ईरानी दूतावास का भारतीयों को आश्वासन: 'आप सुरक्षित हैं, कोई चिंता की बात नहीं'

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ईरानी दूतावास का भारतीयों को आश्वासन: 'आप सुरक्षित हैं, कोई चिंता की बात नहीं'

सारांश

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के बीच, भारत में ईरानी दूतावास ने भारतीय नागरिकों को आश्वासन दिया है कि वे सुरक्षित हैं। जानिए इस विवाद की पृष्ठभूमि और ईरान की स्थिति क्या है।

मुख्य बातें

ईरानी दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति चिंताजनक है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों की चेतावनी दी है।
उपद्रव के चलते 1,869 परिवारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। एक ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान और उसकी शक्तियों को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है, जबकि दूसरी ओर ईरान अपने हमलों में वृद्धि कर रहा है। इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट के मामलों को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न हो गई है। इस संदर्भ में, भारत में ईरानी दूतावास ने आश्वासन दिया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षित हाथों में हैं।

दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा है, "होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य केवल ईरान और ओमान ही निर्धारित करेंगे। आप सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई आवश्यकता नहीं।" इस पोस्ट को भारत में ईरानी दूतावास द्वारा भी पुनः साझा किया गया है।

तेहरान के मेयर के प्रवक्ता अब्दुलमोहर मोहम्मदखानी ने कहा कि हाउसिंग यूनिट्स को हुए नुकसान में कांच, दरवाजे और खिड़कियों जैसी छोटी-मोटी मरम्मत से लेकर बड़े रीकंस्ट्रक्शन या पूरे रेनोवेशन तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 1,869 परिवारों को घरों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि लगभग 1,245 परिवारों को 23 आवासीय कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया गया है।

मोहम्मदखानी ने आगे बताया कि अब तक 4,000 से अधिक आवासीय यूनिट्स की मरम्मत का कार्य आरंभ हो चुका है, जिसे नगर निकाय ने या तो स्वयं किया है या वित्तीय सहायता प्रदान की है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्रंप के भाषण का उत्तर देते हुए एक बयान जारी किया है। वास्तव में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि ईरान को दो से तीन हफ्तों में एक समझौते के लिए सहमत होना होगा, या फिर उसे अपने सभी पावर प्लांट्स पर हमलों का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप की इस धमकी पर इस्माइल बघाई ने कहा, "हम युद्ध, बातचीत, सीजफायर और फिर उसी पैटर्न को दोहराने के इस बुरे चक्र को बर्दाश्त नहीं करेंगे।" उन्होंने चल रहे संघर्ष को "न केवल ईरान के लिए, बल्कि समग्र क्षेत्र और उससे आगे के लिए विनाशकारी" बताया।

bघाई ने कहा कि जब तक अमेरिकी-इजरायली हमले जारी रहेंगे, ईरान जवाबी कार्रवाई करता रहेगा। तेहरान अपने खाड़ी पड़ोसियों को दुश्मन नहीं मानता।

उन्होंने कहा, "हमने बार-बार कहा है कि हम सभी के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। समस्या यह है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ अपने सैन्य हमलों के लिए इन क्षेत्रों का उपयोग कर रहे हैं।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष क्यों हो रहा है?
ईरान और अमेरिका के बीच टकराव कई राजनीतिक और आर्थिक कारणों से हो रहा है, जिसमें परमाणु मुद्दे और क्षेत्रीय प्रभाव शामिल हैं।
क्या भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं?
हां, ईरानी दूतावास ने पुष्टि की है कि भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।
ईरान की प्रतिक्रिया क्या है?
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्या होर्मुज स्ट्रेट महत्वपूर्ण है?
हाँ, होर्मुज स्ट्रेट विश्व का एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहां से तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
इस संघर्ष का क्षेत्रीय प्रभाव क्या है?
यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता पैदा कर सकता है और वैश्विक आर्थिक स्थितियों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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