ईरान-यूएई संघर्ष में इजरायल ने भेजी आयरन डोम बैटरियां, अमेरिकी राजदूतों ने की पुष्टि
सारांश
ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इजरायल ने यूएई को आयरन डोम बैटरियां और सैन्य कर्मी भेजे — यह खुलासा अमेरिकी राजदूतों के बयानों से हुआ। अब्राहम समझौते के तहत बना यह रक्षा सहयोग मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है।
मुख्य बातें
अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने पुष्टि की कि इजरायल ने यूएई को आयरन डोम बैटरियां और सैन्य कर्मी भेजे।
इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने तेल अवीव सम्मेलन में इस बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की।
ईरान ने संघर्ष के दौरान यूएई पर 2,800 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे, जिससे एयर ट्रैफिक, पर्यटन और प्रॉपर्टी बाजार प्रभावित हुए।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार यूएई ने अप्रैल में ईरान के लावान द्वीप स्थित ऑयल रिफाइनरी पर गुप्त हमला किया था।
अब्राहम समझौता (2020) के तहत इजरायल-यूएई रक्षा सहयोग अब व्यावहारिक युद्धक स्तर तक पहुंच गया है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने पुष्टि की है कि इजरायल ने ईरान के साथ संघर्ष के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली की बैटरियां और उन्हें संचालित करने के लिए सैन्य कर्मी भेजे थे। यह खुलासा 12 मई को इजरायली अखबार 'इजरायल हयोम' में प्रकाशित वॉल्ट्ज की टिप्पणियों के हवाले से सामने आया, जिसने मध्य पूर्व में रक्षा सहयोग की नई परतें उजागर कर दी हैं।
क्या बोले अमेरिकी राजदूत
वॉल्ट्ज ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि सैन्य रूप से भी ठोस हो चुका है। सवाल यह है कि क्या यह सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता लाएगा या ईरान को और आक्रामक बनाएगा — और क्या अन्य अरब देश इस गठजोड़ में खुलकर शामिल होने का साहस दिखाएंगे।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इजरायल ने यूएई को आयरन डोम क्यों भेजा?
ईरान के साथ संघर्ष के दौरान यूएई पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए इजरायल ने यूएई की वायु रक्षा मजबूत करने के लिए आयरन डोम बैटरियां और सैन्य कर्मी भेजे। यह सहयोग अब्राहम समझौते के तहत दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का हिस्सा है।
अब्राहम समझौता क्या है और इसमें कौन शामिल है?
अब्राहम समझौता 2020 में हुआ वह कूटनीतिक करार है जिसके तहत बहरीन और यूएई ने इजरायल को औपचारिक मान्यता दी थी। अमेरिकी राजदूत माइक हकबी के अनुसार जल्द ही मध्य पूर्व के बाहर के देश भी इस समझौते में शामिल हो सकते हैं।
ईरान ने यूएई पर कितने हमले किए?
संघर्ष के दौरान ईरान ने यूएई पर 2,800 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे। इन हमलों से यूएई की एयर ट्रैफिक, पर्यटन और प्रॉपर्टी बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए और कई जगह कर्मचारियों की छुट्टियां और छंटनी भी हुई।
यूएई ने ईरान की ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया — यह दावा कहां से आया?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार यूएई ने अप्रैल में ईरान के लावान द्वीप स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे बड़ी आग लगी और उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित रहा। यूएई ने इन हमलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।
इन घटनाओं का मध्य पूर्व की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
इन घटनाओं के बाद यूएई ईरान को क्षेत्रीय स्थिरता और अपनी आर्थिक व्यवस्था के लिए सीधा खतरा मानने लगा है। इजरायल-यूएई सैन्य सहयोग का व्यावहारिक रूप सामने आने से मध्य पूर्व में गठबंधनों का समीकरण तेजी से बदल रहा है।