जयशंकर की मनीला में ओमान, नीदरलैंड के विदेश मंत्रियों से बैठक; खाड़ी तनाव और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में आसियान से जुड़े बहुपक्षीय कार्यक्रमों के दौरान ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की और खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रम पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह बैठक ऐसे नाज़ुक दौर में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है।
ओमान से बैठक: खाड़ी हालात पर साझा चिंता
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मनीला में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात करके खुशी हुई। हमने खाड़ी क्षेत्र के हालिया हालात पर अपने विचार साझा किए और आगे भी संपर्क में रहने पर सहमति बनी।' गौरतलब है कि ओमान परंपरागत रूप से खाड़ी में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और भारत के लिए यह क्षेत्र ऊर्जा सुरक्षा एवं प्रवासी भारतीयों की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
नीदरलैंड के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा
इससे पहले जयशंकर ने नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया नीदरलैंड यात्रा के परिणामों की समीक्षा की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'रणनीतिक साझेदारी बनने के बाद सेमीकंडक्टर, जल संसाधन, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वास्थ्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुले हैं।' यह साझेदारी भारत की 'टेक्नोलॉजी डिप्लोमेसी' की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
UNRWA से मुलाकात: फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए भारत का योगदान
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी UNRWA के कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिश्चियन सॉन्डर्स से भी भेंट की। इस दौरान हाल ही में हुए डोनर्स कॉन्फ्रेंस में भारत की ओर से स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में किए गए योगदान और प्रतिबद्धताओं पर चर्चा हुई।
फिलीपींस के राष्ट्रपति से मुलाकात और आसियान अध्यक्षता को समर्थन
गुरुवार सुबह जयशंकर ने 21वें ईस्ट एशिया समिट (EAS) में भाग लिया और इसके बाद फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ राष्ट्रपति मार्कोस तक पहुँचाईं और आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए भारत का पूर्ण समर्थन दोहराया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी लगातार मज़बूत हो रही है और हम भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 को मिलकर लागू कर रहे हैं।'
कूटनीतिक दौरे का व्यापक संदर्भ
जयशंकर फिलीपींस के आधिकारिक दौरे पर हैं और आसियान के तहत विदेश मंत्रियों की बहुपक्षीय बैठकों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और सुदृढ़ करने की कोशिश में है और साथ ही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों के साथ संवाद बनाए रखना भी प्राथमिकता में है। आने वाले दिनों में इन बैठकों के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।