भारत-न्यूजीलैंड संबंध मजबूत करने की पहल, हाई कमिश्नर सैयावी ने सांसद परमार से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारत की न्यूजीलैंड में हाई कमिश्नर मुआनपुई सैयावी ने 30 जून 2026 को वेलिंगटन में न्यूजीलैंड की सांसद डॉ. परमजीत परमार से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने, न्यूजीलैंड में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के कल्याण तथा उनसे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य घटनाक्रम
न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस बैठक की जानकारी साझा की। उच्चायोग के अनुसार, हाई कमिश्नर सैयावी और सांसद डॉ. परमार के बीच हुई चर्चा में भारतीय डायस्पोरा से जुड़े अहम मुद्दे केंद्र में रहे।
गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है। हाई कमिश्नर सैयावी ने हाल के हफ्तों में न्यूजीलैंड के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है, जो भारत की सक्रिय राजनयिक कूटनीति को दर्शाता है।
विदेश मंत्री पीटर्स से भेंट और योग दिवस का संदेश
17 जून को हाई कमिश्नर सैयावी ने न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री राइट ऑनरेबल विंस्टन पीटर्स से भी भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने विदेश मंत्री को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की टीशर्ट भेंट की, जो सांस्कृतिक कूटनीति का एक सहज उदाहरण रहा।
विंस्टन पीटर्स ने एक्स पर लिखा, "आज मैंने न्यूजीलैंड में भारत की नई हाई कमिश्नर मुआनपुई सैयावी का स्वागत किया। हमने 2020, 2024 और 2025 में मेरी भारत यात्रा को याद किया और उनके कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।" पीटर्स की भारत के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव की यह स्वीकृति दोनों देशों के बीच नेतृत्व-स्तरीय संबंधों की गहराई को रेखांकित करती है।
मोदी-लक्सन के बीच एक्स पर संवाद
11 जून को न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार चुने गए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। लक्सन ने एक्स पर लिखा, "बधाई हो नरेंद्र मोदी। न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करना मेरे लिए खुशी की बात रही। आने वाले वर्षों में दोनों देश मिलकर और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।"
जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद प्रधानमंत्री लक्सन। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। मैं इस रफ्तार को बनाए रखते हुए हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हूं।" यह आदान-प्रदान भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दोहराता है।
संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 1952 में राजनयिक संबंधों की नींव रखी गई थी। दोनों देश राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) के सदस्य हैं और उनकी कानूनी व्यवस्थाओं में कई समानताएं हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक समृद्धि के साझा लक्ष्य के आधार पर यह रिश्ता सात दशकों से अधिक समय से मजबूत बना हुआ है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने प्रशांत-क्षेत्रीय राजनयिक संबंधों को व्यापक बनाने पर जोर दे रहा है। एफटीए वार्ता की प्रगति और प्रवासी समुदाय के मुद्दों पर बढ़ती सक्रियता इस दिशा में ठोस संकेत हैं। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक सहयोग के और नए आयाम खुलने की संभावना है।