इजरायली सेना का दक्षिणी लेबनान में बड़ा अभियान: शेबा हाइट्स और लितानी नदी पार तक हिज्बुल्लाह पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में शेबा हाइट्स (ब्यूफोर्ट रिज) और वादी-अल-सलूकी क्षेत्र में 'बड़े पैमाने पर अभियान' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य हिज्बुल्लाह के आतंकी ढाँचे को नष्ट करना और इजरायली नागरिक बस्तियों पर खतरे को समाप्त करना है। IDF की प्रवक्ता एला वावेया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस अभियान की आधिकारिक पुष्टि की।
अभियान का दायरा और लक्ष्य
वावेया के अनुसार, यह अभियान 'कई दिन पहले बड़े जमीनी बलों के साथ शुरू हुआ था' और सैनिक 'अग्रिम रक्षा पंक्ति का विस्तार करने के लिए आक्रामक कार्रवाई कर रहे हैं।' अभियान का प्राथमिक लक्ष्य उन लॉन्चिंग ठिकानों को निष्क्रिय करना है जहाँ से इजरायली नागरिकों और दक्षिणी लेबनान में तैनात IDF बलों पर सैकड़ों रॉकेट और मिसाइल दागे गए थे।
इजरायली बलों ने लितानी नदी को पार कर लिया है और नदी के उत्तर में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमलों का विस्तार किया है। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि 2006 के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 1701 के तहत लितानी नदी के दक्षिण में सशस्त्र गुटों की उपस्थिति प्रतिबंधित थी।
मुख्य घटनाक्रम
इस ऑपरेशन को IDF के चीफ ऑफ स्टाफ ईयाल जमीर ने मंजूरी दी। अभियान से पूर्व उत्तरी कमान के नेतृत्व में गोलाबारी की तैयारी और अन्य परिचालन व्यवस्थाएँ व्यवस्थित रूप से पूरी की गईं। वावेया ने बताया कि इजरायली बल नबातेह के आसपास भी सक्रिय हैं।
गौरतलब है कि यह अभियान गैलीली पैनहैंडल और मेतुला बस्ती के लिए प्रत्यक्ष खतरे को समाप्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है — दोनों इजरायली क्षेत्र हिज्बुल्लाह की रॉकेट रेंज में रहे हैं।
सरकार और सेना की स्थिति
वावेया ने स्पष्ट किया कि इजरायली बल 'आवश्यकता पड़ने पर हमले का दायरा और बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।' IDF ने कहा है कि वे इजरायल के खिलाफ किसी भी खतरे को समाप्त करने तक अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। अभियान दक्षिणी लेबनान में परिचालन नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया जा रहा है।
क्षेत्रीय संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष जारी है और लेबनान मोर्चे पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। लितानी नदी पार करने का निर्णय क्षेत्रीय स्तर पर अभियान के विस्तार का संकेत देता है। अभियान के अन्य क्षेत्रों तक फैलाए जाने की भी पुष्टि की गई है, हालाँकि विशिष्ट स्थानों का खुलासा नहीं किया गया।