ईरान के उपराष्ट्रपति आरेफ का दावा: अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जल्द मनाएंगे जीत का जश्न, होर्मुज पर तनाव जारी

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ईरान के उपराष्ट्रपति आरेफ का दावा: अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जल्द मनाएंगे जीत का जश्न, होर्मुज पर तनाव जारी

सारांश

दो हफ्ते के सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। ईरानी उपराष्ट्रपति आरेफ ने जीत का दावा किया, जबकि ट्रंप ने सीजफायर को बरकरार बताते हुए ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने का व्यापक प्रस्ताव दिया। यह टकराव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

मुख्य बातें

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरेफ ने 8 मई को दावा किया कि ईरान जल्द ही अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जीत का जश्न मनाएगा।
दो हफ्ते के सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट में दोनों पक्षों की ओर से नई सैन्य झड़पें शुरू हुई हैं।
आरेफ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान का रणनीतिक इलाका है और ईरानी नियंत्रण में यह जलमार्ग सुरक्षित रहेगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर अभी भी लागू है और अमेरिका का प्रस्ताव सिर्फ एक पन्ने से कहीं अधिक व्यापक है।
ट्रंप के अनुसार प्रस्ताव में ईरान द्वारा परमाणु हथियार न रखने की शर्त शामिल है; तेहरान पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए इस संदेश की समीक्षा कर रहा है।

ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरेफ ने गुरुवार, 8 मई को दावा किया कि ईरानी जनता जल्द ही अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चल रही इस लड़ाई में बड़ी जीत का जश्न मनाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट में फिर से सैन्य तनाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं।

आरेफ का बयान और पुनर्निर्माण का दौरा

इस्लाम टाइम्स के अनुसार, उपराष्ट्रपति आरेफ ने नेशनल पेट्रोकेमिकल कंपनी, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का दौरा करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं और उद्योगों को हुए नुकसान का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में पुनर्निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और ईरानी जनता की बड़ी जीत के साथ ही पाबंदियाँ हटा दी जाएंगी।

उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट पर झड़पें और अमेरिकी प्रतिबंधों का दबाव अभी भी बरकरार है। ट्रंप का 'एक पन्ने से बड़ा प्रस्ताव' वाला बयान यह संकेत देता है कि वाशिंगटन परमाणु मुद्दे पर ईरान से व्यापक समझौता चाहता है, लेकिन पाकिस्तानी मध्यस्थता की भूमिका यह भी दर्शाती है कि सीधी बातचीत अभी भी मुश्किल है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, इसलिए यह तनाव भारत सहित सभी ऊर्जा-आयातक देशों के लिए सीधी चिंता का विषय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के उपराष्ट्रपति आरेफ ने जीत का दावा क्यों किया?
इस्लाम टाइम्स के अनुसार, उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरेफ ने 8 मई को नुकसान के आकलन दौरे के दौरान कहा कि देश में पुनर्निर्माण जारी है और ईरानी जनता जल्द ही अमेरिका व इजरायल के खिलाफ बड़ी जीत का जश्न मनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जीत के साथ ही वर्षों पुरानी पाबंदियाँ हटा दी जाएंगी।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का क्या रुख है?
उपराष्ट्रपति आरेफ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और ईरान इसके प्रबंधन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ईरान दबदबा नहीं बल्कि क्षेत्रीय सहयोग चाहता है ताकि इस इलाके को आर्थिक केंद्र बनाया जा सके।
ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर पर क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर नई सैन्य झड़पों के बावजूद ईरान के साथ सीजफायर लागू है। उन्होंने लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल के पास मीडिया से कहा कि अगर सीजफायर नहीं होता तो इसका तुरंत पता चल जाता।
अमेरिका ने ईरान को क्या प्रस्ताव दिया है?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का प्रस्ताव केवल एक पन्ने का नहीं बल्कि कहीं अधिक व्यापक है, जिसमें ईरान द्वारा परमाणु हथियार न रखने और 'न्यूक्लियर डस्ट' सहित अन्य माँगें शामिल हैं। तेहरान इस संदेश की समीक्षा पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए कर रहा है।
इस तनाव का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति प्राप्त करता है और भारत भी इस मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। इस जलमार्ग पर किसी भी व्यवधान से भारत में ऊर्जा कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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