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ईरान जल्द NDB में होगा शामिल, जयपुर ब्रिक्स बैठक से पहले हेम्मती का बड़ा बयान

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ईरान जल्द NDB में होगा शामिल, जयपुर ब्रिक्स बैठक से पहले हेम्मती का बड़ा बयान

सारांश

ईरान के केंद्रीय बैंक गवर्नर ने जयपुर ब्रिक्स बैठक से पहले NDB में शामिल होने का संकेत दिया — लेकिन बैंक ने खुद पुष्टि नहीं की। अमेरिकी प्रतिबंधों और फ्रीज़ संपत्तियों के बीच तेहरान की डॉलर-बाहर की तलाश तेज़ हो रही है।

मुख्य बातें

ईरान के केंद्रीय बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने कहा कि ईरान जल्द ही न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) में शामिल होगा।
NDB के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस विभाग ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह बयान जयपुर में 12-13 अगस्त को आयोजित ब्रिक्स FMCBG बैठक से पहले आया।
ईरान 2024 में ब्रिक्स समूह में शामिल हुआ था; NDB की स्थापना 2015 में हुई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया — 'मैं उनका बैंकर हूँ' — ईरानी संपत्तियों पर अमेरिकी नियंत्रण का संकेत देते हुए।
ईरान-अमेरिका के बीच जून में हुआ समझौता ज्ञापन टूट चुका है; स्थायी शांति समझौता अब तक नहीं।

ईरान के केंद्रीय बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने घोषणा की है कि ईरान शीघ्र ही ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सदस्यता ग्रहण करेगा। यह बयान जयपुर में 12-13 अगस्त को आयोजित ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक से ठीक पहले सरकारी मीडिया के हवाले से सामने आया।

हेम्मती का बयान और NDB की प्रतिक्रिया

सरकारी मीडिया ने बुधवार, 13 अगस्त को हेम्मती के हवाले से यह जानकारी प्रकाशित की। हालाँकि, न्यू डेवलपमेंट बैंक के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस विभाग ने रिपोर्टों के अनुसार ईरान के शीघ्र सदस्यता लेने की इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह अंतर उल्लेखनीय है — तेहरान की इच्छा और बैंक की औपचारिक प्रक्रिया के बीच अभी भी दूरी बनी हुई है।

NDB की स्थापना और विस्तार

न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना 2015 में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने बुनियादी ढाँचे और सतत विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के उद्देश्य से की थी। समय के साथ बैंक ने अपनी सदस्यता का विस्तार किया और संयुक्त अरब अमीरात तथा मिस्र सहित कई उभरती अर्थव्यवस्थाएँ इसमें शामिल हुई हैं। ईरान 2024 में ब्रिक्स समूह में शामिल हुआ था, और अब NDB सदस्यता उसकी अगली कूटनीतिक प्राथमिकता बन गई है।

प्रतिबंधों के बीच वैकल्पिक वित्तीय चैनल की तलाश

ईरान पर अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं, जिनके कारण तेहरान को डॉलर-आधारित वित्तीय प्रणाली से बाहर वैकल्पिक चैनल तलाशने की आवश्यकता महसूस हुई है। अमेरिका ने पहली बार 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास में बंधक संकट के बाद ईरानी संपत्तियाँ फ्रीज़ की थीं। दशकों बाद भी यह स्थिति जारी है। ईरान की फ्रीज़ संपत्तियों को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच जून में एक समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी थी, जो तब से टूट चुकी है।

ट्रंप का बयान और अमेरिका-ईरान तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान वित्तीय संसाधन जुटाने में संघर्ष कर रहा है और उन्होंने कहा, 'मैं उनका बैंकर हूँ।' ट्रंप के इस बयान ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव को और उजागर किया। अमेरिका-इज़राइल संघर्ष को समाप्त करने के प्रयास अब तक किसी स्थायी शांति समझौते में नहीं बदल सके हैं, जिससे तेहरान की कूटनीतिक और आर्थिक मजबूरियाँ और बढ़ी हैं।

ईरान के लिए NDB सदस्यता का महत्व

यदि ईरान NDB का सदस्य बनता है, तो उसे बहुपक्षीय विकास वित्त के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध हो सकते हैं और ब्रिक्स देशों के साथ उसकी आर्थिक साझेदारी और सुदृढ़ हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक दक्षिण के देश डॉलर-केंद्रित व्यवस्था के विकल्प तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि NDB की औपचारिक सदस्यता प्रक्रिया में सदस्य देशों की सहमति और शेयर पूँजी की खरीद शामिल होती है — अतः हेम्मती की घोषणा और वास्तविक प्रवेश के बीच अभी कई चरण बाकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NDB की चुप्पी बताती है कि रास्ता उतना सीधा नहीं जितना तेहरान दिखाना चाहता है। ईरान पर लगे प्रतिबंधों के चलते NDB के मौजूदा सदस्य — विशेषकर भारत — के लिए यह सदस्यता राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स खुद को डॉलर-विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है, लेकिन प्रतिबंधित देशों को शामिल करना उस प्रयास को पश्चिमी आलोचना के सामने कमज़ोर कर सकता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या NDB के सदस्य देश सर्वसम्मति बना पाते हैं — या यह बयान महज़ कूटनीतिक दबाव की एक और कड़ी बनकर रह जाता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान न्यू डेवलपमेंट बैंक में क्यों शामिल होना चाहता है?
ईरान पर अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण वह डॉलर-आधारित वित्तीय प्रणाली से काफी हद तक कटा हुआ है। NDB की सदस्यता उसे बहुपक्षीय विकास वित्त का एक वैकल्पिक स्रोत दे सकती है और ब्रिक्स देशों के साथ आर्थिक एकीकरण को मज़बूत कर सकती है।
न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
NDB की स्थापना 2015 में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी। इसका उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढाँचे और सतत विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करना है। बाद में UAE और मिस्र जैसे देश भी इसमें शामिल हुए।
क्या NDB ने ईरान की सदस्यता की पुष्टि की है?
नहीं। रिपोर्टों के अनुसार NDB के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस विभाग ने ईरान के जल्द शामिल होने की जानकारी की पुष्टि नहीं की है। यह बयान केवल ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से सामने आया है।
जयपुर ब्रिक्स FMCBG बैठक का क्या महत्व है?
जयपुर में 12-13 अगस्त को आयोजित ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक ब्रिक्स की वित्तीय सहयोग नीतियों पर विचार-विमर्श का मंच थी। इसी बैठक से पहले हेम्मती का बयान आना कूटनीतिक रूप से उल्लेखनीय है।
ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान वित्तीय संसाधन जुटाने में संघर्ष कर रहा है और कहा, 'मैं उनका बैंकर हूँ।' यह बयान ईरानी संपत्तियों पर अमेरिकी नियंत्रण और दोनों देशों के बीच जारी तनाव को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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