रियाद में भारतीय दूतावास का रक्तदान शिविर, 27.4 लाख प्रवासी समुदाय ने दिखाई एकजुटता
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भारतीय दूतावास ने शनिवार, 13 जून को सेंट्रल ब्लड बैंक, रियाद और ओवरसीज इंडियन कल्चरल कांग्रेस (OICC) के सहयोग से एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जिसमें भारतीय समुदाय के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। शिविर का उद्घाटन काउंसलर शारिक बद्र ने किया।
शिविर का आयोजन और उद्देश्य
दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि काउंसलर शारिक बद्र ने इस रक्तदान शिविर का विधिवत उद्घाटन किया। दूतावास के अनुसार, OICC और सेंट्रल ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारतीय प्रवासियों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
दूतावास ने कहा, 'भारतीय दूतावास समुदाय संगठनों द्वारा संचालित सार्थक सामाजिक और मानवीय पहलों को लगातार प्रोत्साहित और समर्थन देता रहा है। इस नेक कार्य में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं और स्वयंसेवकों का धन्यवाद।'
भारतीय समुदाय की भागीदारी
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब में भारतीय प्रवासियों की संख्या लगभग 27.4 लाख है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक बनाती है। यह समुदाय सऊदी अरब के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है और दोनों देशों के बीच सेतु का काम करता है।
गौरतलब है कि रियाद शिविर केवल एक अलग-थलग आयोजन नहीं था — यह एक व्यापक प्रवासी कूटनीति का हिस्सा है जिसके तहत भारतीय दूतावास खाड़ी देशों में मानवीय और सामाजिक पहलों को नियमित रूप से प्रोत्साहित करता है।
कुवैत में भी एक साथ लगा रक्तदान शिविर
उसी दिन, शुक्रवार को कुवैत में भी भारतीय दूतावास ने अदन हॉस्पिटल और ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह शिविर वर्ल्ड ब्लड डोनर डे के अवसर पर ब्लड डोनर्स केरल (BDK) और फेडरेशन ऑफ इंडियन डॉक्टर्स (FID) के सहयोग से आयोजित किया गया।
कुवैत शिविर का उद्घाटन भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी और अल अहमदी गवर्नरेट के गवर्नर शेख हमूद जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने किया। दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने स्वयं पहले रक्तदाता बनकर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की।
राजदूत त्रिपाठी का संदेश
राजदूत परमिता त्रिपाठी ने कहा, 'आज का दिन बहुत खास है। हम कुवैत में एक और रक्तदान शिविर लगा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है और यह निश्चित रूप से आखिरी भी नहीं है।' उन्होंने भारतीय समुदाय के उत्साह को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि यह जोश भारत और कुवैत दोनों की सेवा की भावना को दर्शाता है।
दूतावास ने भारतीय समुदाय, दानदाताओं और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी ने 'दया, सेवा और भारतीय-कुवैत मित्रता की भावना' को और सुदृढ़ किया है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार खाड़ी देशों में प्रवासी कल्याण और सामुदायिक कूटनीति को नई प्राथमिकता दे रही है। रियाद और कुवैत में एक साथ आयोजित ये शिविर इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत हैं, और आने वाले समय में इस तरह की और पहलों की उम्मीद की जा सकती है।