तालिबान ने कहा: कुनार में पाकिस्तान के रॉकेट हमले में एक की मौत, 16 घायल
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान ने कुनार प्रांत में रॉकेट से हमला किया।
- एक की मौत और 16 लोग घायल हुए।
- तालिबान ने रिहायशी इलाकों पर हमले का आरोप लगाया।
- शांति जिरगा 31 मार्च को पेशावर में होगी।
- संवाद के माध्यम से तनाव कम करने की आवश्यकता है।
काबुल, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हालात सामान्य नहीं हैं। दोनों देशों के बीच हमले जारी हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में रिहायशी इलाकों पर रॉकेट से हमला किया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य लोग घायल हुए।
सीमा पार से दागे गए गोले असदाबाद के निकटवर्ती क्षेत्रों और आसपास के घरों पर गिरे, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
तालिबान के प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने जानकारी दी कि यह हमला रविवार शाम लगभग 5 बजे (स्थानीय समय) के आसपास हुआ और इस घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। उन्होंने पाकिस्तान पर रिहायशी इलाकों पर निशाना साधने का आरोप लगाया।
इस घटना को ईद के अवसर पर हुए अल्प संघर्ष विराम के बाद का बड़ा हमला माना जा रहा है। इस्लामाबाद ने दावा किया है कि उनके मिलिट्री ऑपरेशन में आतंकियों को लक्षित किया जा रहा है, हालांकि तालिबान ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
पिछले कुछ हफ्तों में, एयरस्ट्राइक, आर्टिलरी फायर और दोनों पक्षों के आरोपों के चलते अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व चीफ सेक्रेटरी अरबाब शहजाद खान ने बताया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति जिरगा 31 मार्च को पेशावर में आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों देशों के नेताओं से तनाव कम करने और शांति के लिए प्रयास करने की अपील की जाएगी।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, खान ने पेशावर प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस जिरगे में राजनीतिज्ञ, कबायली बुजुर्ग, धार्मिक जानकार, सिविल सोसाइटी के सदस्य, व्यापारी और खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान में रहने वाले अफगानों के मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे।
अरबाब शहजाद खान ने जोर देकर कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और मुद्दे को संवाद के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह फोरम आपसी सम्मान, विश्वास बढ़ाने के उपायों और बातचीत के जरिए स्थायी शांति को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि फोरम अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नेतृत्व से तनाव कम करने की अपील करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिरगा का उद्देश्य पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति, स्थिरता, जीवन और संवाद को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता है। जिरगा के बाद, शांति के पक्ष में एक संयुक्त प्रस्ताव जारी किया जाएगा, जिसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों को भेजा जाएगा।