इजरायली हमले में वरिष्ठ आईआरजीसी कमांडर इस्माइल देहगान का निधन
सारांश
Key Takeaways
- इस्माइल देहगान की मौत ईरान-इजरायल संबंधों में तनाव को बढ़ा सकती है।
- हमले में कई परिवार के सदस्य भी मारे गए, जो एक बड़े मानव संकट को दर्शाता है।
- अराक शहर का रणनीतिक महत्व ईरान की रक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण है।
- इजरायल का तर्क है कि सैन्य कमांडर अपने घरों को निशाना बनाते हैं।
- ईरानी सरकार ने इसे एक शहीद की तरह देखा है।
तेहरान, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से संबंधित समाचार एजेंसी तसनीम ने वरिष्ठ आईआरजीसी कमांडर इस्माइल देहगान की मौत की पुष्टि की है। एजेंसी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार बुधवार, 11 मार्च को किया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले में देहगान के साथ उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। समाचार एजेंसी ने बताया कि हमले में उनकी पत्नी फरीदेह सादात सईदी, बेटी फातेमेह देहगान, बेटा मोहम्मद पारसा देहगान और उनकी सास सोगरा घासेमी की भी जान चली गई, जबकि उनका एक अन्य बेटा मोहम्मद हुसैन देहगान घायल हो गया।
इससे पहले, इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने 10 मार्च की सुबह घोषणा की थी कि उसने मध्य ईरान के रणनीतिक शहर अराक के हाफेजियाह इलाके में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। इजरायली सेना का कहना था कि इस हमले का लक्ष्य एक वरिष्ठ आईआरजीसी कमांडर था।
अराक को ईरान के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहाँ अराक हेवी वाटर रिएक्टर स्थित है और इसके आसपास अनेक सैन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान हैं। हालाँकि, जिस हाफेजियाह इलाके को निशाना बनाया गया वह मुख्य रूप से एक रिहायशी क्षेत्र है।
एजेंसी ने कुछ विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि शहर के भीतर किसी रिहायशी इमारत पर इस तरह का हमला यह संकेत देता है कि लक्ष्य तक पहुँचने के लिए बहुत सटीक खुफिया जानकारी प्राप्त की गई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हालिया हमलों में मारे गए कई आईआरजीसी कमांडरों और सैन्य अधिकारियों का अंतिम संस्कार राजधानी तेहरान के मेराज स्क्वायर में किया गया।
ईरानी सरकार अक्सर सैन्य अधिकारियों को “प्रतिरोध के शहीद” के रूप में संदर्भित करती है।
इजरायल का तर्क है कि कई बार सैन्य कमांडर अपने घरों को कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में इस्तेमाल करते हैं और इसी वजह से वे निशाना बन जाते हैं।