आईआरजीसी का 'ऑपरेशन नस्र': नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर हवाई हमले का दावा
सारांश
मुख्य बातें
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार, 9 जून 2025 को घोषणा की कि उसने इजरायल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर जवाबी हवाई हमले किए हैं। आईआरजीसी ने इस सैन्य अभियान को 'ऑपरेशन नस्र' (ऑपरेशन विजय) का नाम दिया है। ईरान-इजरायल तनाव के बीच रविवार रात से शुरू हुए हमलों के सिलसिले ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर अशांति की स्थिति पैदा कर दी है।
ऑपरेशन नस्र: क्या है यह सैन्य अभियान
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स के जवानों ने सोमवार को यह अभियान शुरू किया। बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई इजरायली सैन्य गतिविधियों के प्रत्युत्तर में की गई।
आईआरजीसी के बयान में कहा गया, 'यह ऑपरेशन बच्चों के हत्यारे जायोनिस्ट शासन की ओर से ईरान के तीन अलग-अलग इलाकों में स्थित कई रडार ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में किया गया।'
रविवार रात का घटनाक्रम
ईरानी सशस्त्र बलों ने रविवार रात इजरायल के कब्जे वाले इलाकों पर मिसाइलों की बौछार की। इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कब्जे वाले गोलान हाइट्स, तिबेरियास, सफद, नाजरेथ, हाइफा और कई अन्य शहरों में हवाई हमले के सायरन बज उठे।
फार्स न्यूज के अनुसार, आईआरजीसी की इस कार्रवाई का तत्काल कारण इजरायली शासन द्वारा युद्धविराम उल्लंघन था, जिसमें ईरानी क्षेत्र के भीतर कुछ लक्ष्यों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए गए।
लेबनान पर इजरायली कार्रवाई की पृष्ठभूमि
ये घटनाएँ लेबनान के विरुद्ध इजरायली सेना की लगातार सैन्य कार्रवाई के व्यापक संदर्भ में हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन कार्रवाइयों में कथित तौर पर प्रतिबंधित फॉस्फोरस बमों का इस्तेमाल और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दाहियेह को निशाना बनाना भी शामिल था। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी हैं।
आईआरजीसी की चेतावनी और तैयारी
आईआरजीसी ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि इजरायली सेना की कार्रवाई के जवाब में 'तेज प्रतिक्रिया' देना और 'बड़ी संख्या में संभावित लक्ष्यों की पहचान' करना इस चरण के महत्वपूर्ण कदमों में से था।
बयान में आगे कहा गया, 'आईआरजीसी की सभी लड़ाकू और ऑपरेशनल इकाइयाँ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका उद्देश्य दुश्मन को हर मोर्चे पर सबक सिखाना है। साथ ही, दुश्मन की संभावित रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य योजनाएँ भी तैयार कर ली गई हैं।'
गौरतलब है कि यह संघर्ष केवल द्विपक्षीय नहीं रहा — इसकी व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिध्वनि है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस पर टिकी हैं। आने वाले घंटों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया इस संघर्ष की दिशा तय करेगी।