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अबादान पर अमेरिकी मिसाइल हमला, ईरान ने जॉर्डन-कुवैत-बहरीन को बनाया निशाना

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अबादान पर अमेरिकी मिसाइल हमला, ईरान ने जॉर्डन-कुवैत-बहरीन को बनाया निशाना

सारांश

अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक तेल शहर अबादान पर मिसाइल दागे — यह इसी सप्ताह दूसरा हमला है। जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन को निशाना बनाया। कुवैत का डिसैलिनेशन प्लांट जला, जॉर्डन ने तीन मिसाइलें मार गिराईं और अमेरिका ने इजरायल से अपने रिफ्यूलिंग विमान हटाए — मध्य-पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर।

मुख्य बातें

अमेरिका ने 19 जुलाई 2026 को ईरान के अबादान (खुजेस्तान प्रांत) पर मिसाइल हमला किया; यह इसी सप्ताह दूसरा हमला है।
हमले में कोई हताहत नहीं; अबादान ईरान की सबसे पुरानी तेल रिफाइनरी का केंद्र है।
जवाब में ईरान ने जॉर्डन , कुवैत और बहरीन पर हवाई हमले किए।
जॉर्डन की वायु रक्षा ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराईं; चौथी सुनसान इलाके में गिरी।
कुवैत के बिजली और डिसैलिनेशन प्लांट पर दो दिनों में दूसरा हमला; आग से बिजली उत्पादन प्रभावित।
अमेरिकी सेना ने दक्षिणी इजरायल के रेमन एयरपोर्ट से अपने रिफ्यूलिंग विमान हटाए।

अमेरिका ने 19 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुजेस्तान प्रांत में स्थित अबादान शहर के बाहरी इलाके पर मिसाइल हमला किया। अबादान ईरान की सबसे पुरानी तेल रिफाइनरी का केंद्र है और इसकी सीमा इराक से सटी हुई है। अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

तसनीम एजेंसी ने खुजेस्तान प्रांत के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि यह इसी सप्ताह अबादान पर दूसरा अमेरिकी हमला है। गौरतलब है कि अबादान की भौगोलिक स्थिति — इराकी सीमा से सटे होने और ईरान के सबसे पुराने तेल शोधन केंद्र होने के कारण — इसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।

इन हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी इजरायल के रेमन एयरपोर्ट से अपने ईंधन भरने वाले सैन्य विमानों (रिफ्यूलिंग प्लेन) को हटा लिया। यह एयरपोर्ट इलात शहर से करीब 18 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी न्यूज के अनुसार, इन हमलों के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की उड़ानों में भी देरी हुई।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

जॉर्डन, कुवैत और बहरीन ने रविवार को कहा कि ईरान ने उनके इलाकों की ओर हवाई हमले किए। जॉर्डन के सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई तीन मिसाइलों को सीमा में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया। चौथी मिसाइल दक्षिणी जॉर्डन के एक सुनसान इलाके में गिरी, जिसमें कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ।

कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन मिसाइलों का संभावित निशाना जॉर्डन के सबसे दक्षिणी तटीय शहर अकाबा में मौजूद अमेरिकी सैन्य विमान थे। अकाबा की सीमा सीधे इजरायल के इलात शहर से लगती है, जो इस क्षेत्र को भू-राजनीतिक रूप से और भी संवेदनशील बनाता है।

अकाबा बंदरगाह और एयरपोर्ट पर खतरे की चेतावनी

अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने रविवार को सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अकाबा का एयरपोर्ट और बंदरगाह एक 'विशिष्ट और विश्वसनीय खतरे' के कारण खाली करा दिए गए हैं। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को अगली सूचना तक इन स्थानों और जॉर्डन में मौजूद सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी।

हालांकि, बाद में जॉर्डन के अधिकारियों ने अमेरिकी दूतावास के इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट और बंदरगाह दोनों सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

कुवैत के बुनियादी ढाँचे पर हमला

रविवार को कुवैत के अधिकारियों ने बताया कि देश के एक बिजली उत्पादन और समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्र (डिसैलिनेशन प्लांट) पर दो दिनों में दूसरी बार ईरान की ओर से हमला किया गया। इस हमले में आग लग गई, जिससे बिजली उत्पादन बाधित हुआ।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव पहले से ही चरम पर है। अमेरिकी सैन्य विमानों का रेमन एयरपोर्ट से हटाया जाना और कई देशों में ईरानी हमले एक साथ क्षेत्रीय संघर्ष के और व्यापक होने के संकेत देते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, कुवैत के ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर बार-बार हमले वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ईरान के तेल बुनियादी ढाँचे को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने की रणनीति का संकेत है। चिंताजनक यह है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अब केवल इजरायल तक सीमित नहीं रही — जॉर्डन, कुवैत और बहरीन जैसे अमेरिकी साझेदार देशों पर हमले क्षेत्रीय संघर्ष को खतरनाक रूप से व्यापक बना रहे हैं। कुवैत के डिसैलिनेशन प्लांट पर बार-बार हमले खाड़ी देशों की नागरिक आबादी को सीधे प्रभावित करते हैं और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार के लिए गंभीर संकेत हैं। अमेरिकी दूतावास और जॉर्डन सरकार के बीच अकाबा की स्थिति को लेकर परस्पर विरोधी बयान यह भी दर्शाते हैं कि सूचना-युद्ध इस संघर्ष का एक और मोर्चा बन चुका है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने अबादान पर हमला क्यों किया?
अबादान ईरान का सबसे पुराना और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी शहर है, जो इराक की सीमा से सटा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, यह इसी सप्ताह अमेरिका का वहाँ दूसरा हमला है, हालांकि हमले के पीछे की आधिकारिक वजह अभी तक अमेरिका ने सार्वजनिक नहीं की है।
ईरान ने किन देशों पर जवाबी हमले किए?
ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन को निशाना बनाया। जॉर्डन ने तीन मिसाइलें मार गिराईं और एक सुनसान इलाके में गिरी; कुवैत के बिजली और डिसैलिनेशन प्लांट पर दो दिनों में दूसरी बार हमला हुआ।
अकाबा एयरपोर्ट और बंदरगाह पर क्या हुआ?
अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि अकाबा का एयरपोर्ट और बंदरगाह 'विशिष्ट और विश्वसनीय खतरे' के कारण खाली कराए गए। हालांकि, जॉर्डन के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि दोनों स्थान सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
अमेरिका ने रेमन एयरपोर्ट से विमान क्यों हटाए?
इजरायल के चैनल '13 न्यूज' के अनुसार, ईरानी हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी इजरायल के रेमन एयरपोर्ट से अपने रिफ्यूलिंग विमान हटा लिए। यह एयरपोर्ट इलात से करीब 18 किलोमीटर उत्तर में है और अकाबा के निकट होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
कुवैत के डिसैलिनेशन प्लांट पर हमले का क्या असर हुआ?
कुवैत अधिकारियों के अनुसार, बिजली उत्पादन और समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्र पर दो दिनों में दूसरे हमले में आग लग गई, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। खाड़ी देशों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए डिसैलिनेशन संयंत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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