आईआईएम अहमदाबाद और सायरिल अमरचंद मंगलदास ने मिलकर बनाई जीसी लीडरशिप अकादमी, परिधि अदाणी ने बताई साझेदारी की वजह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (IIM-A) और देश की प्रतिष्ठित लॉ फर्म सायरिल अमरचंद मंगलदास ने संयुक्त रूप से सायरिल श्रोफ-आईआईएमए जीसी लीडरशिप अकादमी की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य आधुनिक उद्यमों के लिए अगली पीढ़ी के जनरल काउंसल तैयार करना है। 10 अगस्त को फर्म की गुजरात प्रमुख और पार्टनर परिधि अदाणी ने कहा कि आईआईएम अहमदाबाद का नेतृत्व निर्माण का सिद्ध रिकॉर्ड ही उसे इस पहल के लिए स्वाभाविक साझेदार बनाता है।
साझेदारी की पृष्ठभूमि
परिधि अदाणी ने कहा, आईआईएम अहमदाबाद न केवल प्रबंधन शिक्षा बल्कि संस्थान निर्माण के लिए भी जाना जाता है। उनके अनुसार, इस सहयोग में एक अहम पहलू यह भी रहा कि संस्थान ने पारंपरिक कानूनी शिक्षा से आगे जाकर अर्थव्यवस्था और उद्यमों में कानून तथा वकीलों की व्यापक भूमिका का गहराई से अध्ययन किया है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आईआईएम अहमदाबाद का चुनाव स्वाभाविक था। यह ऐसा संस्थान है जो संस्थान निर्माण और देश के इतने सारे लीडर्स को विकसित करने के लिए जाना जाता है और हम इस बात से हैरान थे कि उन्होंने इस विचार को कितनी खुले दिल से स्वीकार किया।'
अकादमी का उद्देश्य और पाठ्यक्रम
परिधि अदाणी के अनुसार, यह अकादमी उन विषयों पर केंद्रित होगी जिनसे कानूनी पेशेवरों का लॉ स्कूल या पारंपरिक कानूनी प्रैक्टिस में सामान्यतः सामना नहीं होता। इनमें नीति और प्रौद्योगिकी का समन्वय, मानव व्यवहार तथा व्यवसायों और व्यापक अर्थव्यवस्था से जुड़े सिद्धांत शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब जनरल काउंसल की भूमिका केवल कानूनी सलाह देने तक सीमित नहीं रही — आधुनिक उद्यमों में उन्हें प्रबंधकीय, रणनीतिक और तकनीकी जिम्मेदारियाँ भी संभालनी होती हैं।
संस्थापकों की प्रतिबद्धता
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अकादमी की स्थापना सायरिल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर सायरिल श्रोफ और श्रोफ परिवार की व्यक्तिगत परोपकारी प्रतिबद्धता के माध्यम से की गई है। परिधि अदाणी ने यह भी बताया कि जिन निदेशक और प्रोफेसरों के साथ पिछले कुछ महीनों से सहयोग चल रहा है, उन्होंने इस पहल के लिए अपना समय, ऊर्जा, प्रयास और दृष्टिकोण पूरी प्रतिबद्धता के साथ दिया है।
कानूनी पेशे में बदलाव की ज़रूरत
गौरतलब है कि भारत में कानूनी पेशे का परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है। बड़े कॉर्पोरेट घरानों में जनरल काउंसल अब बोर्डरूम में रणनीतिक भागीदार बन रहे हैं। सायरिल श्रोफ-आईआईएमए जीसी लीडरशिप अकादमी इसी बदलाव को संस्थागत रूप देने का प्रयास है।
आने वाले समय में यह अकादमी किस तरह के पाठ्यक्रम और कार्यक्रम प्रस्तुत करती है, यह भारत के कानूनी और कॉर्पोरेट जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।