इंडस वाटर ट्रीटी स्थगित रहेगी, MEA का साफ संदेश: पाकिस्तान पहले बंद करे सीमा पार आतंकवाद
सारांश
इंडस वाटर ट्रीटी की स्थगनता कोई नई बात नहीं — लेकिन ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर MEA का यह दोहराव एक सुनियोजित कूटनीतिक संदेश है। भारत ने साफ कर दिया है कि जल संधि और आतंकवाद अब अलग-अलग मुद्दे नहीं हैं — पाकिस्तान को पहले आतंकवाद छोड़ना होगा।
मुख्य बातें
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7 मई 2026 को पुष्टि की कि इंडस वाटर ट्रीटी (IWT) फिलहाल स्थगित है।
भारत ने पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद का समर्थन "पक्के और बिना किसी शर्त" के बंद करने की माँग की।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई को मनाई गई — यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी।
जयशंकर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की जवाबदेही तय की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आतंकवाद के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर कायम है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7 मई 2026 को नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया कि इंडस वाटर ट्रीटी (IWT) फिलहाल स्थगित है और भारत का यह रुख पहले जैसा ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद का समर्थन
संपादकीय दृष्टिकोण
और क्या अंतरराष्ट्रीय जल कानून इसकी अनुमति देता है? ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर यह दोहराव घरेलू दर्शकों के लिए भी उतना ही संदेश है जितना पाकिस्तान के लिए। बिना ठोस क्रियान्वयन ढाँचे के, यह 'स्थगन' एक प्रतीकात्मक मुद्रा बनी रह सकती है।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंडस वाटर ट्रीटी क्या है और यह क्यों स्थगित है?
इंडस वाटर ट्रीटी (IWT) भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हस्ताक्षरित जल-बँटवारे की संधि है। भारत ने पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के जवाब में इसे फिलहाल स्थगित कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था और यह कब हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की वह सैन्य कार्रवाई थी जो 7 मई 2025 को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों व उनके ठिकानों के खिलाफ की गई थी। यह 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद की गई प्रतिक्रिया थी।
भारत ने पाकिस्तान के सामने IWT बहाल करने के लिए क्या शर्त रखी है?
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद का समर्थन 'पक्के और बिना किसी शर्त' के पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद करना होगा। तभी इंडस वाटर ट्रीटी पर आगे की बात हो सकती है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 7 मई 2026 को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत जवाब को प्रदर्शित किया और ऐसे हमलों की जिम्मेदारी तय की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर कायम है।
पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद नीति पर भारत का क्या रुख है?
MEA के अनुसार, पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बनाता रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि उसे अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करता रहेगा।