रोम वार्ता में लेबनान-इजराइल के बीच सीमा और कैदी मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति: राष्ट्रपति आउन
सारांश
मुख्य बातें
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने 8 अगस्त 2026 को घोषणा की कि रोम में आयोजित हालिया वार्ता के दौरान लेबनान और इजराइल के बीच सीमा विवाद और कैदियों की वापसी के मुद्दों पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राष्ट्रपति कार्यालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, आउन ने यह जानकारी शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में दी।
रोम वार्ता में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
राष्ट्रपति आउन ने बताया कि रोम में हुई तीन दिवसीय बातचीत में चार प्रमुख मुद्दों को केंद्र में रखा गया — युद्धविराम, घरों को गिराने और बुलडोजर चलाने की घटनाएँ, सीमा और कैदियों की वापसी, तथा पायलट क्षेत्रों की पहचान। आउन ने सीमा और कैदियों के मुद्दों पर 'सकारात्मक प्रगति' का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि शीघ्र ही व्यावहारिक कदम उठाए जाएंगे।
यह दोनों देशों के बीच बातचीत का सातवाँ दौर था, जिसका उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और जून के अंत में वाशिंगटन में हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते को लागू करना था।
अमेरिका की भूमिका और आगे की कार्रवाई
आउन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रशासन युद्धविराम और पायलट क्षेत्रों से जुड़े शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगा। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी जनरल जोसेफ क्लियरफील्ड इन मामलों पर आगे की कार्रवाई के लिए शीघ्र ही बेरूत पहुँचेंगे। गौरतलब है कि हिज्बुल्ला की ओर से इस बातचीत का विरोध किया जाता रहा है।
दक्षिणी लेबनान में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ
इस कूटनीतिक प्रगति के बीच, संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (यूएनआईएफआईएल) ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य गतिविधियों में तेज़ी दर्ज की है। गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि यह तेज़ी जून के अंत में अमेरिका-इजराइल-लेबनान फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर के बाद से सर्वाधिक है।
यूएनआईएफआईएल ने बुधवार को इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) की ओर से 113 गोले व मिसाइल दागे जाने की घटना दर्ज की, जो 21 जून के बाद से सर्वाधिक है। इसी दिन शांति सैनिकों ने हवाई क्षेत्र उल्लंघन की 49 घटनाएँ दर्ज कीं, जिनमें कुल उड़ान समय 131 घंटे से अधिक रहा — यह 23 जून के बाद का उच्चतम स्तर है।
संयुक्त राष्ट्र की चिंताएँ और समुद्री उल्लंघन
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि यूएनआईएफआईएल को इसी अवधि में हिज्बुल्ला की ओर से किसी गोले या मिसाइल दागे जाने की जानकारी नहीं मिली। उन्होंने अल-मंसूरी के उत्तर-पश्चिम में तीन हवाई हमलों का भी उल्लेख किया।
समुद्री मोर्चे पर, सोमवार को यूएनआईएफआईएल ने आईडीएफ की गश्ती नौकाओं को 'लाइन ऑफ बॉयज' (सीमा रेखा) पार करके लेबनान के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करते और फिर दक्षिण की ओर लौटते हुए देखा। यह घटना ऐसे समय में आई है जब कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
आगे की राह
रोम वार्ता की प्रगति और अमेरिकी जनरल की आसन्न बेरूत यात्रा यह संकेत देती है कि दोनों पक्ष फ्रेमवर्क समझौते को ज़मीन पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। हालाँकि, ज़मीनी स्तर पर बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ और हिज्बुल्ला का विरोध इस प्रक्रिया को जटिल बनाए हुए है।