नेपाल बाढ़ त्रासदी: राष्ट्रपति पौडेल ने भारत की मदद पर जताया आभार, 626 की मौत, 2500 लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 26 अगस्त 2026 की विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत द्वारा भेजी जा रही राहत सामग्री और सहयोग के लिए औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए इस आपदा में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना भी प्रकट की।
राष्ट्रपति पौडेल का आभार और संवेदना संदेश
राष्ट्रपति पौडेल ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'नेपाल की सरकार और जनता की ओर से मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार व्यक्त करता हूँ। भारत सरकार की ओर से दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए नेपाल सरकार और जनता की ओर से दिल से धन्यवाद।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'हम 26 अगस्त 2026 की आपदा में भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत सरकार और वहाँ के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करते हैं।' यह कथन दोनों देशों के बीच आपदा के समय में मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करता है।
बाढ़ की तबाही: 626 मौतें, 2500 लापता
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के शनिवार सुबह 10 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार इस बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 2,500 लोग अभी भी लापता हैं। रसुवा, चितवन, धाडिंग, तनहुँ, गोरखा, नुवाकोट और नवलपरासी ईस्ट जैसे क्षेत्रों में शव बरामद किए जा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक, पहाड़ और ग्लेशियर विशेषज्ञ अचानक आई इस बाढ़ के कारणों की जाँच में जुटे हैं।
बचाव अभियान: नेपाल सेना और स्वयंसेवक मोर्चे पर
नेपाल सेना समेत अनेक स्वयंसेवक बाढ़ पीड़ितों को बचाने और घायलों की तलाश में लगे हैं। बचाव उड़ानें मुख्य रूप से रसुवा, तिमुरे, त्रिशूली और धुंचे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। एक विशेष बचाव दल सुरंग में जारी राहत अभियान का जायज़ा लेने के लिए भी पहुँचा है।
भारत की राहत: 57.5 टन सामग्री और चिकित्सा दल
भारत ने आपदा के तुरंत बाद अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए कदम उठाए। अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है। शुक्रवार रात 10 टन राहत सामग्री की एक और खेप काठमांडू पहुँची। इसके साथ ही 11 सदस्यीय चिकित्सकों और पैरामेडिक्स की टीम भी नेपाल रवाना की गई है।
विदेश मंत्री जयशंकर का बयान, 21 भारतीय सुरक्षित
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय टीमें मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। उन्होंने 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सेना का विशेष आभार भी व्यक्त किया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-नेपाल संबंध पहले से ही मज़बूत कूटनीतिक धरातल पर हैं, और इस संकट ने दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को और गहरा किया है। आने वाले दिनों में राहत एवं पुनर्वास कार्य और तेज़ होने की उम्मीद है।