बुशहर हवाई अड्डा अमेरिकी हमलों में तबाह, ईरान बोला — 'जमीन से फिर बनाना होगा'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने 28 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि हालिया अमेरिकी मिसाइल हमलों के कारण देश के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित बुशहर हवाई अड्डा पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है और इसे दोबारा चालू करने के लिए व्यापक पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे को 'जमीन से लेकर पूरी तरह फिर से तैयार' करना पड़ेगा।
हमले में क्या-क्या नष्ट हुआ
मोहाजेरानी ने बताया कि हमले में एक नवीनीकृत यात्री विमान सीधे मिसाइल की चपेट में आ गया, जिसे नागरिक सेवाओं के लिए खरीदा और तैयार किया गया था। उनके अनुसार, 'अब उसका केवल पिछला छोटा हिस्सा ही बचा है।' इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि बुशहर मौसम विज्ञान केंद्र — जो पूरी तरह नागरिक संस्थान है — भी हमले में लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो गया। ईरानी अधिकारियों ने नागरिक बुनियादी ढाँचे को हुए इस नुकसान पर गहरी चिंता जताई है।
अमेरिका ने हमलों का क्या दिया था तर्क
यूएस सेंटकॉम ने 9 जुलाई को हमलों का वीडियो जारी करते हुए कहा था कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के विरुद्ध था। अमेरिकी सेना के बयान के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमज़ोर करना था। दावा किया गया कि हमलों में वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल भंडारण स्थल और ड्रोन ठिकानों सहित अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
परमाणु संयंत्र की स्थिति
गौरतलब है कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी इसी क्षेत्र में स्थित है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि परमाणु रिएक्टर को कोई क्षति नहीं पहुँची है और संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी इस हमले की पुष्टि की थी।
पहले भी हो चुका है हमला
यह ऐसी पहली घटना नहीं है। 17 मार्च को भी बुशहर पर इसी तरह का एक मिसाइल हमला हुआ था, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी। उस घटना में रिएक्टर से कथित तौर पर लगभग 350 मीटर दूर स्थित एक संरचना नष्ट हो गई थी। जुलाई में हुए ये ताज़ा हमले संघर्ष विराम की अवधि के दौरान ही हुए, जो इस संघर्ष की जटिलता को और उजागर करते हैं।
आगे क्या होगा
बुशहर हवाई अड्डे के पुनर्निर्माण की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। नागरिक ढाँचे को हुए नुकसान को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और आईएईए की निगरानी की भूमिका आने वाले दिनों में केंद्र में रहेगी।