नामीबिया सितंबर तक लागू करेगा राज्य-समन्वित पेट्रोलियम आयात तंत्र, ₹62 मिलियन डॉलर की सब्सिडी का वादा
सारांश
मुख्य बातें
नामीबिया सरकार ने सितंबर 2026 के अंत तक एक राज्य-समन्वित पेट्रोलियम आयात प्रणाली लागू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के बीच ईंधन लागत को नियंत्रित करना और देश की आपूर्ति शृंखला को अधिक कुशल बनाना है। उद्योग, खनन एवं ऊर्जा मंत्रालय ने इस योजना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह सुधार उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों के सीधे असर से बचाने के लिए जरूरी है।
नई प्रणाली में क्या होगा बदलाव
उद्योग, खनन एवं ऊर्जा मंत्री मोदेस्टस अमुत्से ने बताया कि सरकार बल्क पेट्रोलियम इंपोर्ट कोऑर्डिनेशन रेगुलेशंस को अंतिम रूप देने के उन्नत चरण में है। इन नियमों के लागू होने के बाद सरकार देश में सभी पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का केंद्रीय समन्वय करेगी। अमुत्से के अनुसार, इस व्यवस्था से राष्ट्रीय माँग को एकीकृत करने, बड़े पैमाने पर खरीद के लाभ प्राप्त करने और मूल ईंधन मूल्य पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क समाप्त करने से आयात लागत में कमी आने की उम्मीद है।
लागत संकट और सरकारी हस्तक्षेप
मंत्री अमुत्से ने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण नामीबिया वैश्विक तेल मूल्य वृद्धि के दबाव में है। इससे निपटने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने हेतु एक अरब नामीबियाई डॉलर (लगभग 6.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर) से अधिक की सब्सिडी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा, 'हम जिस आपात स्थिति का सामना कर रहे हैं, वह आपूर्ति की नहीं, बल्कि लागत की है।' उनके अनुसार, यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो जुलाई से ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ जातीं, जिससे परिवहन, खाद्य पदार्थ और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता।
राष्ट्रपति का दीर्घकालिक दृष्टिकोण
नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने 15 अप्रैल को विंडहोक में आयोजित आठवें नामीबिया अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश तेल उत्पादन के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि निवेश, नीतिगत स्थिरता और सहयोग दीर्घकालिक आर्थिक विकास की कुंजी होंगे। राष्ट्रपति ने कहा, 'पहले तेल उत्पादन और उसके बाद की यात्रा के लिए साझेदारी, निवेश और दक्षता आवश्यक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे प्राकृतिक संसाधन समावेशी और सतत विकास में परिवर्तित हों।'
नियामक सुधार और शासन व्यवस्था
राष्ट्रपति नंदी-नदैतवाह के अनुसार, सरकार पेट्रोलियम कानूनों और नियामक ढाँचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। संसद में लंबित पेट्रोलियम अन्वेषण और उत्पादन संशोधन विधेयक का उद्देश्य शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों को स्पष्टता प्रदान करना है। पेट्रोलियम क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को देखते हुए अपस्ट्रीम पेट्रोलियम इकाई को अब राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन लाया गया है, जिससे समन्वय, निर्णय-प्रक्रिया और जवाबदेही में सुधार होने की उम्मीद है।
ऑरेंज बेसिन की खोज और वैश्विक निवेश
हाल के वर्षों में ऑरेंज बेसिन में कई बड़े अपतटीय तेल भंडारों की खोज के बाद नामीबिया वैश्विक ऊर्जा कंपनियों का प्रमुख निवेश केंद्र बनकर उभरा है। टोटलएनर्जीज, शेल और गैल्प एनर्जिया जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की खोजों ने देश को एक संभावित प्रतिस्पर्धी पेट्रोलियम उत्पादक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। राष्ट्रपति के अनुसार, ये खोजें राजस्व वृद्धि, बुनियादी ढाँचे के विकास, औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन के जरिए देश की अर्थव्यवस्था में व्यापक परिवर्तन ला सकती हैं। हाल ही में स्वीकृत स्थानीय सामग्री नीति का उद्देश्य कौशल विकास, रोजगार और व्यापारिक अवसरों के जरिए नामीबियाई नागरिकों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना है। आगे राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि पहला तेल उत्पादन अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि संरचनात्मक आर्थिक परिवर्तन और दीर्घकालिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।