चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने हांगकांग निवेश शिखर सम्मेलन को किया संबोधित, 15वीं पंचवर्षीय योजना पर दिया ज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने 4 नवंबर 2026 को वीडियो के माध्यम से हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय नेताओं के निवेश शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन — सोमवार से बुधवार तक — हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में आयोजित किया गया। अपने संबोधन में हे लिफेंग ने हांगकांग की दीर्घकालिक समृद्धि, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में उसकी भूमिका और चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) में हांगकांग की स्थिति को लेकर प्रमुख बातें रखीं।
सम्मेलन की पृष्ठभूमि और महत्व
हांगकांग निवेश शिखर सम्मेलन प्रत्येक वर्ष वैश्विक वित्तीय नेताओं को एक मंच पर लाता है। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच हांगकांग अपनी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र की प्रतिष्ठा को पुनः मज़बूत करने में जुटा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में हांगकांग ने राजनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं।
हे लिफेंग के संबोधन के मुख्य बिंदु
हे लिफेंग ने अपने संबोधन में कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग सदैव हांगकांग के विकास को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सुदृढ़ समर्थन से हांगकांग में स्थिरता और समृद्धि का वातावरण निरंतर मज़बूत हुआ है और आर्थिक तथा सामाजिक विकास में नई उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं।
उन्होंने बताया कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) में हांगकांग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और उसे राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से और बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। इसी क्रम में हांगकांग ने राष्ट्रीय योजना के अनुरूप अपनी पहली पंचवर्षीय योजना तैयार की है, जिससे सामाजिक सहमति मज़बूत होगी, नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और विकास को नई गति प्राप्त होगी।
केंद्र सरकार का भरोसा और समर्थन
हे लिफेंग ने स्पष्ट किया कि हांगकांग का विकास सदैव मातृभूमि चीन के विकास से अभिन्न रूप से जुड़ा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार हांगकांग की पंचवर्षीय योजना के क्रियान्वयन और उसके भविष्य के विकास पर पूरा विश्वास रखती है तथा आगे भी हांगकांग की दीर्घकालिक समृद्धि और स्थिरता के लिए पूर्ण समर्थन देती रहेगी।
एक देश, दो प्रणालियाँ और वित्तीय खुलेपन पर जोर
उप प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि हांगकांग 'एक देश, दो प्रणालियाँ' के लाभों का पूरा उपयोग करते हुए उच्च स्तर का खुला आर्थिक माहौल बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि हांगकांग को अपने वित्तीय क्षेत्र की बुनियाद और मज़बूत करनी होगी, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में अपनी स्थिति सुदृढ़ करनी होगी और वित्तीय सेवाओं के ज़रिए समग्र अर्थव्यवस्था को बेहतर समर्थन देना होगा।
वैश्विक सहयोग का आह्वान
हे लिफेंग ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ चाहे जितनी बदलें, शांति, विकास, सहयोग और साझा लाभ की भावना समय की प्रमुख माँग बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि चीन उच्च स्तरीय खुलेपन को बढ़ावा देता रहेगा और विश्व के सभी देशों को चीनी शैली के आधुनिकीकरण से उत्पन्न होने वाले नए अवसरों में भागीदारी के लिए आमंत्रित करता है। यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब चीन वैश्विक निवेशकों के बीच विश्वास बहाली और हांगकांग को वित्तीय केंद्र के रूप में पुनः स्थापित करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।