क्या आईएईए महानिदेशक ग्रॉसी ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की?

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क्या आईएईए महानिदेशक ग्रॉसी ने ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की?

सारांश

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरानी विदेश मंत्री से महत्वपूर्ण वार्ता की। इस बातचीत में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अप्रत्यक्ष चर्चाओं पर चर्चा की गई। जानें इस वार्ता के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • ईरानी विदेश मंत्री ने रचनात्मक भागीदारी पर जोर दिया।
  • आईएईए ने वार्ता के ढांचे में सहयोग देने की पेशकश की।
  • ईरान और अमेरिका के बीच नए विकास पर चर्चा हुई।

तेहरान, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम हुई इस बातचीत की जानकारी रविवार को साझा की।

मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने ईरान और अमेरिका के बीच इनडायरेक्ट बातचीत से जुड़े नए विकास पर चर्चा की।

अराघची ने ईरान की रचनात्मक भागीदारी पर जोर दिया और कहा कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने वैध अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीति का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है।

ग्रॉसी ने जेनेवा वार्ता को "सकारात्मक" बताया और आईएईए की ओर से वार्ता ढांचे के विकास में सहयोग करने की तत्परता जताई। दोनों ने रचनात्मक सहभागिता और संवाद के महत्व पर बल दिया ताकि एक स्थायी समझौते तक पहुंचा जा सके।

यह दोनों की दूसरी टेलीफोन वार्ता है। बुधवार को भी दोनों ने जेनेवा वार्ता के परिणामों और वार्ता तंत्र पर चर्चा की थी। ईरान की ओर से कहा गया कि अगला कदम एक ड्राफ्ट प्रस्ताव को अंतिम रूप देना है, जो अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ को सौंपा जाएगा, और संभवतः एक सप्ताह में गंभीर वार्ता शुरू हो सकती है। मेहर न्यूज के अनुसार दोनों के बीच क्षेत्रीय विकासों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसमें ईरान ने निष्पक्ष समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया।

16 फरवरी को भी अराघची ने जिनेवा में अमेरिका से दूसरे दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत से पहले ग्रॉसी से मुलाकात की थी। ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली परमाणु वार्ता के दूसरे दौर से ठीक पहले कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण चर्चा की थी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अधिकारियों से अहम मुलाकात की थी। यह बैठक अमेरिका के साथ बातचीत से पहले रणनीतिक तैयारी और अपने रुख को स्पष्ट करने के उद्देश्य से की गई है। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाओं और अटकलों को जन्म दिया।

बैठक के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं एक सही और बराबर डील करने के लिए असली आइडिया के साथ जिनेवा में हूं।" ईरान बैन में राहत के बदले समझौते के लिए तैयार है।

बता दें कि ओमान, अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान और अमेरिका की पहले दौर की बात हुई थी। इसके बाद स्विट्जरलैंड के शहर जिनेवा में अमेरिका-ईरान मिले।

इसके बाद अराघची ने कहा था कि वार्ता सकारात्मक रही। अराघची ने कहा कि ईरान और यूएस के बीच “जिनेवा में बहुत अच्छी बातचीत हुई,” और वे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और तेहरान के खिलाफ यूएस बैन से जुड़े मुद्दों पर बात कर पाए।

हालांकि इसके बाद अमेरिका की ओर से ऐसे बयान और टिप्पणियां आईं जो इस वार्ता की सफलता पर प्रश्नचिन्ह लगाती थीं। 19 फरवरी को बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में संबोधन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह तक कह दिया था कि वो ईरान को 10 दिन का समय दे रहे हैं।

Point of View

यह वार्ता ईरान और अमेरिका के बीच स्थायी समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया को जारी रखना आवश्यक है, ताकि ताजगी और शांति का माहौल बना रहे।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का उद्देश्य क्या है?
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य शांति और स्थायी समझौते की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाना है।
क्या आईएईए का इस वार्ता में कोई भूमिका है?
हाँ, आईएईए की भूमिका वार्ता के ढांचे को विकसित करने में महत्वपूर्ण है।
ईरान का कूटनीतिक दृष्टिकोण क्या है?
ईरान शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीति का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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