153वीं आईपीयू असेंबली: हरिवंश ने तंजानिया स्पीकर से की द्विपक्षीय बैठक, संसदीय सहयोग पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को तंजानिया की नेशनल असेंबली के स्पीकर मूसा अजान ज़ुंगू के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जो अरुशा, तंजानिया में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) असेंबली के इतर संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने, क्षमता निर्माण तथा कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक का मुख्य एजेंडा
हरिवंश और स्पीकर ज़ुंगू के बीच हुई इस बैठक में भारत-तंजानिया संसदीय संबंधों को नई दिशा देने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने क्षमता निर्माण और कौशल विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करने की इच्छाशक्ति जताई। हरिवंश ने 153वीं आईपीयू असेंबली की सफल मेज़बानी के लिए स्पीकर ज़ुंगू को बधाई भी दी।
तंजानिया में भारतीय उच्चायोग ने एक्स पोस्ट में इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच संसदीय सहयोग, क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर सार्थक चर्चा हुई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की संरचना
हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को अरुशा पहुँचा था। इस प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर, लोकसभा सांसद अपराजिता सारंगी, राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा, लोकसभा सांसद संजय जायसवाल, लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, लोकसभा सांसद लता वानखेड़े, लोकसभा सांसद बिजुली कलिता मेधी तथा लोकसभा सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी संसदीय कूटनीति को वैश्विक मंचों पर और अधिक सक्रिय रूप से प्रस्तुत कर रहा है। गौरतलब है कि आईपीयू जैसे बहुपक्षीय संसदीय मंचों पर भारत की भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है।
असेंबली का केंद्रीय विषय
राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, इस आईपीयू असेंबली का केंद्रीय विषय है — 'समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना और समुदायों को सशक्त बनाना'। इस विषय के इर्द-गिर्द दुनिया भर के सांसद अपने-अपने देशों के अनुभव और दृष्टिकोण साझा कर रहे हैं।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य लोकतंत्र और मानवाधिकार, शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, सतत विकास, महिलाओं की भागीदारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और आतंकवाद-रोधी उपायों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चाओं में हिस्सा लेंगे।
हरिवंश की भूमिका और आगे का कार्यक्रम
उपसभापति हरिवंश गवर्निंग काउंसिल, आम बहस, आपातकालीन मुद्दे पर बहस तथा आईपीयू अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के साथ सुनवाई में भाग लेंगे। राज्यसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिनिधिमंडल वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भारत का पक्ष सशक्त रूप से रखेगा।
सचिवालय के अनुसार, भारत की इस भागीदारी से संसदीय कूटनीति, बहुपक्षीय संवाद और संसदों के बीच सहयोग के प्रति देश की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता एक बार फिर उजागर होती है। आने वाले दिनों में इन चर्चाओं के निष्कर्ष वैश्विक संसदीय एजेंडे को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।