ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसिन पाकनेजाद का इस्तीफा, हामिद बोवार्ड बने कार्यवाहक मंत्री
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने 5 अक्टूबर 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इसे स्वीकार करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय के उप मंत्री तथा नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के प्रबंध निदेशक हामिद बोवार्ड को कार्यवाहक पेट्रोलियम मंत्री नियुक्त किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर क्षेत्र में उथल-पुथल जारी है।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
राष्ट्रपति कार्यालय में संचार मामलों के उप प्रमुख सैयद मेहदी तबाताबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस्तीफे की पुष्टि की। सरकारी आईआरआईबी टीवी से बातचीत में तबाताबाई ने बताया कि पाकनेजाद ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पहले भी इस्तीफा सौंपा था, किंतु राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शुरू में उसे अस्वीकार कर दिया था।
बाद में राष्ट्रपति ने इस्तीफे को मंजूरी देते हुए हामिद बोवार्ड की नियुक्ति का आदेश जारी किया। गौरतलब है कि पाकनेजाद को अगस्त 2024 में संसद से विश्वास मत मिलने के पश्चात पेट्रोलियम मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया था।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल आपूर्ति पर असर
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे नाजुक दौर में हुआ है जब ईरान ने 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली थी। इजरायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों के सुरक्षित मार्ग पर प्रतिबंध लगाए जाने से इस संकरे जलमार्ग से होने वाली आवाजाही प्रभावित हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का एक अत्यंत संवेदनशील धमनी मार्ग है — दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति इसी से गुजरती है। इस पर बंदिश का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहा है।
ईरान-अमेरिका वार्ता की स्थिति
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गारिबाबादी ने 5 अक्टूबर को तेहरान में बताया कि अमेरिका ने मध्यस्थों के जरिए ईरान के हालिया प्रस्ताव पर अपने विचार भेजे हैं, जिनकी देश के भीतर 'सही माध्यमों' से समीक्षा की जा रही है।
अर्ध-आधिकारिक फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, गारिबाबादी ने स्पष्ट किया कि ईरान का यह प्रस्ताव वही 'सात दिन की योजना' है जिसे विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पिछले महीने के अंत में न्यूयॉर्क में दूसरे पक्ष के सामने रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि जब ईरान का अंतिम रुख तैयार होगा, तो उचित माध्यमों से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आगे क्या होगा
कार्यवाहक मंत्री हामिद बोवार्ड के सामने तत्काल चुनौती होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति और ईरान के तेल निर्यात पर लागू प्रतिबंधों के बीच देश के ऊर्जा क्षेत्र को संतुलित रखने की होगी। यदि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता आगे बढ़ती है, तो बोवार्ड की नीतिगत दिशा ही यह तय करेगी कि ईरान की तेल कूटनीति किस राह पर जाती है।