ईरान के राजदूत का खामेनेई की विरासत पर विचार: आत्मनिर्भरता और प्रतिरोध का संदेश

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ईरान के राजदूत का खामेनेई की विरासत पर विचार: आत्मनिर्भरता और प्रतिरोध का संदेश

सारांश

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने दिवंगत सुप्रीम लीडर खामेनेई की 'विरासत' को याद करते हुए ईरान की आत्मनिर्भरता और प्रतिरोध की कहानी साझा की। जानें इस संघर्ष के पीछे की सच्चाइयाँ।

Key Takeaways

  • ईरान की आत्मनिर्भरता खामेनेई की सोच का परिणाम है।
  • अमेरिका-इजरायल के हमले ने ईरान की स्थिति को और जटिल बना दिया है।
  • खामेनेई की विरासत में प्रतिरोध और स्वदेशी विकास शामिल हैं।
  • ईरान ने वैश्विक स्तर पर नैनोटेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी में प्रगति की है।
  • संघर्ष के चलते ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।

तेहरान, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इजरायल के हमले को एक महीना बीत चुका है, जिसमें ईरान के वर्तमान शासकों को हटाने और वहां के नागरिकों की सहायता करने का दावा किया गया था। यह एयर स्ट्राइक 28 फरवरी को की गई, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मृत्यु हो गई। मंगलवार को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने एक पोस्ट के माध्यम से खामेनेई को याद किया और कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए।

फतहाली ने अपनी पोस्ट में खामेनेई की विरासत को सम्मानित करते हुए यह बताया कि उनकी सोच के कारण ही ईरान ने तमाम पाबंदियों के बावजूद आत्मनिर्भरता हासिल की है।

उन्होंने कहा, "आत्मनिर्भरता, प्रतिरोध और स्वदेशी विकास—ये इमाम खामेनेई की तीन स्थायी और रणनीतिक विरासतें हैं। प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट स्थान हासिल करने में सफल रहा है।"

राजदूत ने आगे बताया कि यह विरासत ही आज ईरान को मजबूती प्रदान कर रही है और उसे नेस्तनाबूद करने की कोशिशें विफल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, "इस मार्ग पर चलने का नतीजा यह हुआ है कि दुनिया की सैन्य शक्तियां—हमारे विरुद्ध छेड़े गए एक अन्यायपूर्ण युद्ध के 30 दिन गुजरने के बाद भी—अपने लक्ष्यों को हासिल करने में असफल रही हैं।"

28 फरवरी को यूएस-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक से संघर्ष की शुरुआत हुई थी, जिसमें खामेनेई की मृत्यु का दावा इजरायल ने किया था। एक दिन बाद, इजरायल ने उनके निधन की पुष्टि की थी, जिसमें कई अन्य उच्च रैंक के सैन्य अधिकारियों की भी जान गई थी।

इसके पश्चात, ईरान और यूएस-इजरायल के बीच संघर्ष और तीव्र हो गया, जिसमें ईरान के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया। जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए।

Point of View

जहाँ अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद स्थिति और भी जटिल हो गई है। ईरान के राजदूत का खामेनेई के प्रति सम्मान और वर्तमान में ईरान की स्थिति पर उनका दृष्टिकोण, एक गहरी और चिंताजनक कहानी को दर्शाता है।
NationPress
01/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले का क्या कारण था?
हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान के वर्तमान शासकों को हटाना और वहां के लोगों की मदद करना था।
खामेनेई की मृत्यु कब हुई?
खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका-इजरायल ने एयर स्ट्राइक की।
ईरान की आत्मनिर्भरता कैसे संभव हुई?
ईरान ने खामेनेई की सोच के कारण कई क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भरता हासिल की।
क्या ईरान ने अमेरिका-इजरायल की हमलों का जवाब दिया?
हाँ, ईरान ने जवाब में खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।
खामेनेई की विरासत में क्या शामिल है?
उनकी विरासत में आत्मनिर्भरता, प्रतिरोध और स्वदेशी विकास शामिल हैं।
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