नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा कैबिनेट बैठक, अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार, 25 मई की शाम अमेरिका-ईरान के बीच कथित मसौदा समझौते पर विचार-विमर्श के लिए सुरक्षा कैबिनेट के सीमित सदस्यों की आपात बैठक बुलाई है। द टाइम्स ऑफ इज़रायल की रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक व्यापक संघर्ष-विराम समझौते की खबरें सुर्खियाँ बटोर रही हैं।
मसौदा समझौते में क्या है
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित मसौदे में सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने का प्रावधान शामिल हो सकता है — जिसमें लेबनान में इज़रायल के चल रहे हवाई अभियान भी शामिल हैं। यह प्रावधान नेतन्याहू के लिए सबसे बड़ी बाधा बन सकता है, क्योंकि वे हिज़्बुल्लाह के पूर्ण निरस्त्रीकरण की माँग पर अड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी मध्यस्थता में लागू हुए संघर्ष विराम के बावजूद, इज़रायल ने लेबनान में — विशेषकर लितानी नदी के उत्तर और दक्षिण दोनों क्षेत्रों में — नियमित हवाई हमले जारी रखे हैं।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने संयुक्त रूप से तेहरान सहित कई प्रमुख ईरानी शहरों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे गए। इसी के जवाब में हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल पर रॉकेट दागे, जिसके बाद से इज़रायल का सैन्य अभियान जारी है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से अब तक हिज़्बुल्लाह और इज़रायल के बीच जारी संघर्ष में 3,111 लोगों की मौत हो चुकी है। जवाबी कार्रवाई में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल और दक्षिणी लेबनान में इज़रायली सैनिकों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका-ईरान समझौते की संभावना पर यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने स्वागत जताया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, 'हमें ऐसा समझौता चाहिए जो संघर्ष को समाप्त करे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोले, साथ ही बिना किसी शर्त और बिना किसी प्रतिबंध के नौवहन की पूर्ण स्वतंत्रता सुनिश्चित करे।'
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि एक ऐसे समझौते की ज़रूरत है जो संघर्ष को समाप्त करे और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में स्वतंत्र नौवहन बहाल करे।
आगे क्या होगा
नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट बैठक के नतीजे तय करेंगे कि इज़रायल इस संभावित समझौते पर किस रुख के साथ आगे बढ़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और वैश्विक समुदाय एक स्थायी युद्धविराम की उम्मीद लगाए बैठा है।