजली छिंगचो पवन फार्म के पाँचवें और सातवें चरण के 163 विंड टर्बाइनों से आएगी।
इस स्टेशन की स्थापना में कौन-सी खास तकनीक इस्तेमाल होगी?
25,000 टन वजनी इस ढांचे की समुद्री स्थापना के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्नत एकीकृत फ्लोटिंग स्थापना तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसे पाइप रैक पर स्थापित किया जाएगा और यह स्थायी रूप से समुद्र में तैनात रहेगा।
यह स्टेशन अन्य अपतटीय कनवर्टर स्टेशनों से अलग कैसे है?
यह दुनिया का पहला ±500 केवी/2000 मेगावाट क्षमता वाला लचीला डीसी अपतटीय कनवर्टर स्टेशन है, जो अपनी श्रेणी में सबसे बड़ा है। इसका क्षेत्रफल एक फुटबॉल मैदान जितना और ऊंचाई 15 मंजिल के बराबर है, जो इसे तकनीकी और आकार दोनों दृष्टि से अभूतपूर्व बनाता है।
यह परियोजना किस बड़े ऊर्जा कार्यक्रम का हिस्सा है?
यह परियोजना त्रि-घाटी परियोजना के यांगच्यांग छिंगचो अपतटीय पवन फार्म के पाँचवें और सातवें चरण का हिस्सा है। चीन की यह पहल अपतटीय पवन ऊर्जा को बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने की व्यापक रणनीति का अंग है।
राष्ट्र प्रेस
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