ईरान राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बड़ा ऐलान: तेल-गैस निर्भरता घटाने को नई तकनीक और युवा वैज्ञानिकों पर दांव
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) की स्थापना की 46वीं वर्षगांठ के अवसर पर घोषणा की कि ईरान को तेल और गैस संसाधनों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए घरेलू वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं का पूरा उपयोग करना होगा। उन्होंने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने को देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में गिनाया।
क्या बोले राष्ट्रपति पेजेश्कियन
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि आवश्यक तकनीकी ढाँचे के विकास से ईरान के युवा, प्रतिभाशाली लोग और वैज्ञानिक देश की प्रगति का रास्ता तैयार कर सकेंगे। उन्होंने नई तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को ईरान की 'सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरतों में से एक' बताया। उनके अनुसार इससे विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल होगी और विरोधी देशों को प्रतिबंधों व दबाव के ज़रिए ईरान की प्रगति रोकने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने ईरानी जनता से युवाओं पर भरोसा करने की अपील करते हुए कहा कि समस्याओं और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए वैज्ञानिकों और दूरदर्शी लोगों की ज़रूरत है।
जिहाद-ए-दानेशगाही: संस्था का परिचय
जिहाद-ए-दानेशगाही एक सार्वजनिक गैर-लाभकारी संस्था है, जो रक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और रोज़गार जैसे क्षेत्रों में शोध और प्रशिक्षण का कार्य करती है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जब ईरान पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग से काफी हद तक कटा हुआ है। गौरतलब है कि इस संस्था की स्थापना इस्लामी क्रांति के शुरुआती दौर में हुई थी और यह तब से देश के तकनीकी विकास की रीढ़ मानी जाती है।
अमेरिका-इज़रायल पर निशाना, शहीदों को श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों और प्रमुख हस्तियों की हत्याओं तथा ईरान के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व शोध केंद्रों पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, दुश्मनों का उद्देश्य ईरान की क्षमताओं और देश की समस्याओं को सुलझाने वाले लोगों को निशाना बनाना था।
समारोह में पेजेश्कियन ने इस्लामी गणराज्य ईरान के संस्थापक इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के दिवंगत नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उन सभी शहीदों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने ईरान की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपना जीवन बलिदान किया।
सरकार का जिहाद-ए-दानेशगाही को समर्थन का वादा
राष्ट्रपति ने घोषणा की कि उनकी सरकार जिहाद-ए-दानेशगाही की तकनीकी परियोजनाओं में सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने संस्था के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया कि वे अपनी चुनौतियाँ और सुझाव सरकार के साथ साझा करें।
समारोह के अंत में पेजेश्कियन ने 'राष्ट्रीय जिहाद-ए-दानेशगाही पुरस्कार' शहीद अली लारिजानी के परिवार को प्रदान किया — यह सम्मान ईरान के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में उनके जीवनभर के योगदान के लिए दिया गया।
आगे क्या होगा
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरान पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में अपनी अर्थव्यवस्था को विविध बनाने की कोशिश कर रहा है। तेल-गैस राजस्व पर निर्भरता कम करना ईरान के लिए दशकों पुरानी चुनौती रही है, और अब तकनीकी आत्मनिर्भरता को इस लक्ष्य की धुरी बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन और संस्थागत समर्थन इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।