भारतीय कंपनियाँ अमेरिका में $20.5 अरब से अधिक निवेश को तैयार, राजदूत सर्जियो गोर ने की पुष्टि
सारांश
व्यापार घाटे में उल्लेखनीय कमी
अमेरिकी सरकार के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा मार्च 2026 में घटकर 3.8 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 7.4 अरब डॉलर था — यानी 48.64 प्रतिशत की कमी। इसी अवधि में अमेरिका का भारत को निर्यात बढ़कर 4.3 अरब डॉलर हो गया, जबकि भारत से आयात 8.4 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
अमेरिका का कुल व्यापार घाटा फिर भी बढ़ा
गौरतलब है कि भारत के साथ व्यापार असंतुलन में सुधार के बावजूद, मार्च 2026 में अमेरिका का वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार घाटा बढ़कर 60.3 अरब डॉलर हो गया — जो फरवरी के संशोधित 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में सुधार की कहानी व्यापक वैश्विक संदर्भ में और भी महत्त्वपूर्ण हो जाती है।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों का यह निवेश भविष्य में दोनों देशों के बीच टैरिफ वार्ता और द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा को प्रभावित कर सकता है। यदि निवेश की यह गति बनी रही, तो भारत अमेरिका के लिए एक और अधिक रणनीतिक आर्थिक भागीदार के रूप में उभर सकता है।
मुख्य बातें
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार, 6 मई 2026 को घोषणा की कि भारतीय कंपनियाँ अमेरिका में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किया, जिसमें उन्होंने इसे भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी की मज़बूती का प्रमाण बताया।
एक ही दिन में 12 कंपनियों का बड़ा ऐलान
राजदूत गोर ने बताया कि केवल एक दिन में 12 भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 1.1 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। उनके अनुसार, यह निवेश अमेरिका में रोज़गार के अवसर पैदा कर रहा है और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को और अधिक सुदृढ़ बना रहा है। हालाँकि, गोर ने उन 12 कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।
राजदूत का संदेश: दोनों लोकतंत्रों को फायदा
गोर ने अपने बयान में कहा कि यह निवेश इस बात का प्रमाण है कि