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नाटो महासचिव मार्क रुटे के बयान पर ईरान का पलटवार, यूरोप से युद्ध में भागीदारी की जवाबदेही माँगी

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नाटो महासचिव मार्क रुटे के बयान पर ईरान का पलटवार, यूरोप से युद्ध में भागीदारी की जवाबदेही माँगी

सारांश

ईरानी प्रवक्ता बाघेई ने नाटो प्रमुख रुटे के वीडियो बयान को 'स्वीकारोक्ति' बताते हुए EU और नाटो देशों से युद्ध में भागीदारी की जवाबदेही माँगी। रुटे की व्यक्तिगत जाँच की माँग और यूरोपीय नागरिकों से अपील — यह ईरान का अब तक का सबसे तीखा कूटनीतिक पलटवार है।

मुख्य बातें

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के बयान को ईरान युद्ध में यूरोपीय भागीदारी की 'स्पष्ट स्वीकारोक्ति' बताया।
बाघेई ने एक्स (X) पर रुटे का वीडियो पोस्ट कर यूरोपीय संघ , उसके सदस्य देशों और नाटो देशों की जवाबदेही तय करने की माँग की।
जवाबदेही के दायरे में राजनीतिक, सैन्य और लॉजिस्टिक सहायता शामिल करने की बात कही गई।
मार्क रुटे की नाटो महासचिव के रूप में व्यक्तिगत भूमिका की स्वतंत्र जाँच की माँग की गई।
बाघेई ने यूरोपीय नागरिकों से अपनी सरकारों से युद्ध में शामिल होने के फैसले का जवाब माँगने की अपील की।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 26 सितंबर 2026 को कहा कि नाटो (NATO) महासचिव मार्क रुटे के हालिया बयान ने यह पुष्टि कर दी है कि यूरोप ने अमेरिका और इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के विरुद्ध संचालित युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाई — जबकि इस पूरे दौरान इसे सार्वजनिक रूप से नकारा जाता रहा। बाघेई ने यूरोपीय संघ (EU), उसके सदस्य देशों और नाटो देशों की जवाबदेही तय करने तथा रुटे की व्यक्तिगत भूमिका की जाँच की माँग की है।

बाघेई का आरोप और रुटे का वीडियो

बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मार्क रुटे का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह नाटो महासचिव की 'एक और स्पष्ट स्वीकारोक्ति' है। उनके अनुसार, रुटे के बयान से यह सिद्ध होता है कि यूरोप ने 'जानबूझकर और सक्रिय रूप से' ईरान के खिलाफ छेड़े गए हमलावर युद्ध में हिस्सेदारी की, जबकि 'पूरे युद्ध के दौरान बार-बार इससे इनकार किया जाता रहा।'

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-इज़रायल संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पक्ष और विपक्ष की रेखाएँ पहले से ही तनावपूर्ण हैं।

जवाबदेही की माँग: राजनीतिक, सैन्य और लॉजिस्टिक सहयोग

बाघेई ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि जवाबदेही तय करने के दायरे में राजनीतिक, सैन्य, लॉजिस्टिक या किसी भी अन्य प्रकार की सहायता शामिल होनी चाहिए — जिसने जान-माल के नुकसान में योगदान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर युद्ध के जो दीर्घकालिक परिणाम आज भी महसूस किए जा रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी भी संबंधित देशों पर डाली जानी चाहिए।

गौरतलब है कि ईरान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि पश्चिमी देशों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इज़रायल के सैन्य अभियानों को समर्थन और संसाधन प्रदान किए।

यूरोपीय नागरिकों से अपील

बाघेई ने कहा कि यूरोप के नागरिकों को अपनी-अपनी सरकारों से यह जवाब माँगने का पूरा अधिकार है कि आखिर किन कारणों से उन्होंने इस हमले का समर्थन करने या उसमें शामिल होने के फैसले लिए। उनके अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों और आम जनता के सामने आई अन्य आर्थिक मुश्किलों को भी इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने यूरोपीय देशों पर सैन्य सहयोग का आरोप लगाया है, किंतु किसी नाटो प्रमुख के बयान को सीधे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना इस आरोपों को नया आयाम देता है।

रुटे की भूमिका की जाँच की माँग

ईरानी प्रवक्ता ने खास तौर पर माँग की कि नाटो महासचिव के रूप में मार्क रुटे द्वारा अपने अधिकार में उठाए गए कदमों की स्वतंत्र जाँच और समीक्षा होनी चाहिए। यह माँग कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि नाटो एक बहुपक्षीय संस्था है और उसके महासचिव पर सीधे व्यक्तिगत जिम्मेदारी का आरोप लगाना असाधारण कदम माना जाता है।

आगे क्या हो सकता है

ईरान की इस प्रतिक्रिया के बाद नाटो और यूरोपीय संघ की ओर से आधिकारिक जवाब की प्रतीक्षा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह बयानबाज़ी ईरान की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह पश्चिमी एकता में दरार डालने और युद्ध के लिए अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी तय करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर भी यह मुद्दा उठने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईरान की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा है जिसमें पश्चिमी गठजोड़ को भीतर से कमज़ोर करने की कोशिश की जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में खुद ही युद्ध में भागीदारी को लेकर जनमत बँटा हुआ है और ईंधन कीमतों से आम नागरिक परेशान हैं। व्यक्तिगत रूप से रुटे पर जाँच की माँग करना नाटो की संस्थागत वैधता को चुनौती देने का एक असाधारण कदम है, जिसे पश्चिमी देश सीधे नकारने की स्थिति में फिलहाल सावधान नज़र आ रहे हैं।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने यूरोप से जवाबदेही क्यों माँगी है?
ईरानी प्रवक्ता बाघेई ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के एक वीडियो बयान को आधार बनाते हुए कहा कि यूरोप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़रायल के युद्ध में सक्रिय रूप से भागीदारी की, जबकि सार्वजनिक रूप से इससे इनकार किया जाता रहा। इसी के आधार पर ईरान ने EU और नाटो देशों से राजनीतिक व सैन्य जवाबदेही की माँग की है।
इस्माइल बाघेई कौन हैं?
इस्माइल बाघेई ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। वे ईरान की विदेश नीति से जुड़े बयान और प्रतिक्रियाएँ सार्वजनिक रूप से जारी करते हैं और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर ईरान का आधिकारिक पक्ष रखते हैं।
मार्क रुटे के किस बयान पर ईरान ने आपत्ति जताई?
बाघेई ने एक्स पर रुटे का एक वीडियो साझा किया, जिसे उन्होंने ईरान युद्ध में यूरोपीय भागीदारी की 'स्पष्ट स्वीकारोक्ति' बताया। रुटे के उस बयान का सटीक पाठ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में अलग-अलग रूप में उद्धृत हुआ है, जिसे ईरान ने अपने आरोप का आधार माना है।
ईरान किन देशों की जवाबदेही चाहता है?
ईरान ने यूरोपीय संघ, उसके सभी सदस्य देशों और नाटो के सदस्य देशों की जवाबदेही माँगी है। इसमें राजनीतिक, सैन्य, लॉजिस्टिक या किसी भी प्रकार की ऐसी सहायता शामिल है जिसने ईरान के खिलाफ युद्ध में योगदान दिया।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
नाटो और यूरोपीय संघ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर भी उठ सकता है, और ईरान की यह कूटनीतिक कोशिश पश्चिमी गठजोड़ में दरार डालने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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