एच-1बी वीजा अमेरिका में होगा रिन्यू, भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने पेश किया तीन-बिल पैकेज
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी संसद में भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधि सुहास सुब्रमण्यम और राजा कृष्णमूर्ति ने 30 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण तीन-बिल पैकेज पेश किया, जिसके तहत एच-1बी सहित कई श्रेणियों के विदेशी कामगारों को अमेरिका के भीतर ही अपना वीजा रिन्यू कराने की सुविधा मिल सकेगी। यह प्रस्ताव उन लाखों कुशल पेशेवरों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें वीजा स्टैम्प नवीनीकरण के लिए अमेरिका छोड़कर दूसरे देशों में जाना पड़ता है।
मुख्य घटनाक्रम
डेमोक्रेट सांसद सुहास सुब्रमण्यम, जो वर्जीनिया का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने इस पैकेज की घोषणा की। उनके साथ राजा कृष्णमूर्ति और रिपब्लिकन रिप्रेजेंटेटिव डॉन बेकन इसे आगे बढ़ा रहे हैं। डेमोक्रेटिक रिप्रेजेंटेटिव जोनाथन जैक्सन और डेबरा रॉस इसके सह-प्रायोजक हैं। यह एक द्विदलीय प्रयास है, जो इमिग्रेशन जैसे विवादास्पद मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति में दुर्लभ आम सहमति को दर्शाता है।
तीन बिलों में क्या है
पहला बिल, 'डोमेस्टिक वीजा रिन्यूअल मॉडर्नाइजेशन एक्ट', 2024 के उस पायलट कार्यक्रम का विस्तार करेगा जिसके तहत कुछ एच-1बी धारकों को अमेरिका के भीतर वीजा स्टैम्प रिन्यू करने की सीमित अनुमति दी गई थी। यह बिल एच-1बी, एच-1बी1, ई, आई, एल, ओ और पी वीजा श्रेणियों को कवर करेगा — यानी कुशल पेशेवर, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर स्थानांतरित होने वाले अधिकारी, निवेशक, पत्रकार, एथलीट, मनोरंजनकर्ता और असाधारण प्रतिभा वाले व्यक्ति।
दूसरा बिल, 'रिड्यूसिंग वीजा डिलेज एक्ट', स्टेट डिपार्टमेंट से यह समीक्षा करने को कहेगा कि अमेरिकी दूतावासों और कॉन्सुलेट में अपॉइंटमेंट की देरी कम करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी हैं या नहीं। इसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू वीजा-वेटिंग नीतियों की भी समीक्षा होगी और आवेदकों को प्रतीक्षा अवधि की स्पष्ट जानकारी देने का प्रावधान होगा।
तीसरा बिल, 'स्ट्रेंथनिंग इमरजेंसी रिस्पॉन्स एक्ट', विदेशों में संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं में फंसे अमेरिकियों की सहायता से जुड़ा है। इसके तहत स्टेट डिपार्टमेंट को हर आपातकालीन निकासी के बाद अपनी योजनाओं को अपडेट करना होगा और प्रभावित अमेरिकियों के करीबी परिजनों से नियमित संपर्क बनाए रखना होगा।
आम जनता पर असर
वर्तमान व्यवस्था के तहत वीजा धारकों को नया वीजा स्टैम्प लेने के लिए किसी तीसरे देश में अमेरिकी दूतावास या कॉन्सुलेट जाना पड़ता है। अपॉइंटमेंट मिलने में कई महीनों की देरी के कारण कामगार अपनी नौकरी और परिवार से दूर विदेश में फंसे रह सकते हैं। घरेलू रिन्यूअल की सुविधा से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।
कृष्णमूर्ति ने कहा, 'जो लोग पहले से ही कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, उन्हें सिर्फ अपना वीजा रिन्यू कराने के लिए देश छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून 'गैर-जरूरी कागजी कार्यवाही को कम करेगा, वर्कर और एम्प्लॉयर को ज़्यादा भरोसा देगा।'
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में वीजा अपॉइंटमेंट बैकलॉग और इमिग्रेशन प्रक्रिया की जटिलताओं को लेकर भारतीय समुदाय में व्यापक असंतोष है। गौरतलब है कि 2024 के पायलट कार्यक्रम ने घरेलू रिन्यूअल की अवधारणा को सीमित रूप में परखा था, और यह बिल उसी आधार पर बनाया गया है।
सुब्रमण्यम ने यह भी संदर्भ दिया कि उनके क्षेत्र के लोगों ने ईरान युद्ध की शुरुआत में मिडिल ईस्ट से निकलने की कोशिश के दौरान सूचना की भारी कमी का सामना किया था। नेपाल में अगस्त में आई बाढ़ के बाद भी परिवारों ने बेहतर संचार की मांग उठाई थी।
क्या होगा आगे
तीनों बिल अभी प्रस्तावित हैं और इन्हें अमेरिकी संसद की दोनों सदनों से पारित होना होगा। द्विदलीय समर्थन इनके आगे बढ़ने की संभावना को मजबूत करता है, हालाँकि अमेरिका में व्यापक इमिग्रेशन बहस के बीच इनकी राह आसान नहीं होगी।