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नेपाल के विदेश मंत्री और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग जून में करेंगे चीन की यात्रा

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नेपाल के विदेश मंत्री और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग जून में करेंगे चीन की यात्रा

सारांश

नेपाल के विदेश मंत्री और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग — दोनों एक ही सप्ताह में बीजिंग पहुँच रहे हैं। BRI विस्तार और म्यांमार संकट के बीच चीन की यह कूटनीतिक सक्रियता क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका का संकेत है।

मुख्य बातें

नेपाल के विदेश मंत्री शीघ्र चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे; वार्ता में बेल्ट एंड रोड और रणनीतिक साझेदारी पर ज़ोर रहेगा।
म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग 15 से 19 जून तक चीन की राजकीय यात्रा करेंगे।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग , प्रधानमंत्री ली छ्यांग और चाओ लची म्यांमार के राष्ट्रपति से अलग-अलग भेंट करेंगे।
चीन ने नेपाल की नई सरकार के साथ राजनीतिक विश्वास और व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की मंशा जताई।
यह यात्रा म्यांमार में चल रहे संघर्ष और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच चीन के म्यांमार समर्थन को रेखांकित करती है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने शुक्रवार, 12 जून को बीजिंग में नियमित संवाददाता सम्मेलन में पुष्टि की कि नेपाल के विदेश मंत्री शीघ्र ही चीन की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग 15 से 19 जून के बीच चीन की राजकीय यात्रा करेंगे। ये दोनों यात्राएं चीन की अपने पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती हैं।

नेपाल के साथ संबंध और बेल्ट एंड रोड

प्रवक्ता लिन च्येन ने कहा कि चीन, नेपाल के साथ अपने संबंधों को विशेष महत्व देता है। उन्होंने बताया कि नेपाली विदेश मंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य नेपाल की नई सरकार के साथ आपसी राजनीतिक विश्वास को मज़बूत करना, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाना और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण को आगे बढ़ाना है। लिन च्येन के अनुसार, इस यात्रा से चीन-नेपाल रणनीतिक साझेदारी को और गति मिलेगी।

गौरतलब है कि नेपाल में हाल ही में सरकार बदली है और नई सरकार के साथ चीन का यह पहला उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संपर्क महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRI के तहत नेपाल में कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर चर्चा चल रही है।

म्यांमार राष्ट्रपति की राजकीय यात्रा

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग 15 से 19 जून तक चीन की पाँच दिवसीय राजकीय यात्रा पर आएंगे। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग उनसे द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ली छ्यांग और चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लची भी अलग-अलग म्यांमार के राष्ट्रपति से भेंट करेंगे।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब म्यांमार में 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से आंतरिक संघर्ष जारी है और पश्चिमी देशों ने म्यांमार की सैन्य सरकार पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। ऐसे में चीन का यह कदम म्यांमार के सबसे बड़े कूटनीतिक समर्थकों में से एक के रूप में उसकी भूमिका को और स्पष्ट करता है।

चीन-म्यांमार संबंधों का संदर्भ

प्रवक्ता लिन च्येन ने कहा कि चीन और म्यांमार 'परंपरागत मित्रवत पड़ोसी देश' हैं और 'साझे भविष्य वाले समुदाय' के रूप में जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के ज़रिए चीन, म्यांमार के साथ व्यापक रणनीतिक सहयोग को और गहरा करना चाहता है, ताकि दोनों देशों की जनता को अधिक लाभ मिल सके। चीन, म्यांमार में ऊर्जा, बंदरगाह और परिवहन क्षेत्र में बड़े निवेश कर चुका है।

क्षेत्रीय कूटनीति पर असर

एक सप्ताह में दो पड़ोसी देशों के शीर्ष नेताओं की यात्राएं दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन की कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती हैं। विश्लेषकों के अनुसार, चीन इन यात्राओं के ज़रिए अपने 'साझे भविष्य वाले समुदाय' के विचार को व्यावहारिक रूप देने की कोशिश कर रहा है। आगे देखना होगा कि इन वार्ताओं से ठोस समझौते और परियोजनाएं किस रूप में सामने आती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मिलकर यह संदेश देते हैं कि चीन अपने रणनीतिक परिधि में किसी भी सत्ता-परिवर्तन को अपने हित में भुनाने में देर नहीं करता। पश्चिमी देश जहाँ म्यांमार को अलग-थलग करने की नीति पर हैं, वहीं चीन उसे गले लगा रहा है — यह विरोधाभास भारत के लिए भी कूटनीतिक चुनौती है, क्योंकि दोनों देश भारत की सीमा से लगे हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के विदेश मंत्री की चीन यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नेपाल की नई सरकार के साथ आपसी राजनीतिक विश्वास मज़बूत करना, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाना और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण को आगे बढ़ाना है। चीन इस यात्रा को चीन-नेपाल रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के अवसर के रूप में देख रहा है।
म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग चीन कब जाएंगे?
म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आउग ह्लाएग 15 से 19 जून तक चीन की पाँच दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर हो रही है।
चीन में म्यांमार के राष्ट्रपति की किनसे मुलाकात होगी?
राष्ट्रपति शी चिनफिंग उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री ली छ्यांग और चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी समिति के अध्यक्ष चाओ लची भी अलग-अलग उनसे भेंट करेंगे।
म्यांमार संकट के बीच यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण है?
2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद पश्चिमी देशों ने म्यांमार की सैन्य सरकार पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश की है। ऐसे में चीन का यह राजकीय निमंत्रण म्यांमार की सरकार को कूटनीतिक वैधता देने जैसा है और क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और नेपाल का क्या संबंध है?
नेपाल ने 2017 में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत सड़क, रेल और ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा चल रही है। नई सरकार के साथ चीन इन परियोजनाओं को फिर से गति देना चाहता है, हालांकि आलोचकों का कहना है कि BRI परियोजनाओं की शर्तें छोटे देशों के लिए कर्ज़ का बोझ बढ़ा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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