केन्या के गर्ल्स हॉस्टल में आग: 16 छात्राओं की मौत, मोरारी बापू ने ₹2.40 लाख सहायता का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
केन्या की रिफ्ट वैली के शहर गिलगिल स्थित उटुमिशी गर्ल्स एकेडमी सीनियर स्कूल के छात्रावास में 29 मई की आधी रात के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें 16 छात्राओं की मौत हो गई और 79 अन्य घायल हो गईं। केन्या सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आग दो घंटे से अधिक समय तक धधकती रही। इस दर्दनाक घटना पर आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए ₹2.40 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घटना का विवरण
पश्चिम-मध्य केन्या के गिलगिल शहर में स्थित उटुमिशी गर्ल्स एकेडमी में 800 से अधिक छात्राएँ पढ़ती हैं। आग आधी रात के ठीक बाद लगी और देखते-देखते पूरे छात्रावास में फैल गई। केन्याई टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में टूटी खिड़कियों के काँच और धुएँ से काली पड़ी दीवारें दिखाई दीं। स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर परिवार के सदस्य अपने प्रियजनों की खोज-खबर लेने के लिए बड़ी संख्या में जमा हो गए।
घायलों की स्थिति और जाँच
केन्या के शिक्षा मंत्री ने बताया कि आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घायल 79 छात्राओं में से 71 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि शेष का उपचार जारी है। अधिकारियों ने कारण की जाँच शुरू कर दी है।
मोरारी बापू की संवेदना और सहायता
आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू को यह दुखद समाचार महाराष्ट्र के लातूर जिले के किल्लारी में चल रही रामकथा के दौरान मिला। उन्होंने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹15,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, जिससे कुल ₹2.40 लाख की राशि बनती है। यह सहायता नैरोबी में रामकथा से जुड़े भक्तों के माध्यम से पीड़ित परिवारों तक पहुँचाई जाएगी। बापू ने भगवान हनुमान के चरणों में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
केन्या में स्कूल आगजनी की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब केन्याई स्कूलों में आगजनी की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 2024 में केन्या के विभिन्न स्कूलों में 100 से अधिक आगजनी की घटनाएँ दर्ज की गईं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि कई मामलों में ये आग कथित तौर पर छात्रों द्वारा कड़े अनुशासन और खराब रहन-सहन की स्थितियों के विरोध में लगाई जाती हैं। गौरतलब है कि यह घटना केन्या में स्कूल सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आगे की स्थिति
केन्या सरकार ने घटना की विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं। आग के कारण का पता लगाने के साथ-साथ स्कूल में सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी। पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद है, और मोरारी बापू जैसे सामाजिक व्यक्तित्वों की मदद से राहत कार्य में तेज़ी आने की संभावना है।