ईरान के राष्ट्रपति का अमेरिका को खुला पत्र: कोई दुश्मनी नहीं, पर इज़रायल का आरोप

Click to start listening
ईरान के राष्ट्रपति का अमेरिका को खुला पत्र: कोई दुश्मनी नहीं, पर इज़रायल का आरोप

सारांश

तेहरान से एक महत्वपूर्ण संदेश में, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिकी जनता से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, जबकि इज़रायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें इस पत्र में क्या कहा गया है।

Key Takeaways

  • ईरानी जनता और अमेरिकी लोगों के बीच कोई दुश्मनी नहीं है।
  • अमेरिकी प्रशासन पर इज़रायल के प्रतिनिधि के रूप में लड़ने का आरोप।
  • ईरान ने कभी भी आक्रामकता का रास्ता नहीं अपनाया।
  • पत्र में युद्ध अपराध और अमेरिकी सैन्य ठिकानों का उल्लेख।
  • दुनिया को टकराव और संवाद के बीच चयन करने की आवश्यकता है।

तेहरान, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने स्पष्ट किया है कि ईरानी लोग अमेरिकी नागरिकों के प्रति कोई दुश्मनी नहीं रखते हैं। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर ईरान के खिलाफ इज़रायल के प्रतिनिधि के रूप में लड़ने का आरोप भी लगाया।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पेज़ेशकियन ने ये बातें अमेरिकी जनता के नाम लिखे गए पत्र में कहीं, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रहे संघर्ष पर ईरान का दृष्टिकोण साझा किया।

उन्होंने कहा, “ईरानी लोग अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों सहित किसी भी राष्ट्र के प्रति दुश्मनी नहीं रखते।” उन्होंने आगे कहा, “अपने गौरवशाली इतिहास में, ईरानियों ने हमेशा सरकारों और उनके लोगों के बीच अंतर को समझा है, भले ही उन्हें विदेशी हस्तक्षेप और दबाव का सामना करना पड़ा हो।”

पेज़ेशकियन ने यह भी कहा कि ईरान ने अपने आधुनिक इतिहास में कभी भी आक्रामकता, विस्तारवाद, उपनिवेशवाद या प्रभुत्व का रास्ता नहीं अपनाया, जबकि उसे वैश्विक शक्तियों द्वारा कब्जे और आक्रमण का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायल द्वारा ईरान को खतरे के रूप में प्रस्तुत करना एक कहानी है, जिसका उद्देश्य “फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने अपराधों से ध्यान हटाना” है।

पेज़ेशकियन ने ईरान के चारों ओर अमेरिकी सैन्य ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे शुरू होने वाली अमेरिकी आक्रामकताओं से यह स्पष्ट होता है कि यह सैन्य मौजूदगी कितनी खतरनाक हो सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी के जवाब में उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले सीधे ईरानी जनता को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम युद्ध अपराध हैं और इनके प्रभाव ईरान की सीमाओं से बाहर तक फैलेंगे।

पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका इज़रायल के प्रॉक्सी के रूप में ईरान के साथ युद्ध में शामिल हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इज़रायल अपने “अवैध हितों” के लिए अमेरिकी सैनिकों और करदाताओं के पैसे का उपयोग कर ईरान से लड़ना चाहता है।

उन्होंने सवाल किया, “क्या ‘अमेरिका फर्स्ट’ वास्तव में आज अमेरिकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है?” उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय “एक चौराहे पर खड़ी है,” जहां उसे टकराव और संवाद के बीच चयन करना होगा।

२८ फरवरी को, अमेरिका और इज़रायल ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और नागरिक मारे गए।

इसके जवाब में, ईरान ने इज़रायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला शुरू की।

Point of View

जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच के संबंधों को सुधारने की उम्मीद दिखाई है। लेकिन साथ ही, इज़रायल पर आरोप भी लगाया गया है, जो इस विषय को और जटिल बनाता है।
NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को पत्र क्यों लिखा?
उन्होंने अमेरिकी जनता को बताया कि ईरानी लोग उनके प्रति दुश्मनी नहीं रखते और इज़रायल के खिलाफ अमेरिकी प्रशासन की भूमिका को उजागर किया।
पत्र में इज़रायल के बारे में क्या कहा गया?
पत्र में इज़रायल पर आरोप लगाया गया है कि वह ईरान को खतरे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है ताकि अपने अपराधों से ध्यान हटा सके।
क्या ईरान ने कभी आक्रामकता का रास्ता अपनाया है?
पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान ने अपने इतिहास में कभी भी आक्रामकता, विस्तारवाद या उपनिवेशवाद का रास्ता नहीं अपनाया।
अमेरिकी प्रशासन का ईरान के प्रति क्या रुख है?
अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के खिलाफ इज़रायल के प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया है, जैसा कि पेज़ेशकियन ने आरोप लगाया।
इस पत्र का वैश्विक महत्व क्या है?
यह पत्र ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संवाद को दर्शाता है, जो वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है।
Nation Press