नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक सेटलर हिंसा की निंदा की, कुसरा-जलूद हमलों को बताया 'आपराधिक कृत्य'
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 30 अगस्त 2026 को वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांवों कुसरा और जलूद में इजरायली बस्तीवासियों द्वारा की गई हिंसा की कड़ी निंदा की और इसे 'आपराधिक कृत्य' करार दिया। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने का आह्वान किया।
नेतन्याहू का बयान
शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में नेतन्याहू ने कहा, 'मैं कुसरा और जलूद गांवों में हुई हिंसा की इन आपराधिक घटनाओं की कड़ी निंदा करता हूं।' उन्होंने हमलावरों को 'कुछ दंगाई लोग' बताते हुए स्पष्ट किया कि ये तत्व न केवल कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि इजरायल की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं वेस्ट बैंक में सेना के अभियानों में बाधा डालती हैं।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, नकाबपोश इजरायली बस्तीवासी कुसरा गांव में घुसकर कई फिलिस्तीनियों पर हमला कर गए। यह हाल के महीनों में बस्तीवासी हिंसा की ताज़ा घटना बताई जा रही है। पास के जलूद गांव में बस्तीवासियों ने एक फिलिस्तीनी परिवार के साथ-साथ वहां मौजूद विदेशी पत्रकारों पर भी हमला किया।
सामाजिक कार्यकर्ता बशार अल-कार्योती के अनुसार, हमलावरों ने पत्रकारों के वाहन में तोड़फोड़ की और कुछ क्रू सदस्यों के साथ मारपीट भी की। इन घटनाओं में कई फिलिस्तीनी घायल होने की खबरें सामने आई हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
वेस्ट बैंक की पृष्ठभूमि
फिलिस्तीनी और इजरायली स्रोतों के मुताबिक, 1967 से इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में कथित तौर पर पाँच लाख से अधिक इजरायली बस्तीवासी रहते हैं। इसी क्षेत्र में लगभग 34 लाख फिलिस्तीनी भी निवास करते हैं। यह क्षेत्र दशकों से इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष का केंद्र रहा है।
आँकड़ों की गंभीरता
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (यूएनओसीएचए) के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत से जुलाई के अंत तक वेस्ट बैंक में बस्तीवासियों की ओर से 1,330 से अधिक हमले दर्ज किए गए, जिनमें फिलिस्तीनी लोग घायल हुए या उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। यह औसतन प्रतिदिन छह से अधिक घटनाएं हैं।
फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) की दीवार और बस्तियों के खिलाफ आयोग के अनुसार, केवल जुलाई 2026 में ही इजरायली बलों और बस्तीवासियों ने फिलिस्तीनियों और उनकी संपत्तियों के खिलाफ 2,256 हमले किए।
आगे की स्थिति
नेतन्याहू की निंदा के बावजूद, आलोचकों का कहना है कि इजरायली सरकार बस्तीवासी हिंसा के मामलों में ठोस कार्रवाई करने में अब तक पीछे रही है। यह देखना अहम होगा कि क्या इस बार अधिकारी हमलावरों के खिलाफ वास्तविक कानूनी कदम उठाते हैं।