28 जुलाई 2026
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बुशहर हवाई अड्डा अमेरिकी हमलों में तबाह, ईरान बोला — 'जमीन से फिर बनाना होगा'

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बुशहर हवाई अड्डा अमेरिकी हमलों में तबाह, ईरान बोला — 'जमीन से फिर बनाना होगा'

सारांश

अमेरिकी मिसाइल हमलों ने बुशहर हवाई अड्डे को पूरी तरह तबाह कर दिया है — एक नवीनीकृत यात्री विमान नष्ट, मौसम विज्ञान केंद्र ध्वस्त। ईरान का कहना है कि अड्डे को जमीन से फिर बनाना होगा। यह जुलाई में संघर्ष विराम के दौरान हुए दो हमलों में से एक है, जो नागरिक और सैन्य ढाँचे के बीच की रेखा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने 28 जुलाई को दावा किया कि बुशहर हवाई अड्डा अमेरिकी हमलों में पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है।
हमले में नागरिक सेवा के लिए खरीदा गया एक नवीनीकृत यात्री विमान नष्ट हो गया; केवल पिछला छोटा हिस्सा बचा।
पूरी तरह नागरिक संस्थान बुशहर मौसम विज्ञान केंद्र भी लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गया।
यूएस सेंटकॉम ने 9 जुलाई को वीडियो जारी कर कहा था कि हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की क्षमता कमज़ोर करने के लिए थे।
बुशहर परमाणु संयंत्र को कोई क्षति नहीं; आईएईए ने इसकी पुष्टि की।
17 मार्च को भी बुशहर पर हमला हुआ था — रिएक्टर से 350 मीटर दूर एक संरचना कथित तौर पर नष्ट हुई थी।

ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने 28 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि हालिया अमेरिकी मिसाइल हमलों के कारण देश के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित बुशहर हवाई अड्डा पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है और इसे दोबारा चालू करने के लिए व्यापक पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे को 'जमीन से लेकर पूरी तरह फिर से तैयार' करना पड़ेगा।

हमले में क्या-क्या नष्ट हुआ

मोहाजेरानी ने बताया कि हमले में एक नवीनीकृत यात्री विमान सीधे मिसाइल की चपेट में आ गया, जिसे नागरिक सेवाओं के लिए खरीदा और तैयार किया गया था। उनके अनुसार, 'अब उसका केवल पिछला छोटा हिस्सा ही बचा है।' इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि बुशहर मौसम विज्ञान केंद्र — जो पूरी तरह नागरिक संस्थान है — भी हमले में लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गया। ईरानी अधिकारियों ने नागरिक बुनियादी ढाँचे को हुए इस नुकसान पर गहरी चिंता जताई है।

अमेरिका ने हमलों का क्या दिया था तर्क

यूएस सेंटकॉम ने 9 जुलाई को हमलों का वीडियो जारी करते हुए कहा था कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के विरुद्ध था। अमेरिकी सेना के बयान के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमज़ोर करना था। दावा किया गया कि हमलों में वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल भंडारण स्थल और ड्रोन ठिकानों सहित अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

परमाणु संयंत्र की स्थिति

गौरतलब है कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी इसी क्षेत्र में स्थित है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि परमाणु रिएक्टर को कोई क्षति नहीं पहुँची है और संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी इस हमले की पुष्टि की थी।

पहले भी हो चुका है हमला

यह ऐसी पहली घटना नहीं है। 17 मार्च को भी बुशहर पर इसी तरह का एक मिसाइल हमला हुआ था, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी। उस घटना में रिएक्टर से कथित तौर पर लगभग 350 मीटर दूर स्थित एक संरचना नष्ट हो गई थी। जुलाई में हुए ये ताज़ा हमले संघर्ष विराम की अवधि के दौरान ही हुए, जो इस संघर्ष की जटिलता को और उजागर करते हैं।

आगे क्या होगा

बुशहर हवाई अड्डे के पुनर्निर्माण की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। नागरिक ढाँचे को हुए नुकसान को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और आईएईए की निगरानी की भूमिका आने वाले दिनों में केंद्र में रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'सैन्य लक्ष्य' की परिभाषा कितनी व्यापक है? अमेरिका का तर्क होर्मुज में नागरिक जहाजों की सुरक्षा का है, लेकिन बुशहर में नागरिक ढाँचे की क्षति उसी तर्क को कमज़ोर करती है। संघर्ष विराम के दौरान हुए ये हमले यह भी दर्शाते हैं कि युद्धविराम की शर्तें कितनी अस्पष्ट थीं। आईएईए की निगरानी परमाणु संयंत्र तक सीमित है — नागरिक बुनियादी ढाँचे की जवाबदेही का कोई अंतर्राष्ट्रीय तंत्र अभी भी अनुपस्थित है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुशहर हवाई अड्डे पर अमेरिकी हमले कब हुए?
जुलाई 2026 में संघर्ष विराम की अवधि के दौरान बुशहर पर दो अमेरिकी हमले हुए। यूएस सेंटकॉम ने 9 जुलाई को इन हमलों का वीडियो जारी किया था।
ईरान के अनुसार बुशहर हवाई अड्डे को कितना नुकसान हुआ?
ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी के अनुसार, हवाई अड्डा पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है और इसे जमीन से फिर से बनाना होगा। एक नवीनीकृत यात्री विमान भी मिसाइल की सीधी चपेट में आकर नष्ट हो गया।
क्या बुशहर परमाणु संयंत्र को कोई नुकसान पहुँचा?
नहीं। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बुशहर परमाणु रिएक्टर को कोई क्षति नहीं पहुँची और संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी इसकी पुष्टि की है।
अमेरिका ने बुशहर पर हमले क्यों किए?
यूएस सेंटकॉम के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करने के उद्देश्य से किए गए। दावा किया गया कि वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
क्या बुशहर पर पहले भी हमला हो चुका है?
हाँ। 17 मार्च को भी बुशहर पर एक मिसाइल हमला हुआ था, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। उस घटना में रिएक्टर से कथित तौर पर लगभग 350 मीटर दूर स्थित एक संरचना नष्ट हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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