मिडटर्म 2026: 92% भारतीय-अमेरिकी वोटर्स मतदान को तैयार, 66% का झुकाव डेमोक्रेट्स की ओर
सारांश
मुख्य बातें
2026 एशियन अमेरिकन वोटर सर्वे के अनुसार, अमेरिका में आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं में असाधारण उत्साह देखा जा रहा है — 92 प्रतिशत रजिस्टर्ड भारतीय-अमेरिकी वोटर्स ने नवंबर में मतदान करने की योजना बनाई है। इनमें से 74 प्रतिशत ने कहा कि वे मतदान को लेकर बिल्कुल निश्चित हैं, जबकि 23 प्रतिशत ने काफी हद तक निश्चित होने की बात कही।
मतदान उत्साह में सबसे बड़ी छलांग
सर्वे में शामिल प्रमुख एशियाई समुदायों की तुलना में भारतीय-अमेरिकियों में मतदान उत्साह की वृद्धि सबसे अधिक दर्ज की गई। 43 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी वोटर्स ने कहा कि वे सामान्य चुनावों की तुलना में इस बार अधिक उत्साहित हैं। 32 प्रतिशत ने उत्साह को पहले जैसा बताया, जबकि 22 प्रतिशत ने कम उत्साह जताया। यह ऐसे समय में आया है जब समग्र एशियाई-अमेरिकी और पैसिफिक आइलैंडर मतदाताओं की मिडटर्म भागीदारी का अनुमान 90 प्रतिशत है — जो 2022 के 84 प्रतिशत और 2018 के 86 प्रतिशत से अधिक है।
डेमोक्रेट्स की ओर स्पष्ट झुकाव
सीनेट चुनाव में 66 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी वोटर्स ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी, जबकि 22 प्रतिशत ने रिपब्लिकन और 7 प्रतिशत ने किसी अन्य दल को पसंद किया। हाउस रेस में भी यही रुझान रहा — 66 प्रतिशत ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन किया, 18 प्रतिशत ने रिपब्लिकन और 9 प्रतिशत ने अन्य दलों को। गौरतलब है कि हाउस के लिए पसंद ज़ाहिर करने वाले 60 प्रतिशत ने कहा कि वे अपने चुने हुए उम्मीदवार का मज़बूती से समर्थन करते हैं।
ट्रंप को लेकर नकारात्मक राय
सर्वे के अनुसार, 74 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी वोटर्स ने डोनाल्ड ट्रंप को नापसंद किया — इनमें से 56 प्रतिशत ने कहा कि वे उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं करते। दूसरी ओर, केवल 20 प्रतिशत ने ट्रंप को पसंद किया, जिसमें 7 प्रतिशत ने बहुत पसंद और 13 प्रतिशत ने कुछ हद तक पसंद करने की बात कही।
मतदान का तरीका और सामुदायिक सहभागिता
अन्य एशियाई-अमेरिकी समूहों की तुलना में भारतीय-अमेरिकी व्यक्तिगत रूप से पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डालने को अधिक तरजीह देते हैं। 55 प्रतिशत ने पोलिंग बूथ पर जाने की योजना बनाई, 34 प्रतिशत ने डाक मतदान को प्राथमिकता दी और 8 प्रतिशत ने बैलेट ड्रॉप-ऑफ लोकेशन का उपयोग करने का इरादा जताया। सामुदायिक सहभागिता के मोर्चे पर, तीन-चौथाई भारतीय-अमेरिकियों ने पिछले एक वर्ष में परिवार या मित्रों के साथ राजनीतिक चर्चा की। 19 प्रतिशत किसी विरोध प्रदर्शन, मार्च या रैली में शामिल हुए, और 20 प्रतिशत ने स्थानीय सरकारी बैठकों — जैसे सिटी काउंसिल या स्कूल बोर्ड — में हिस्सा लिया।
सर्वे की पद्धति और व्यापक संदर्भ
यह सर्वे एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट और AAPI डेटा द्वारा संचालित किया गया। कुल 2,066 रजिस्टर्ड वोटर्स को शामिल किया गया — जिनमें 1,896 एशियाई-अमेरिकी और 170 पैसिफिक आइलैंडर थे। भारतीय-अमेरिकी उपसमूह में 242 प्रतिभागी शामिल थे। सीनेट पसंद के आँकड़े 148 भारतीय-अमेरिकी उत्तरदाताओं पर आधारित हैं। इंटरव्यू 3 जून से 27 जुलाई के बीच टेलीफोन, वेब और ऑनलाइन माध्यमों से किए गए। सर्वे में जातीयता-आधारित सैंपलिंग कोटा और मतदाता विशेषताओं के अनुसार वेटेज का उपयोग किया गया। इन संगठनों का अनुमान है कि 2026 में 1.6 करोड़ एशियाई-अमेरिकी और पैसिफिक आइलैंडर नागरिक मतदान के योग्य होंगे, जिनमें 16 लाख ऐसे हैं जो 2022 के बाद पात्र हुए हैं। मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा रहने की लागत और महंगाई रहा — 90 प्रतिशत एशियाई-अमेरिकी वोटर्स ने इसे मतदान निर्णय में बहुत या अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। समग्र एशियाई-अमेरिकी मतदाताओं में 60 प्रतिशत ने सीनेट में और 64 प्रतिशत ने हाउस रेस में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को समर्थन दिया।