23 जुलाई 2026
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आईडीएफ का दावा: ईरान की बहाल रक्षा प्रणालियाँ फिर तबाह, ऑपरेशन नस्र से पलटवार

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आईडीएफ का दावा: ईरान की बहाल रक्षा प्रणालियाँ फिर तबाह, ऑपरेशन नस्र से पलटवार

सारांश

IDF ने दावा किया कि उसने ईरान की पुनर्स्थापित रक्षा प्रणालियों को फिर से नष्ट कर दिया है — ऑपरेशन रोरिंग लायन के बाद ईरान ने जो क्षमताएँ दोबारा खड़ी की थीं। जवाब में IRGC ने 'ऑपरेशन नस्र' के तहत इजरायली एयरबेस पर हमले का दावा किया। दोनों पक्षों के बीच टकराव तेज़ी से बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

IDF ने दावा किया कि उसके दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरान की पुनर्स्थापित रणनीतिक रक्षा प्रणालियों को 8 जून 2026 को नष्ट कर दिया।
ईरान ने ऑपरेशन रोरिंग लायन के बाद क्षतिग्रस्त रक्षा क्षमताओं को बहाल करने की कोशिश की थी, जिसे इस हमले में फिर तबाह किया गया।
IRGC ने जवाबी कार्रवाई में 'ऑपरेशन नस्र' शुरू कर इजरायल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर हमले का दावा किया।
फार्स न्यूज के अनुसार, IRGC ने इस कार्रवाई को इजरायल द्वारा युद्धविराम उल्लंघन और ईरानी रडार ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का जवाब बताया।
दोनों पक्षों के बीच हमले और पलटवार जारी रहने से पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका गहरा रही है।

इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने 8 जून 2026 को दावा किया कि उसके वायु सेना के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरान की उन रणनीतिक रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया, जिन्हें ईरानी शासन ने ऑपरेशन रोरिंग लायन के बाद से फिर से बहाल करने की कोशिश की थी। IDF के अनुसार यह कार्रवाई सैन्य खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।

मुख्य घटनाक्रम

IDF ने अपनी आधिकारिक एक्स (X) पोस्ट में बताया कि वायु सेना के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरान के कई अलग-अलग इलाकों में तैनात रक्षा प्रणालियों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। IDF का कहना है कि ये प्रणालियाँ ईरानी शासन द्वारा अपनी डिटेक्शन और रक्षा क्षमताओं को फिर से खड़ा करने के प्रयास का हिस्सा थीं। इस ताज़ा हमले में उन सभी पुनर्स्थापित रक्षा ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है।

ऑपरेशन रोरिंग लायन से संबंध

गौरतलब है कि ऑपरेशन रोरिंग लायन के दौरान IDF ने ईरानी शासन की रक्षा प्रणालियों पर गहराई तक जाकर हमला किया था, जिससे उनकी हवाई सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुँचा था। IDF के मुताबिक, ताज़ा हमले ने ईरानी हवाई क्षेत्र में इजरायली वायु सेना की कार्रवाई करने की स्वतंत्रता और क्षमता को और मजबूत किया है।

ईरान का पलटवार — ऑपरेशन नस्र

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन नस्र' (ऑपरेशन विजय) शुरू किया। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के अनुसार, IRGC ने एक बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स के जवानों ने सोमवार को इजरायल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर हवाई हमले किए।

IRGC के बयान में कहा गया कि यह ऑपरेशन इजरायल की ओर से ईरान के तीन अलग-अलग इलाकों में स्थित कई रडार ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में किया गया। फार्स न्यूज के अनुसार, IRGC ने इसे इजरायली शासन द्वारा युद्धविराम उल्लंघन का परिणाम बताया, जिसमें ईरानी क्षेत्र के भीतर लक्ष्यों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया था।

बढ़ता तनाव और युद्ध के हालात

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार घातक हमले जारी हैं, जिसने एक बार फिर व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पश्चिम एशिया में व्यापक अस्थिरता का कारण बन सकती है।

आगे क्या

दोनों पक्षों के बीच हमलों और जवाबी हमलों का यह सिलसिला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई कूटनीतिक हस्तक्षेप इस बढ़ते टकराव को रोक सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक ऐसे चक्र की ओर इशारा करता है जिसमें दोनों पक्ष 'एस्केलेशन डोमिनेंस' साबित करने की होड़ में हैं। IRGC द्वारा इजरायली एयरबेस पर हमले के दावे — अगर सत्य हैं — तो यह संघर्ष को एक नए, अधिक खतरनाक स्तर पर ले जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की अनुपस्थिति में, यह तनाव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होने का जोखिम उठाए हुए है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IDF ने ईरान की रक्षा प्रणालियों पर हमले का दावा क्यों किया?
IDF के अनुसार, ईरानी शासन ने ऑपरेशन रोरिंग लायन में क्षतिग्रस्त अपनी डिटेक्शन और रक्षा क्षमताओं को फिर से बहाल करने की कोशिश की थी। सैन्य खुफिया जानकारी के आधार पर इन पुनर्स्थापित प्रणालियों को नष्ट करने के लिए यह हमला किया गया।
ऑपरेशन रोरिंग लायन क्या था?
ऑपरेशन रोरिंग लायन IDF का एक पूर्व सैन्य अभियान था जिसमें ईरानी शासन की रक्षा प्रणालियों पर गहराई तक जाकर हमला किया गया था। इस अभियान में ईरान की हवाई सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुँचाया गया था, जिसे ईरान बाद में बहाल करने की कोशिश में था।
IRGC का ऑपरेशन नस्र क्या है?
फार्स न्यूज के अनुसार, ऑपरेशन नस्र (ऑपरेशन विजय) IRGC की एयरोस्पेस फोर्स का जवाबी अभियान है, जिसमें इजरायल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर हमले का दावा किया गया। IRGC ने इसे इजरायल द्वारा ईरानी रडार ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का जवाब बताया।
ईरान-इजरायल के बीच मौजूदा तनाव कितना गंभीर है?
दोनों पक्षों की ओर से लगातार हवाई हमले और जवाबी हमले जारी हैं, जिसने पश्चिम एशिया में व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
IDF के इस हमले का क्या सामरिक महत्व है?
IDF के अनुसार, इस हमले ने ईरानी हवाई क्षेत्र में इजरायली वायु सेना की कार्रवाई करने की स्वतंत्रता और क्षमता को और मजबूत किया है। यह ईरान की हवाई सुरक्षा को कमज़ोर रखने की IDF की रणनीति का हिस्सा कथित तौर पर है।
राष्ट्र प्रेस
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