अमेरिकी जनगणना प्रस्ताव पर 150+ डेमोक्रेट्स का विरोध, 5 भारतीय-अमेरिकी सांसद सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के 150 से अधिक डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से उस प्रस्तावित जनगणना नियम को वापस लेने की माँग की है, जिसके तहत कुछ गैर-अमेरिकी नागरिकों को कांग्रेस में सीट-निर्धारण के लिए उपयोग होने वाले जनसंख्या आँकड़ों से बाहर रखा जाएगा। इस अभियान में पाँच भारतीय-अमेरिकी सांसद — प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, सुहास सुब्रमण्यम और श्री थानेदार — भी शामिल हैं, जिन्होंने सार्वजनिक टिप्पणी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
विवाद की जड़ क्या है
अमेरिकी जनगणना ब्यूरो ने यह प्रस्ताव 10 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया था। इसके अनुसार बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों और ग्रीन कार्ड से कम स्थायी कानूनी दर्जा रखने वाले व्यक्तियों — जिनमें अस्थायी वीजा धारक भी शामिल हैं — को सीट-बंटवारे की गणना से बाहर रखने का प्रस्ताव है। हालाँकि, स्थायी निवासियों यानी ग्रीन कार्ड धारकों को इन आँकड़ों में शामिल रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनगणना प्रश्नावली से नस्ल, जातीयता और यौन अभिविन्यास से जुड़े सवाल हटाने का भी प्रस्ताव है।
गौरतलब है कि जनता से टिप्पणियाँ प्राप्त करने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर से बढ़ाकर 2 नवंबर 2026 कर दी गई है।
डेमोक्रेट्स का तर्क
इस अभियान का नेतृत्व प्रतिनिधि सभा की निगरानी एवं सरकारी सुधार समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने किया। उनके साथ एशियन पैसिफिक अमेरिकन, हिस्पैनिक, ब्लैक और इक्वैलिटी कॉकस के अध्यक्ष भी जुड़े। गार्सिया ने कहा, 'हम कांग्रेस और अदालतों में इस नियम का विरोध करेंगे।'
सांसदों का कहना है कि यह प्रस्ताव अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की भावना के विरुद्ध है, जिसके तहत राज्यों में प्रतिनिधित्व कुल आबादी के आधार पर निर्धारित होता है। उनके अनुसार, जनसांख्यिकीय आँकड़ों पर प्रतिबंध से मतदान और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा कमज़ोर होगी।
एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस की अध्यक्ष ग्रेस मेंग ने चेताया कि प्रस्तावित बदलावों से अल्पसंख्यक समुदायों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और उनके लिए उपलब्ध संसाधन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
रिपब्लिकन का पलटवार
दूसरी ओर, इलिनॉय की रिपब्लिकन सांसद मैरी मिलर ने प्रस्ताव के समर्थन में एक अलग पत्र जारी करते हुए ट्रंप प्रशासन से इससे भी आगे बढ़ने की माँग की। मिलर के अनुसार, कांग्रेस में सीट-निर्धारण की गणना में ग्रीन कार्ड धारकों सहित सभी गैर-अमेरिकी नागरिकों को भी बाहर रखा जाना चाहिए। मिलर के समूह ने अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे में भी जनसांख्यिकीय सवालों पर प्रतिबंध की माँग की, जो वर्तमान प्रस्ताव से परे है।
राज्य विधायिकाओं की चिंता
नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ स्टेट लेजिस्लेचर्स ने प्रस्ताव पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया और राज्यों के साथ परामर्श के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय माँगा। संगठन का कहना है कि अमेरिकन कम्युनिटी सर्वे के अनुमान और प्रशासनिक रिकॉर्ड जनगणना की विस्तृत गणना का पर्याप्त विकल्प नहीं हो सकते। संगठन ने आगाह किया कि राज्यों से परामर्श किए बिना आँकड़ा-संग्रह व्यवस्था बदलने से चुनावी क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण संबंधी कानूनों का पालन जटिल हो सकता है।
आगे क्या होगा
जनगणना ब्यूरो का तर्क है कि कांग्रेस में प्रतिनिधित्व तय करने के लिए अमेरिका में स्थायी निवास और देश के प्रति निष्ठा को आधार बनाया जाना चाहिए। एजेंसी लोगों की कानूनी स्थिति निर्धारित करने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड के उपयोग पर विचार कर रही है। 2 नवंबर 2026 की टिप्पणी-समय सीमा के बाद अंतिम नियम का रूप स्पष्ट होगा, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह विवाद अदालती चुनौतियों तक भी पहुँच सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में हर 10 साल में होने वाली जनगणना के तहत प्रतिनिधि सभा की 435 सीटों का 50 राज्यों के बीच जनसंख्या अनुपात में बंटवारा होता है।