करजई ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की निंदा की, दुश्मनी खत्म करने की दी सलाह
सारांश
Key Takeaways
- करजई ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की निंदा की।
- हमलों में कई आम नागरिक मारे गए।
- तालिबान ने इसे अफगान संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
- करजई ने पाकिस्तान से दुश्मनी खत्म करने की अपील की।
- सीमा पर तनाव बढ़ा है।
काबुल, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने शुक्रवार को काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका क्षेत्रों में पाकिस्तानी वायुहमलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे पड़ोसी देशों के प्रति आचार संहिता, मानवता के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन बताया। इन हमलों में अनेक आम नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, मारे गए हैं।
करजई ने पाकिस्तानी सरकार से अपील की कि वह दुश्मनी खत्म करे, दूरदर्शिता अपनाए और अफगानिस्तान के साथ सभ्य संबंध बनाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई काबुल और कंधार, पक्तिया तथा पक्तिका प्रांतों पर पाकिस्तानी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसके कारण हमारे कई देशवासी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, शहीद हुए। इसे पड़ोसी होने के सिद्धांतों, मानवता के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का साफ और गंभीर उल्लंघन माना जाता है। हामिद करजई एक बार फिर पाकिस्तान सरकार से अपील करते हैं कि वह दुश्मनी छोड़कर, दूर की सोच रखे और अफगानिस्तान के साथ अच्छे और सभ्य संबंध बनाए।"
पूर्व राष्ट्रपति का यह बयान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका सहित कई अफगान प्रांतों में नए सैन्य हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक हताहत हुए।
इन हमलों के कारण अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है। तालिबान ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे अफगान संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर लिखा, "पाकिस्तानी सैन्य शासन ने एक बार फिर काबुल, कंधार, पक्तिया, पक्तिका और अन्य क्षेत्रों में बमबारी की है। कुछ स्थानों पर आम लोगों के घरों को निशाना बनाया गया, जिससे महिलाओं और बच्चों की जान गई और कुछ स्थानों पर खाली रेगिस्तान और सुनसान इलाकों को निशाना बनाया गया।"
पाकिस्तानी सेना के हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने आगे कहा, "रमजान के पवित्र महीने के आखिरी 10 दिनों में और ईद-उल-फितर के आगमन पर यह गलत हमला स्पष्ट दर्शाता है कि वे किसी भी मानव मूल्यों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस्लामिक अमीरात इस अपराध और इस खुली बमबारी की कड़े शब्दों में निंदा करता है और अल्लाह की मर्जी से इसका उचित जवाब दिया जाएगा।"
मुजाहिद ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट पर अफगानिस्तान में कंधार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक प्राइवेट एयरलाइन कंपनी काम एयर के ईंधन भंडार में आग लगाने का आरोप लगाया।
तालिबान के प्रवक्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, "यह कंपनी सिविलियन एयरलाइंस और संयुक्त राष्ट्र के विमानों को ईंधन प्रदान करती है। यह उस समय हुआ है जब उन्होंने पहले भी हाजी खान जादा नाम के प्राइवेट व्यापारियों के ईंधन डिपो को जला दिया था।"
हिंसक संघर्ष का मौजूदा दौर तब शुरू हुआ, जब तालिबान की अगुआई वाली अफगान सेना ने २७ फरवरी को पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई २१ फरवरी को अफगान क्षेत्र में आतंकवादियों को निशाना बनाने के पाकिस्तान के एक्शन के बाद हुई।
अफगानिस्तान के हमलों के बाद पाकिस्तान ने कई सीमा क्षेत्रों में अफगान सेना की "बिना उकसावे के फायरिंग" के जवाब में 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' शुरू किया।