भारतीय सेना के मेजर प्रभात मिश्रा को अमेरिका में दो प्रतिष्ठित सैन्य शैक्षणिक पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना के मेजर प्रभात मिश्रा ने अमेरिका के फोर्ट लीवनवर्थ, कंसास स्थित यूएस आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज के दीक्षांत समारोह में दो प्रतिष्ठित शैक्षणिक पुरस्कार जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्हें ‘बिरर-ब्रूक्स अवॉर्ड फॉर आउटस्टैंडिंग मास्टर ऑफ मिलिट्री आर्ट्स एंड साइंस थीसिस’ और ‘जनरल डगलस मैकआर्थर मिलिट्री लीडरशिप राइटिंग अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उस बैच में मिला जिसमें अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लगभग 951 सैन्य अधिकारियों ने 10 महीने का उन्नत प्रशिक्षण पूरा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्वरूप
कमांड एंड जनरल स्टाफ ऑफिसर कोर्स का मक़सद मध्य-स्तर के सैन्य अधिकारियों को वरिष्ठ नेतृत्व और स्टाफ ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार करना है। इस बैच में 120 अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारी भी शामिल थे, जो विभिन्न मित्र और साझेदार देशों से आए थे — जो इस संस्थान की वैश्विक पहचान को रेखांकित करता है।
समारोह में मुख्य अतिथि का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए जिम इसेन्होवेर ने कहा कि सेना में फील्ड-ग्रेड अधिकारी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, ‘आप बटालियन एस-3 या एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में रोज़ाना सबसे निचले स्तर के सैनिक तक प्रभाव डाल सकते हैं। साथ ही आपसे सेना के वरिष्ठ नेताओं को भी प्रभावित करने और मार्गदर्शन देने की अपेक्षा की जाती है। आप सेना के केंद्र में हैं और सबसे महत्वपूर्ण वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं।’
30 वर्षों से अधिक के सैन्य अनुभव का हवाला देते हुए इसेन्होवेर ने अधिकारियों से पेशेवर उत्कृष्टता के साथ-साथ सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति ज़िम्मेदारियाँ निभाने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मुझे एहसास हुआ कि फील्ड-ग्रेड अधिकारी इस पेशे के संरक्षक होते हैं। उनकी ज़िम्मेदारी भविष्य की पीढ़ियों को सेना में सेवा के लिए प्रेरित करना है, न कि उन्हें हतोत्साहित करना।’ उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना के लगभग 30 प्रतिशत स्वयंसेवी जवान सैन्य परिवारों से ही आते हैं।
अन्य अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों को सम्मान
समारोह में नॉर्वे के मेजर अलेक्जेंडर ग्रिनबर्ग को ‘जनरल ड्वाइट डी. आइजनहावर अवॉर्ड’ और ‘आर्टर-डोनिफन अवॉर्ड’ दिया गया। वहीं, कुवैत के लेफ्टिनेंट कर्नल तलेह अलरशिद को ‘मेजर जनरल हैंस श्लुप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का बढ़ता आयाम
गौरतलब है कि यूएस आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज अमेरिकी सेना के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जिसने पीढ़ियों से अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों को उच्च सैन्य नेतृत्व के लिए तैयार किया है। भारत और अमेरिका ने पिछले दो दशकों में संयुक्त सैन्य अभ्यास, अधिकारी आदान-प्रदान, रक्षा प्रौद्योगिकी पहल और सैन्य शिक्षा कार्यक्रमों के ज़रिये रक्षा सहयोग को लगातार मज़बूत किया है।
अमेरिका के उन्नत सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भारतीय अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी को दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक संबंधों और रक्षा साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। मेजर मिश्रा की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में और अधिक भारतीय अधिकारियों के लिए ऐसे मंचों पर प्रतिनिधित्व का रास्ता खोल सकती है।