इजरायल के ई1 सेटलमेंट टेंडर पर यूरोपीय आयोग अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन बोलीं — 'यह अस्वीकार्य है'
सारांश
मुख्य बातें
अधिकृत वेस्ट बैंक के ई1 क्षेत्र में 1,234 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए इजरायल द्वारा जारी किए गए टेंडर पर अंतरराष्ट्रीय विरोध तेज हो गया है। बुधवार, 16 सितंबर 2026 को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस कदम को सीधे तौर पर अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने स्ट्रासबर्ग में 'स्टेट ऑफ द यूनियन' के वार्षिक संबोधन में यूरोपीय सांसदों से कहा, "टू स्टेट सॉल्यूशन की उम्मीद को जिंदा रखना यूरोप की जिम्मेदारी है।"
ई1 परियोजना क्या है और कहाँ है
ई1 यानी 'ईस्ट 1' परियोजना पूर्वी यरुशलम और बड़े इजरायली बस्ती क्षेत्र माले अदुमीम के बीच प्रस्तावित है। माले अदुमीम पूर्वी यरुशलम से लगभग सात किलोमीटर पूर्व में स्थित है। रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना के पूर्ण होने पर कुल करीब 3,400 आवासीय इकाइयाँ बनाई जानी हैं। यह क्षेत्र वेस्ट बैंक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच भौगोलिक रूप से केंद्रीय स्थान पर है।
आलोचकों का कहना है कि इस इलाके में बड़े पैमाने पर इजरायली बस्तियाँ बनने से फिलिस्तीनी समुदायों के बीच आवाजाही और क्षेत्रीय संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित होगा, जिससे भविष्य के किसी भी फिलिस्तीनी राज्य की भौगोलिक अखंडता कमज़ोर पड़ेगी।
परियोजना का इतिहास और पृष्ठभूमि
ई1 योजना की जड़ें 1990 के दशक में हैं। 1991 में इजरायली प्रधानमंत्री यित्जाक शमीर के कार्यकाल में इस योजना की शुरुआत हुई, और 1994 में प्रधानमंत्री यित्जाक राबिन के कार्यकाल में इसे आगे बढ़ाया गया। 2004 में इजरायल ने ई1 क्षेत्र में प्रारंभिक बुनियादी ढाँचे का काम शुरू किया — सड़कें और एक पुलिस मुख्यालय बनाया गया — लेकिन आवासीय निर्माण की योजना पर बार बार अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण रोक लगती रही।
गौरतलब है कि 2022 में अमेरिकी दबाव के बाद भी इजरायल ने ई1 योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से स्थगित कर दी थी। यह तीसरी बड़ी बार है जब यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आई है।
अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र का रुख
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक बड़े हिस्से के अनुसार, अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों का निर्माण अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय पहले ई1 परियोजना को कब्जे वाले क्षेत्र पर नियंत्रण मजबूत करने की दिशा में एक गंभीर और गैरकानूनी कदम बता चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी कहा है कि इस क्षेत्र में बस्ती निर्माण संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के विपरीत है।
इजरायल इस कानूनी स्थिति को अस्वीकार करता है और वेस्ट बैंक को आधिकारिक तौर पर 'जूडिया एंड सामरिया' कहता है।
इजरायली राजनीति और स्मोट्रिच का रुख
इजरायल के वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच, जो रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त मंत्री की भूमिका भी निभाते हैं, वेस्ट बैंक में बस्ती प्रशासन की देखरेख करते हैं। 2025 में योजना को आगे बढ़ाए जाने के समय उन्होंने कहा था कि इसकी मंजूरी "फिलिस्तीनी राज्य के विचार को समाप्त करती है।" इससे स्पष्ट होता है कि यह कदम केवल आवासीय विस्तार नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकेत भी है।
मार्च 2025 में इजरायल ने 33.5 करोड़ शेकेल यानी करीब 9.2 करोड़ डॉलर की राशि तथाकथित 'सॉवरेन्टी रोड' के निर्माण के लिए आवंटित की थी, जिसका उद्देश्य ई1 और माले अदुमीम क्षेत्र से फिलिस्तीनी यातायात को अलग मार्ग पर मोड़ना है। मई 2026 में पूर्वी यरुशलम के पास अल इजारिया के पूर्वी प्रवेश द्वार पर करीब 50 फिलिस्तीनी दुकानों और व्यवसायों को ध्वस्त कर दिया गया था, जो इसी प्रस्तावित सड़क निर्माण योजना के अंतर्गत आता है। फरवरी 2026 में इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने वेस्ट बैंक में इजरायली अधिकार क्षेत्र के विस्तार से जुड़े कई कदमों को मंजूरी दी थी।
आगे क्या होगा
नए ई1 टेंडर के लिए बोली जमा करने की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 रखी गई है — जो इजरायल के आगामी चुनाव से केवल आठ दिन पहले है। 27 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव के मद्देनजर इस समयसीमा को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल की नीतियों पर बहस जारी है।