इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन की चेतावनी: ईरानी हमले का मिलेगा करारा जवाब, देश 'हाई अलर्ट' पर
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने गुरुवार, 23 जुलाई को स्पष्ट किया कि तेल अवीव किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह 'हाई अलर्ट' पर है। उन्होंने आगाह किया कि यदि ईरान ने कोई सैन्य कदम उठाया, तो इजरायल उसका पूरी शक्ति से जवाब देगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा एक बार फिर गहरा गया है।
कोहेन का बयान: 'ईरान ही क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है'
स्थानीय रेडियो स्टेशन 103 एफएम को दिए साक्षात्कार में कोहेन ने कहा, 'मध्य पूर्व को अस्थिर करने वाला केवल एक देश है और वह ईरान है। यदि ईरान कोई गलती करता है, तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल पिछले तीन सप्ताह से पूरे क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।
कोहेन ने इजरायल का रणनीतिक उद्देश्य भी स्पष्ट किया — 'हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता के लिए तेहरान में सत्ता परिवर्तन आवश्यक है।'
अमेरिका-ईरान समझौते पर इजरायल की आपत्ति
कोहेन ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की भी आलोचना की। उनके अनुसार, इजरायल ने पहले ही वॉशिंगटन को यह स्पष्ट कर दिया था कि तेहरान के साथ किसी भी समझौते से कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा। गौरतलब है कि पिछले महीने पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और स्थायी शांति के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच फिर तनाव भड़क गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए।
इजरायली सुरक्षा अलर्ट में बढ़ोतरी
इजरायली सार्वजनिक प्रसारक केएएन ने बुधवार को रिपोर्ट किया कि अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले तेज किए जाने के बाद इजरायल ने अपना सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम से मौजूदा तनाव में इजरायल के सीधे शामिल होने की संभावना बढ़ गई है।
केएएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजरायल को सूचित किया है कि वह आने वाले दिनों में ईरान पर अपने हमले और तेज कर सकता है — और इस मौजूदा संघर्ष में पहली बार भारी बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल की भी योजना है।
ट्रंप की चेतावनी और नेतन्याहू-ट्रंप बैठक की संभावना
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि तेहरान की हर जवाबी कार्रवाई के बदले ईरान के किसी राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाएगा। विश्लेषकों के अनुसार, इससे ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल हमलों और इजरायल के संघर्ष में सीधे शामिल होने की आशंका बढ़ सकती है।
केएएन ने यह भी दावा किया कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संभावित बैठक को लेकर चर्चा चल रही है, हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। वॉशिंगटन और तेल अवीव के बीच सुरक्षा समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी ईरानी मिसाइल हमले की स्थिति में पूरी तैयारी सुनिश्चित की जा सके।
आगे क्या हो सकता है
रिपोर्टों के अनुसार, यदि ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला किया, तो इजरायल एक बार फिर ईरान के भीतर सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच नेतन्याहू-ट्रंप की संभावित मुलाकात और अमेरिकी सैन्य कदमों की दिशा अगले कुछ दिनों में क्षेत्रीय स्थिति तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।