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रंगपुर हत्याकांड: हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के आरोप में 2 गिरफ्तार, याबा ड्रग्स बनी वजह

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रंगपुर हत्याकांड: हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या के आरोप में 2 गिरफ्तार, याबा ड्रग्स बनी वजह

सारांश

बांग्लादेश के रंगपुर में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। याबा ड्रग्स से रोकने की कोशिश जानलेवा साबित हुई — दो आरोपी गिरफ्तार, छात्र सड़कों पर, अल्पसंख्यक संगठन मृत्युदंड की माँग पर अड़े।

मुख्य बातें

बांग्लादेश के रंगपुर में 20 अगस्त 2026 को हिंदू परिवार के 4 सदस्यों की हत्या की गई।
मृतकों में रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती (65) , पत्नी प्रीतिलता (50) , बेटी प्रार्थि (23) और बेटे प्रियम (12) शामिल हैं।
आरोपी सिद्धार्थ दास (23) और मुग्धा दास (19) को दखिगंज श्मशान घाट से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, छत पर याबा (प्रतिबंधित नशीला पदार्थ) से रोकने पर आरोपियों ने हत्या की।
आरोपियों ने फिंगरप्रिंट मिटाने के लिए मोबाइल फोन वॉशिंग पाउडर के घोल में डुबोए ।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने दोषियों के लिए मृत्युदंड की माँग की।

बांग्लादेश पुलिस ने रंगपुर जिले में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्याकांड 20 अगस्त 2026 की रात को उस समय हुआ जब रिटायर्ड स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती ने दोनों आरोपियों को अपनी छत पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ 'याबा' का सेवन करते हुए पकड़ा और रोकने की कोशिश की। इस घटना ने पूरे रंगपुर में आक्रोश की लहर फैला दी है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त की देर रात आरोपी 23 वर्षीय सिद्धार्थ दास और 19 वर्षीय मुग्धा दास गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर याबा (गैर-कानूनी मेथामफेटामाइन-युक्त नशीला पदार्थ) का सेवन कर रहे थे। छत से आती आवाज़ सुनकर 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती ऊपर गए और उन्होंने दोनों को ड्रग्स लेते देखा। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबुद के अनुसार, गणपति के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर तौलिए से उनका गला घोंट दिया।

गणपति की चीख सुनकर उनकी पत्नी 50 वर्षीय प्रीतिलता चक्रवर्ती और बेटी 23 वर्षीय प्रार्थि चक्रवर्ती छत पर दौड़ीं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर उन दोनों का भी गला घोंट दिया। इसके बाद वे घर के भीतर गए और दंपत्ति के 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती की भी हत्या कर दी। जाँच के अनुसार, दोनों आरोपी हत्या के बाद शुक्रवार सुबह तक घर के अंदर ही रहे।

सबूत मिटाने की कोशिश

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने हत्याकांड के बाद बाथरूम का इस्तेमाल किया, मेज़ पर रखे खजूर खाए और याबा का सेवन किया। उन्होंने फिंगरप्रिंट मिटाने के लिए गणपति और प्रीतिलता के मोबाइल फोन को वॉशिंग पाउडर के घोल में डुबो दिया। इसके अलावा, घर में तोड़-फोड़ कर हत्याकांड को लूटपाट का रंग देने की कोशिश की गई।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार रात शहर के दखिगंज श्मशान घाट से हिरासत में लिया। परिवार के चारों सदस्यों के शव घटना के दो दिन बाद, शनिवार रात को बरामद किए गए।

छात्रों और संगठनों का विरोध

इस बर्बर हत्याकांड के बाद रविवार को रंगपुर जिला स्कूल के सैकड़ों छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी तथा मृत्युदंड की माँग करते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों ने रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर और जिला प्रशासन कार्यालय तक मार्च निकाला और न्याय की माँग करते हुए अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। बाद में उन्होंने स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर मानव श्रृंखला बनाकर भी प्रदर्शन किया।

अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए कार्यरत प्रमुख संगठन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने इस हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के लिए मृत्युदंड की माँग की है।

क्या होगा आगे

दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस जाँच जारी है। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबुद ने रविवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का विवरण साझा किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पहले से बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या न्यायिक प्रक्रिया उसी गति से आगे बढ़ेगी जिसकी माँग छात्र और अल्पसंख्यक संगठन कर रहे हैं। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद जैसे संगठनों का मृत्युदंड की माँग पर अड़े रहना यह दर्शाता है कि समुदाय में न्याय व्यवस्था पर भरोसे की कमी कितनी गहरी है। जब तक दोषसिद्धि और सज़ा पारदर्शी और त्वरित नहीं होती, गिरफ्तारी अकेले आश्वस्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रंगपुर हत्याकांड में कौन मारा गया और कब?
20 अगस्त 2026 की रात रंगपुर जिले में रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती (65), उनकी पत्नी प्रीतिलता (50), बेटी प्रार्थि (23) और बेटे प्रियम (12) की हत्या कर दी गई। चारों के शव शनिवार रात पुलिस ने बरामद किए।
हत्याकांड की वजह क्या बताई जा रही है?
पुलिस के अनुसार, आरोपी छत पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ याबा का सेवन कर रहे थे, जब गणपति चक्रवर्ती ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी पर आरोपियों ने कथित तौर पर पहले गणपति और फिर उनकी पत्नी, बेटी व बेटे की हत्या कर दी।
किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
23 वर्षीय सिद्धार्थ दास और 19 वर्षीय मुग्धा दास को रंगपुर शहर के दखिगंज श्मशान घाट से हिरासत में लिया गया। दोनों पर हत्याकांड को अंजाम देने और सबूत मिटाने का आरोप है।
आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए क्या किया?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फिंगरप्रिंट मिटाने के लिए मृतकों के मोबाइल फोन वॉशिंग पाउडर के घोल में डुबोए और घर में तोड़-फोड़ कर मामले को लूटपाट का रूप देने की कोशिश की।
इस घटना पर समुदाय और संगठनों की क्या प्रतिक्रिया रही?
रंगपुर जिला स्कूल के सैकड़ों छात्रों ने कक्षा बहिष्कार कर मृत्युदंड की माँग के साथ प्रदर्शन किया और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक मार्च निकाला। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने भी हत्याकांड की निंदा करते हुए दोषियों के लिए मृत्युदंड की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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