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जयशंकर की मनीला में ओमान, नीदरलैंड के विदेश मंत्रियों से बैठक; खाड़ी तनाव और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

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जयशंकर की मनीला में ओमान, नीदरलैंड के विदेश मंत्रियों से बैठक; खाड़ी तनाव और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

सारांश

मनीला में आसियान बैठकों के इतर विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ही दिन में ओमान, नीदरलैंड और UNRWA के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की — खाड़ी तनाव से लेकर सेमीकंडक्टर सहयोग तक, भारत की बहुआयामी कूटनीति का यह व्यस्त दिन 'एक्ट ईस्ट' और 'वेस्ट एशिया संतुलन' दोनों को एक साथ साधने की कोशिश दर्शाता है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने मनीला में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात कर खाड़ी क्षेत्र के हालात पर विचार साझा किए।
नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन से बैठक में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जल संसाधन, स्वास्थ्य और संस्कृति में सहयोग पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने UNRWA के कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिश्चियन सॉन्डर्स से मिलकर फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए भारत के योगदान की समीक्षा की।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर.
मार्कोस जूनियर से मुलाकात में भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के क्रियान्वयन पर बात हुई।
जयशंकर ने 21वें ईस्ट एशिया समिट में भाग लिया और आसियान अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन दोहराया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 24 जुलाई 2026 को मनीला में आसियान से जुड़े बहुपक्षीय कार्यक्रमों के दौरान ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की और खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रम पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह बैठक ऐसे नाज़ुक दौर में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है।

ओमान से बैठक: खाड़ी हालात पर साझा चिंता

बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मनीला में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात करके खुशी हुई। हमने खाड़ी क्षेत्र के हालिया हालात पर अपने विचार साझा किए और आगे भी संपर्क में रहने पर सहमति बनी।' गौरतलब है कि ओमान परंपरागत रूप से खाड़ी में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और भारत के लिए यह क्षेत्र ऊर्जा सुरक्षा एवं प्रवासी भारतीयों की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

नीदरलैंड के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा

इससे पहले जयशंकर ने नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया नीदरलैंड यात्रा के परिणामों की समीक्षा की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'रणनीतिक साझेदारी बनने के बाद सेमीकंडक्टर, जल संसाधन, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वास्थ्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुले हैं।' यह साझेदारी भारत की 'टेक्नोलॉजी डिप्लोमेसी' की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

UNRWA से मुलाकात: फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए भारत का योगदान

जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी UNRWA के कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिश्चियन सॉन्डर्स से भी भेंट की। इस दौरान हाल ही में हुए डोनर्स कॉन्फ्रेंस में भारत की ओर से स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में किए गए योगदान और प्रतिबद्धताओं पर चर्चा हुई।

फिलीपींस के राष्ट्रपति से मुलाकात और आसियान अध्यक्षता को समर्थन

गुरुवार सुबह जयशंकर ने 21वें ईस्ट एशिया समिट (EAS) में भाग लिया और इसके बाद फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ राष्ट्रपति मार्कोस तक पहुँचाईं और आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए भारत का पूर्ण समर्थन दोहराया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी लगातार मज़बूत हो रही है और हम भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 को मिलकर लागू कर रहे हैं।'

कूटनीतिक दौरे का व्यापक संदर्भ

जयशंकर फिलीपींस के आधिकारिक दौरे पर हैं और आसियान के तहत विदेश मंत्रियों की बहुपक्षीय बैठकों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और सुदृढ़ करने की कोशिश में है और साथ ही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों के साथ संवाद बनाए रखना भी प्राथमिकता में है। आने वाले दिनों में इन बैठकों के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नीदरलैंड, UNRWA और फिलीपींस के राष्ट्रपति से मुलाकात — यह कूटनीतिक व्यस्तता भारत की उस रणनीति को दर्शाती है जो पश्चिम एशिया के तनाव और इंडो-पैसिफिक की प्रतिस्पर्धा दोनों को एक साथ संभालने की कोशिश करती है। ओमान के साथ खाड़ी पर चर्चा महत्त्वपूर्ण है क्योंकि भारत के लगभग ९० लाख प्रवासी उस क्षेत्र में हैं और ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा वहीं से आता है। हालाँकि, मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बैठकों को 'शिष्टाचार भेंट' तक सीमित कर देती है — जबकि असली सवाल यह है कि खाड़ी तनाव में भारत की मध्यस्थ भूमिका कितनी ठोस है और नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर सहयोग कागज़ों से ज़मीन पर कब उतरेगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने मनीला में किन-किन नेताओं से मुलाकात की?
जयशंकर ने मनीला में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी, नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन, UNRWA के कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिश्चियन सॉन्डर्स और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात की। ये सभी बैठकें आसियान से जुड़े बहुपक्षीय कार्यक्रमों के दौरान हुईं।
ओमान के विदेश मंत्री से बैठक में क्या चर्चा हुई?
जयशंकर और ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रम पर विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने आगे भी संपर्क में रहने पर सहमति जताई। यह बैठक अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ी अस्थिरता की पृष्ठभूमि में हुई।
भारत और नीदरलैंड के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा?
रणनीतिक साझेदारी के तहत भारत और नीदरलैंड के बीच सेमीकंडक्टर, जल संसाधन, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वास्थ्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर उभरे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की हालिया नीदरलैंड यात्रा के बाद इन क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ी है।
जयशंकर की फिलीपींस यात्रा का उद्देश्य क्या है?
जयशंकर फिलीपींस के आधिकारिक दौरे पर आसियान के तहत विदेश मंत्रियों की बैठकों में भाग लेने गए हैं। उन्होंने 21वें ईस्ट एशिया समिट में हिस्सा लिया और आसियान अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन दोहराया। भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029 के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
UNRWA से बैठक में क्या बात हुई?
जयशंकर ने UNRWA के कार्यवाहक आयुक्त-जनरल क्रिश्चियन सॉन्डर्स से मिलकर हाल के डोनर्स कॉन्फ्रेंस में भारत की ओर से स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में किए गए योगदान और प्रतिबद्धताओं की समीक्षा की। UNRWA फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख एजेंसी है।
राष्ट्र प्रेस
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