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नेपाल बाढ़ त्रासदी: राष्ट्रपति पौडेल ने भारत की मदद पर जताया आभार, 626 की मौत, 2500 लापता

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नेपाल बाढ़ त्रासदी: राष्ट्रपति पौडेल ने भारत की मदद पर जताया आभार, 626 की मौत, 2500 लापता

सारांश

नेपाल की बाढ़ त्रासदी में 626 मौतें और 2,500 लापता — और इस संकट में भारत ने 57.5 टन राहत सामग्री व चिकित्सा दल भेजकर जो एकजुटता दिखाई, उसके लिए राष्ट्रपति पौडेल ने सीधे राष्ट्रपति मुर्मु का आभार जताया। यह भारत-नेपाल संबंधों की व्यावहारिक परीक्षा है।

मुख्य बातें

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और भारत सरकार का एक्स पर आभार जताया।
26 अगस्त 2026 की बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत , लगभग 2,500 लापता (शनिवार सुबह 10 बजे तक के आँकड़े)।
भारत ने 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री और 11 सदस्यीय चिकित्सा-पैरामेडिक दल नेपाल भेजा।
जयशंकर ने 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर नेपाल सेना का आभार जताया।
बचाव अभियान रसुवा, तिमुरे, त्रिशूली और धुंचे क्षेत्रों पर केंद्रित; विशेषज्ञ बाढ़ के कारणों की जाँच में।

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 26 अगस्त 2026 की विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत द्वारा भेजी जा रही राहत सामग्री और सहयोग के लिए औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए इस आपदा में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना भी प्रकट की।

राष्ट्रपति पौडेल का आभार और संवेदना संदेश

राष्ट्रपति पौडेल ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'नेपाल की सरकार और जनता की ओर से मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार व्यक्त करता हूँ। भारत सरकार की ओर से दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए नेपाल सरकार और जनता की ओर से दिल से धन्यवाद।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'हम 26 अगस्त 2026 की आपदा में भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत सरकार और वहाँ के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करते हैं।' यह कथन दोनों देशों के बीच आपदा के समय में मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करता है।

बाढ़ की तबाही: 626 मौतें, 2500 लापता

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के शनिवार सुबह 10 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार इस बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 2,500 लोग अभी भी लापता हैं। रसुवा, चितवन, धाडिंग, तनहुँ, गोरखा, नुवाकोट और नवलपरासी ईस्ट जैसे क्षेत्रों में शव बरामद किए जा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक, पहाड़ और ग्लेशियर विशेषज्ञ अचानक आई इस बाढ़ के कारणों की जाँच में जुटे हैं।

बचाव अभियान: नेपाल सेना और स्वयंसेवक मोर्चे पर

नेपाल सेना समेत अनेक स्वयंसेवक बाढ़ पीड़ितों को बचाने और घायलों की तलाश में लगे हैं। बचाव उड़ानें मुख्य रूप से रसुवा, तिमुरे, त्रिशूली और धुंचे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। एक विशेष बचाव दल सुरंग में जारी राहत अभियान का जायज़ा लेने के लिए भी पहुँचा है।

भारत की राहत: 57.5 टन सामग्री और चिकित्सा दल

भारत ने आपदा के तुरंत बाद अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए कदम उठाए। अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है। शुक्रवार रात 10 टन राहत सामग्री की एक और खेप काठमांडू पहुँची। इसके साथ ही 11 सदस्यीय चिकित्सकों और पैरामेडिक्स की टीम भी नेपाल रवाना की गई है।

विदेश मंत्री जयशंकर का बयान, 21 भारतीय सुरक्षित

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय टीमें मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। उन्होंने 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सेना का विशेष आभार भी व्यक्त किया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-नेपाल संबंध पहले से ही मज़बूत कूटनीतिक धरातल पर हैं, और इस संकट ने दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को और गहरा किया है। आने वाले दिनों में राहत एवं पुनर्वास कार्य और तेज़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि नेपाल में बाढ़ और ग्लेशियर झील विस्फोट की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जो जलवायु परिवर्तन की गहरी चुनौती को रेखांकित करती हैं। दीर्घकालिक आपदा प्रबंधन और पूर्व-चेतावनी प्रणाली में द्विपक्षीय निवेश की ज़रूरत अब राहत सामग्री से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गई है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के शनिवार सुबह 10 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार 626 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 2,500 लोग लापता हैं। रसुवा, चितवन, धाडिंग, तनहुँ, गोरखा, नुवाकोट और नवलपरासी ईस्ट में शव बरामद किए गए हैं।
भारत ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए क्या-क्या मदद भेजी है?
भारत ने अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी है, जिसमें शुक्रवार रात पहुँची 10 टन की एक अतिरिक्त खेप शामिल है। इसके साथ 11 सदस्यीय चिकित्सकों और पैरामेडिक्स की टीम तथा एक विशेष बचाव दल भी भेजा गया है।
नेपाल के राष्ट्रपति पौडेल ने भारत का आभार क्यों जताया?
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 26 अगस्त 2026 की बाढ़ आपदा के दौरान भारत द्वारा दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए एक्स पर पोस्ट कर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और भारत सरकार का आभार जताया। उन्होंने इस आपदा में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
नेपाल बाढ़ में बचाव अभियान कहाँ चल रहा है?
बचाव उड़ानें मुख्य रूप से रसुवा, तिमुरे, त्रिशूली और धुंचे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। नेपाल सेना और स्वयंसेवक राहत एवं खोज कार्य में लगे हैं, और एक विशेष दल सुरंग बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर जानकारी दी कि भारतीय टीमें मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। उन्होंने नेपाल सेना का विशेष आभार जताया जिसने 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद की।
राष्ट्र प्रेस
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