23 जुलाई 2026
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इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन की चेतावनी: ईरानी हमले का मिलेगा करारा जवाब, देश 'हाई अलर्ट' पर

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इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन की चेतावनी: ईरानी हमले का मिलेगा करारा जवाब, देश 'हाई अलर्ट' पर

सारांश

इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने खुलकर कहा — ईरान गलती करेगा तो पूरी ताकत से जवाब मिलेगा। अमेरिका के भारी बमवर्षकों के इस्तेमाल की खबर और हॉर्मुज पर नए टकराव के बीच मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध की कगार पर खड़ा दिख रहा है।

मुख्य बातें

इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने 23 जुलाई को कहा कि देश ईरानी खतरे के मद्देनज़र 'हाई अलर्ट' पर है।
कोहेन ने 103 एफएम रेडियो पर कहा — 'मध्य पूर्व को अस्थिर करने वाला केवल ईरान है; गलती की तो पूरी ताकत से जवाब देंगे।' इजरायली प्रसारक केएएन के अनुसार, अमेरिका पहली बार भारी बमवर्षक विमानों से ईरान पर हमले तेज कर सकता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान की हर जवाबी कार्रवाई पर उसके राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाएगा।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ अमेरिका-ईरान समझौता हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नए टकराव के बाद खतरे में पड़ गया है।
नेतन्याहू और ट्रंप के बीच अगले सप्ताह संभावित बैठक की चर्चा, तारीख अभी तय नहीं।

इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने गुरुवार, 23 जुलाई को स्पष्ट किया कि तेल अवीव किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह 'हाई अलर्ट' पर है। उन्होंने आगाह किया कि यदि ईरान ने कोई सैन्य कदम उठाया, तो इजरायल उसका पूरी शक्ति से जवाब देगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा एक बार फिर गहरा गया है।

कोहेन का बयान: 'ईरान ही क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है'

स्थानीय रेडियो स्टेशन 103 एफएम को दिए साक्षात्कार में कोहेन ने कहा, 'मध्य पूर्व को अस्थिर करने वाला केवल एक देश है और वह ईरान है। यदि ईरान कोई गलती करता है, तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल पिछले तीन सप्ताह से पूरे क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।

कोहेन ने इजरायल का रणनीतिक उद्देश्य भी स्पष्ट किया — 'हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता के लिए तेहरान में सत्ता परिवर्तन आवश्यक है।'

अमेरिका-ईरान समझौते पर इजरायल की आपत्ति

कोहेन ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की भी आलोचना की। उनके अनुसार, इजरायल ने पहले ही वॉशिंगटन को यह स्पष्ट कर दिया था कि तेहरान के साथ किसी भी समझौते से कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा। गौरतलब है कि पिछले महीने पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और स्थायी शांति के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच फिर तनाव भड़क गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए।

इजरायली सुरक्षा अलर्ट में बढ़ोतरी

इजरायली सार्वजनिक प्रसारक केएएन ने बुधवार को रिपोर्ट किया कि अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले तेज किए जाने के बाद इजरायल ने अपना सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम से मौजूदा तनाव में इजरायल के सीधे शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।

केएएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजरायल को सूचित किया है कि वह आने वाले दिनों में ईरान पर अपने हमले और तेज कर सकता है — और इस मौजूदा संघर्ष में पहली बार भारी बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल की भी योजना है।

ट्रंप की चेतावनी और नेतन्याहू-ट्रंप बैठक की संभावना

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि तेहरान की हर जवाबी कार्रवाई के बदले ईरान के किसी राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाएगा। विश्लेषकों के अनुसार, इससे ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल हमलों और इजरायल के संघर्ष में सीधे शामिल होने की आशंका बढ़ सकती है।

केएएन ने यह भी दावा किया कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित बैठक को लेकर चर्चा चल रही है, हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। वॉशिंगटन और तेल अवीव के बीच सुरक्षा समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी ईरानी मिसाइल हमले की स्थिति में पूरी तैयारी सुनिश्चित की जा सके।

आगे क्या हो सकता है

रिपोर्टों के अनुसार, यदि ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला किया, तो इजरायल एक बार फिर ईरान के भीतर सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच नेतन्याहू-ट्रंप की संभावित मुलाकात और अमेरिकी सैन्य कदमों की दिशा अगले कुछ दिनों में क्षेत्रीय स्थिति तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हल नहीं करते। असली सवाल यह है कि क्या नेतन्याहू-ट्रंप की संभावित मुलाकात कोई ठोस रणनीति तय करेगी या यह भी बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
एली कोहेन ने 23 जुलाई को कहा कि यदि ईरान ने कोई हमला किया तो इजरायल पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व की अस्थिरता का एकमात्र कारण बताया और कहा कि इजरायल पिछले तीन सप्ताह से क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए है।
इजरायल ने अपना सुरक्षा अलर्ट क्यों बढ़ाया है?
इजरायली प्रसारक केएएन के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले तेज किए जाने के बाद इजरायल ने संभावित सैन्य टकराव की आशंका में अपना सुरक्षा अलर्ट बढ़ाया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम से इजरायल के सीधे संघर्ष में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।
अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता क्या था और वह अब खतरे में क्यों है?
पिछले महीने पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और स्थायी शांति के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे यह समझौता कमज़ोर पड़ गया।
क्या नेतन्याहू और ट्रंप की जल्द मुलाकात होगी?
केएएन की रिपोर्ट के अनुसार, अगले सप्ताह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित बैठक को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह बैठक ईरान नीति पर दोनों देशों के बीच समन्वय के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है।
इजरायल का ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या रुख है?
एली कोहेन ने स्पष्ट किया कि इजरायल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता के लिए तेहरान में सत्ता परिवर्तन आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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