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सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का जताया आभार, बोले — भारत ने माँ को दिया पूरा सम्मान

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सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का जताया आभार, बोले — भारत ने माँ को दिया पूरा सम्मान

सारांश

शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने अमेरिका से ऑनलाइन जुड़कर PM मोदी का आभार जताया और कहा कि भारत ने उनकी माँ को पूरा सम्मान दिया। हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की इच्छा दोहराई, जबकि जॉय ने बांग्लादेश पर ISI को खुली छूट देने का गंभीर आरोप लगाया।

मुख्य बातें

सजीब वाजेद जॉय ने 5 अगस्त को अमेरिका से ऑनलाइन जुड़कर PM नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया, कहा — भारत ने माँ को 'पूरा सम्मान' दिया।
शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की इच्छा दोहराई, लेकिन कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
हसीना ने स्पष्ट किया कि वापसी का निर्णय उनका 'व्यक्तिगत फैसला' है — भारत सरकार से कोई परामर्श नहीं।
जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, ISI समेत विदेशी एजेंसियों को कथित तौर पर खुली छूट।
हसीना के विरुद्ध बांग्लादेश में मानवता के खिलाफ कथित अपराधों में अनुपस्थिति में सजा सुनाई जा चुकी है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और पूर्व सलाहकार सजीब वाजेद जॉय ने 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार ने उनकी माँ को 'पूरा सम्मान' दिया है। जॉय अमेरिका से ऑनलाइन माध्यम से उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए जिसे हसीना ने नई दिल्ली में ऑडियो लिंक के ज़रिए संबोधित किया।

भारत के प्रति आभार और माँ की देखभाल

जॉय ने स्पष्ट किया कि उनकी माँ की भारत में 'बहुत अच्छी देखभाल' हो रही है। उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हसीना 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले व्यापक आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत में निर्वासन में हैं।

बांग्लादेश वापसी पर हसीना का रुख

शेख हसीना ने एक गुप्त स्थान से ऑडियो लिंक के ज़रिए कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया — कार्यक्रम स्थल पर लगी स्क्रीन पर उनकी तस्वीर नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में किसी समय बांग्लादेश लौटना चाहती हैं, हालाँकि कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह किसी सरकार का नहीं, बल्कि मेरा व्यक्तिगत फैसला है।' उन्होंने भारत सरकार से इस विषय पर कोई परामर्श नहीं किया है।

हसीना ने यह भी कहा, 'कुछ भी हो सकता है। वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे जाना होगा। मुझे सिर्फ अपने लोगों का समर्थन चाहिए।' गौरतलब है कि उनके खिलाफ बांग्लादेश में मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा सुनाई जा चुकी है।

ढाका से कोई संवाद नहीं — जॉय का बयान

जॉय ने बताया कि हसीना की प्रस्तावित वापसी को लेकर ढाका सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'हम बांग्लादेश सरकार के संपर्क में नहीं हैं। वह यह फैसला खुद ले रही हैं, चाहे बांग्लादेश सरकार की इच्छा कुछ भी हो।'

बांग्लादेश पर गंभीर आरोप

जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहाँ ISI समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को कथित तौर पर खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवादी तत्व खुले तौर पर सक्रिय हैं।

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की हाल की ढाका यात्रा और प्रधानमंत्री तारिक रहमान से उनकी मुलाकात पर जॉय ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा, 'इस समय अमेरिका का मुख्य ध्यान व्यापार बढ़ाने पर है, लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर नहीं।'

भारत — 'भरोसेमंद दोस्त' : हसीना

शेख हसीना ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा, 'भारत हमेशा एक अच्छा और भरोसेमंद दोस्त रहा है और मुझे विश्वास है कि आगे भी रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मुक्ति संग्राम से जुड़े प्रतीकों को पुनः स्थापित करने का संकल्प लिया है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी मौजूद थे। हसीना की वापसी और बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर आने वाले हफ्तों में और स्पष्टता आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे निर्वासन की परिस्थितियों के संदर्भ में परखना ज़रूरी है — ऐसे बयान अक्सर घरेलू समर्थकों को एकजुट करने और अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने के लिए दिए जाते हैं। हसीना का 'व्यक्तिगत फैसला' वाला बयान भारत को कूटनीतिक असहजता से बचाने की कोशिश लगता है, क्योंकि ढाका के साथ नई दिल्ली के संबंध पहले से ही नाज़ुक दौर में हैं। असली सवाल यह है कि क्या हसीना की वापसी व्यावहारिक रूप से संभव है — जबकि उनके खिलाफ बांग्लादेश में सजा सुनाई जा चुकी है और ढाका से कोई संवाद नहीं है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का आभार क्यों जताया?
जॉय ने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी माँ शेख हसीना को भारत में 'पूरा सम्मान' दिया है और उनकी अच्छी देखभाल हो रही है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
शेख हसीना बांग्लादेश कब लौटना चाहती हैं?
हसीना ने कहा कि वह दिसंबर में किसी समय बांग्लादेश लौटना चाहती हैं, लेकिन कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
क्या हसीना की वापसी को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच कोई बातचीत हुई है?
नहीं। जॉय ने बताया कि ढाका सरकार से इस विषय पर कोई संवाद नहीं हुआ है। हसीना ने भी कहा कि उन्होंने भारत सरकार से इस बारे में कोई सलाह-मशविरा नहीं किया।
जॉय ने बांग्लादेश पर क्या आरोप लगाए?
जॉय ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहाँ ISI समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है और आतंकवादी तत्व सक्रिय हैं।
शेख हसीना फिलहाल किस स्थिति में हैं?
हसीना 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत में निर्वासन में हैं। उनके खिलाफ बांग्लादेश में मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा सुनाई जा चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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